
तिल्दा में महान स्व सं सेनानी डां. खुबचंद बघेल जी के प्रतिमा खंडित करने के विरोध में छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना सौपा ज्ञापन
तिल्दा-नेवरा : नगर पालिका परिषद तिल्दा नेवरा में छत्तीसगढ़ के महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, समाज सुधारक एवं छत्तीसगढ़ी अस्मिता के पुरोधा डॉ. खूबचंद बघेल की मूर्ति एवं चौक को असामाजिक तत्वों द्वारा तोड़फोड़ कर क्षतिग्रस्त कर दिया गया है। इस घटना से क्षेत्रवासियों एवं छत्तीसगढ़िया समाज में भारी आक्रोश व्याप्त है।
बता दे कि छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना एवं जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के पदाधिकारियों का कहना है कि प्रदेश में लगातार छत्तीसगढ़ के पुरखों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और सांस्कृतिक प्रतीकों की अनदेखी की जा रही है। इससे पहले रायपुर में भी छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति को असामाजिक तत्वों द्वारा तोड़ा गया था, जिसे लेकर आंदोलन करने के कारण जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अमित बघेल आज भी जेल में हैं। उनके साथ छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अजय यादव एवं जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के केंद्रीय सदस्य दिनेश वर्मा भी जेल में बंद हैं।
इस अवसर पदाधिकारियों ने कहा कि शासन-प्रशासन द्वारा लगातार छत्तीसगढ़ के पुरखों और उनकी विरासत की अनदेखी की जा रही है, जिसे छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना एवं जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं करेगी। इस घटना को लेकर 20 तारीख को पुरखों के सम्मान में आंदोलन की चेतावनी दी गई है।
इस संबंध में तिल्दा थाना, तहसील कार्यालय, नगर पालिका परिषद तिल्दा तथा एसडीएम कार्यालय में आवेदन देकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है।

गौरतलब हो कि कि डॉ. खूबचंद बघेल छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी, समाज सुधारक और राजनेता थे। उनका जन्म 19 जुलाई 1900 को रायपुर जिले के ग्राम पथरी में हुआ था तथा 22 फरवरी 1969 को उनका निधन हुआ। उन्होंने छत्तीसगढ़ की भाषा, संस्कृति और अधिकारों के लिए निरंतर संघर्ष किया तथा छत्तीसगढ़ राज्य की अवधारणा को प्रारंभिक दौर में ही सामने रखा। इसके साथ ही उन्होंने ग्रामीण समाज, किसानों और गरीबों के उत्थान के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए।
इस लिए ही आज भी छत्तीसगढ़ में उन्हें छत्तीसगढ़ी अस्मिता और स्वाभिमान के प्रतीक के रूप में सम्मानपूर्वक याद किया जाता है।






