
अदाणी पांवर रायखेडा मे मजदूरों ने मांगो को लेकर कर रहे अनिश्चितकालीन हड़ताल
तिल्दा-नेवरा : छत्तीसगढ़ के जिला रायपुर के क्षेत्र विकासखंड तिल्दा नेवरा के समीपस्थ औद्योगिक क्षेत्र के अंतर्गत संचालित आडानी पांवर मे मजदुरो के हक व अधिकार की लड़ाई अब सड़क पर उतर आयी है। मजदुरो ने अनिश्चितकालीन आंदोलन की बिगुल फूंक दिया है । कहां जा रहा है ,कि संबंधित मजदुर औद्योगिक अधिनियम के तहत अपनी जायज मांगों को लेकर उद्योग प्रबंधन के खिलाफ कमर कस लिया है । इस प्लांट से संबंधित मजदुर औद्योगिक अधिनियम के तहत मजदुरो को मिलने वाली अधिकार व हक को लेकर उद्योग प्रबंधन को अवगत कराता रहा है। लेकिन उद्योग प्रबंधन ने इस मामले पर महज आश्वासन ही देता था। आखिरकार मजदुरो की सब्र की बांध टूट गई और वे आंदोलन की ओर रूख कर लिया है । इस अडाणी पावर प्लांट के मुख्य द्वार के सामने भारी संख्या में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे मजदुर उद्योग के खिलाफ बड़ा आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है ।
गौरतलब हो कि मजदुरो के अनुसार यहां प्लांट में कार्यरत मजदुरो को श्रमायुक्त के परिपत्र का हवाला देते हुए। 1 जनवरी 2025 से मौजूदा वेतन से संशोधित वेतनमान निचे दी गयी आधार पर समायोजित किया जाना है। वही साथ ही वार्षिक वेतन-वृद्धि भी दिया जाना सुनिश्चित है। जिंनमे अकुशल का वार्षिक वेतन-वृद्धि 5% ,अर्द्धकुशल 7% , कुशल 8% , एवं उच्च कुशल 10% , किया जाना है।

बता दे कि इसी तरह 1) न्यूनतम गारंटीकृत लाभ के रूप में सभी श्रमिकों को 5000/ रूपये वृद्धि का भुगतान किया जाना ,2) महंगाई भत्ता – मार्च 2025 के लिए लागू AlCPI संख्या के ऊपर जीवन यापन की लागत में वृद्धि की भरपाई,3) न्यूट्राइलेजन फार्मूले के माध्यम से किया जाना सुनिश्चित है। जिनमे डबल लिंकेज की ब्यवस्था होगी। 4) वैकल्पिक रूप से प्रति बिंदु न्यूट्राइलेजन दर को बढ़ाकर 02 रूपये प्रति वर्ष किया जाना। 5) इसी तरह पदोन्नति प्रक्रिया में एक ही ग्रेड में तीन वर्ष की सेवा पूरी करने पर सभी कर्मचारियों को न्यूनतम दो अतिरिक्त वृद्धि के साथ स्वचलित रूप से अगले उच्च ग्रेड में पदोन्नति,। सभी कर्मचारियों को 01 अप्रेल 2025 से संशोधित मूल वेतन से दस प्रतिशत की दर से मकान किराया भत्ता,का भुगतान। कर्मचारियों को दो हजार रूपए प्रतिमाह वाहन भत्ता। प्रति माह शिक्षा भत्ता एक हजार रुपए का भुगतान। इसी तरह 500 रूपये धुलाई भत्ता, 300 रुपए प्रति माह धुल भत्ता, अनुबंध श्रम प्रणाली का उन्मूलन, वार्षिक बोनस ,रात्रि पाली भत्ता, सहित प्रतिवर्ष दो जोड़ी वर्दी की मांग की गई है जो कि श्रम अधिनियम के अंतर्गत सुनिश्चित किया गया है ।






