
पत्रकारों को मानहानि का नोटिस जारी करने के विरोध में संगठनों का हल्ला बोल मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन
जशपुर, 11 सितम्बर 2025 : छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के गृह ज़िले जशपुर में पत्रकारों पर नोटिस थोपने और मानहानि का मुकदमा दर्ज कराने की धमकी के विरोध में जशपुर जिले भर के पत्रकार संगठनों ने एकजुट होकर शुक्रवार को ज़िला कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर जोरदार विरोध दर्ज कराया। इस दौरान उन्होंने कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें जनसंपर्क विभाग की सहायक संचालक नूतन सिदार के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की गई है।
ज्ञात हो कि पत्रकारों ने ज्ञापन में आरोप लगाया कि नूतन सिदार ने अपने अधीनस्थ कर्मचारियों की आड़ लेकर पत्रकारों को एक-एक करोड़ रुपये की मानहानि नोटिस थमाई है। यह कदम न केवल असंवैधानिक और अलोकतांत्रिक है, बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा हमला है। पत्रकारों का कहना है कि इससे साफ प्रतीत होता है कि विभागीय अधिकारी लोकतांत्रिक मूल्यों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का दमन करने की कोशिश कर रहे हैं।
जन संपर्क अधिकारी के विरोध में ज्ञापन में लगाए गए ये है आरोप :
पत्रकारों ने अपने ज्ञापन में विस्तार से लिखा है कि—
1) पत्रकारों को मानहानि नोटिस भेजकर अपमानित किया गया और लोकतंत्र की गरिमा को ठेस पहुँचाई गई।
2) इस पूरे प्रकरण पर जिला कलेक्टर द्वारा चुप्पी साध लेना दुर्भाग्यपूर्ण और संदिग्ध है।
3) विभागीय अधिकारी जनसंपर्क आयुक्त के साथ मिलकर षड्यंत्र की पटकथा लिख रहे हैं।
4) मुख्यमंत्री और संवाद प्रमुख को गुमराह कर गलत दिशा में धकेला गया है।
5) पत्रकारों को अपराधी की तरह प्रस्तुत करने का कृत्य लोकतंत्र पर सीधा हमला है।

ये है यहां के पत्रकारों की प्रमुख मांगे :
1) नूतन सिदार के खिलाफ तत्काल अपराध पंजीबद्ध किया जाए और उन्हें सेवा से बर्खास्त किया जाए। 2) उच्च स्तरीय जांच समिति गठित कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि दोषियों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई हो सके। 3) शासन-प्रशासन यह स्पष्ट करे कि पत्रकारों को धमकाने और मानहानि नोटिस भेजने का आदेश किसके दबाव में और क्यों दिया गया। 4) जनसंपर्क विभाग में सुधारात्मक कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में पत्रकारों को ऐसी प्रताड़ना का सामना न करना पड़े।
पत्रकारों के इस मामले प्रशासन ध्यान नहीं दिया तो होगा उग्र आंदोलन :
ज्ञापन में पत्रकारों ने स्पष्ट कहा कि यह मामला केवल जशपुर जिले का नहीं है, बल्कि पूरे प्रदेश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और प्रेस की स्वतंत्रता से जुड़ा हुआ है। यदि इस पर त्वरित और ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो राज्यभर के पत्रकार उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
जशपुर मे दिखा पत्रकारों मे आरी एकजुटता व उपस्थिति :
जशपुर के इस 10 सितंबर को हुई पत्रकारों के द्वारा एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया जाना। वही भारी संख्या में उपस्थिति दर्ज के साथ ज्ञापन पर बड़ी संख्या में स्थानीय पत्रकारों, वरिष्ठ पत्रकारों, संगठनों के प्रतिनिधियों और युवा पत्रकारों के हस्ताक्षर दर्ज हैं। इससे साफ है कि इस मुद्दे ने पूरे पत्रकार समुदाय को एकजुट कर दिया है और सभी पत्रकार इस मामले को अपनी प्रतिष्ठा और अस्तित्व की लड़ाई मान रहे हैं।जो यह दिन ब दिन विकराल रूप धारण करते हुए नजर आरहा है।


बता दे कि जशपुर जिले के जिला जनसम्पर्क अधिकारी नूतन सिदार के द्वारा पत्रकारों को सच को सामने रखने पर उनके द्वारा अपने पद का दुरुपयोग करते हुए। पत्रकारों को 1 करोड़ की मानहानि का दावा करते हुए नोटिस जारी किया गया है। जिसमे कि यह मामला अब केवल जशपुर जिले के लिए नहीं, स्थानीय ही नहीं रह गया है। बल्कि अब राज्यस्तरीय होता दिखाई दे रहा है। जो छत्तीसगढ़ की राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल को भी तेज कर सकता है। क्योंकि मामला सीधे छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी के गृह ज़िले से जुड़ा है। सोचने वाली बात यह भी है कि अभी तक मुख्यमंत्री जी के द्वारा इस संबंध में कोई प्रतिक्रिया नहीं आया है।





