
ब्रेकिंग : सिलयारी थाना क्षेत्र मे एक और शर्मनाक घटना मे शिक्षा के मंदिर में प्रधानाध्यापक गये जेल
अपने सह महिला शिक्षिका की अस्मत लूटने का प्रयास व जान से मारने का किया कोशिश दिये धमकी
धरसींवा/रायपुर :छत्तीसगढ़ के जिला रायपुर के क्षेत्र विकासखंड धरसींवा के अंतर्गत ग्राम तरेसर मे शिक्षा का मंदिर कहे जाने वाले स्कूलों में महिला शिक्षिकाओं की सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवालिया निशान खड़ा हो गया है। जहां जिला रायपुर के क्षेत्र विकासखंड ब्लॉक मुख्यालय धरसींवा के अंतर्गत कुछ दिन पहली ही ग्राम खौना मे एक नाबालिग लड़की की दुष्कर्म का मामला सामने आया था। वही अब महज महिने भर के अंतराल मे ही आने वाले ग्राम पंचायत तरेसर स्थित शासकीय प्राथमिक शाला से एक बेहद शर्मसार और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। जहां राष्ट्र के निर्माताओं को गढ़ने वाले परिसर में ही एक महिला शिक्षिका के सम्मान और जान पर बन आई।
ज्ञात हो कि ग्राम तरेसर के सरकारी स्कूल के ही प्रधान पाठक ने सारी मर्यादाओं को ताक पर रखकर अपनी सहकर्मी महिला शिक्षक के साथ न केवल दरिंदगी की हदें पार करने की कोशिश कीये। बल्कि विरोध करने पर उसे जान से मारने का भी प्रयास किया। इस घटना ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि यदि कार्यस्थल पर ही महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। तो वे समाज में खुद को कहां सुरक्षित महसूस करेंगी।
गौरतलब हो कि पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम पथरी निवासी 50 वर्षीय जय राम सेन तरेसर प्राथमिक शाला में प्रधान पाठक के पद पर पदस्थ है। बताया जा रहा है कि, आरोपी प्रधान पाठक पिछले कई महीनों से स्कूल परिसर के भीतर ही वहां पदस्थ एक महिला शिक्षिका को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था। वह आए दिन महिला टीचर के साथ छेड़छाड़ करता और स्कूल के माहौल को खराब कर उसे परेशान रखता था। लोकलाज और काम के माहौल को बनाए रखने के चलते पीड़ित महिला लगातार उसकी हरकतों को सहती रही, लेकिन बीते 24 जून को आरोपी की प्रवृत्तियों ने बेहद भयानक रूप अख्तियार कर लिया।
बता दे कि यह शर्मनाक घटना बुधवार, 24 जून की सुबह करीब दस बजे जैसे ही स्कूल खुला। आरोपी प्रधान पाठक जय राम सेन ने अपनी गरिमा को भूलकर महिला शिक्षिका के साथ दोबारा छेड़छाड़ शुरू कर दी और अश्लील व गंदे इशारे करने लगा। इस बार पानी सिर से ऊपर जा चुका था। जिसके चलते महिला शिक्षक ने सहने के बजाय आरोपी की इस घिनौनी हरकत का खुलकर और कड़ा विरोध किया। अपने मातहत कर्मचारी से विरोध झेलना आरोपी प्रधान पाठक को इस कदर नागवार गुजरा कि, वह हैवानियत पर उतारू हो गया।
अवगत हो कि जानकर हैरानी होती है कि गुस्से में तमतमाए प्रधान पाठक ने सरेराह स्कूल के भीतर ही महिला टीचर का गला दबा दिया और उन्हें जान से मारने की कोशिश करने लगा। तभी महिला की चीख-पुकार सुनकर स्कूल में मौजूद अन्य शिक्षक तुरंत मौके की तरफ दौड़े। उन्होंने मुस्तैदी दिखाते हुए। किसी तरह बीच-बचाव किया और आरोपी प्रधान पाठक के चंगुल से सहमी हुई महिला शिक्षिका को छुड़वाया, जिससे एक बड़ी अनहोनी होने से टल गई।इस खौफनाक वारदात के बाद पीड़ित महिला शिक्षक ने हिम्मत दिखाई और सीधे थाने पहुंचकर मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। महिला की रिपोर्ट पर सिलयारी पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल तत्परता दिखाई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी प्रधान पाठक जय राम सेन को उसके ठिकाने से गिरफ्तार कर लिया है और उसे सलाखों के पीछे भेज दिया गया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 74 (महिला की लज्जा भंग करने के इरादे से उस पर हमला या आपराधिक बल प्रयोग), धारा 115(2) (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना) और धारा 351(3) (आपराधिक धमकी देना) के तहत अपराध दर्ज कर मामले को विवेचना में लिया है।
इस मामले में सिलयारी चौकी प्रभारी सुशील वर्मा ने बताया कि, तरेसर स्थित शासकीय प्राथमिक शाला में महिला शिक्षिका के साथ छेड़छाड़ और जानलेवा हमले की गंभीर शिकायत प्राप्त हुई थी। पीड़िता की रिपोर्ट पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी प्रधान पाठक को गिरफ्तार कर लिया है। कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा और उनके सम्मान से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ पुलिस सख्त से सख्त कानूनी कदम उठाएगी। मामले की विस्तृत विवेचना जारी है। अब महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा दिन ब दिन बदतर हो रही है।





