अल्दा मे कथित फर्जी NOC मामले में FIR दर्ज, ग्रामीणों के बयान भी दर्ज… फिर भी गिरफ्तारी नहीं

तिल्दा-नेवरा : छत्तीसगढ़ के जिला रायपुर के विकासखंड तिल्दा नेवरा के समीपस्थ ग्राम पंचायत अल्दा में शासकीय कार्यवाही रजिस्टर में कथित कूटरचना कर फर्जी NOC तैयार किए जाने का मामला अब एक बार फिर सुर्खियों में है। मामले को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि शिकायत के बाद FIR दर्ज हो चुकी है, पुलिस कार्यालय में बयान भी दर्ज हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होना कई सवाल खड़े कर रहा है।

बता दे कि जब FIR हो गई तो फिर कार्रवाई की रफ्तार कहां अटक गई। यह सवाल अब सिर्फ अल्दा के ग्रामीणों तक सीमित नहीं है। ग्रामीणों द्वारा दिए गए आवेदन में साफ तौर पर कहा गया है कि कथित फर्जी NOC तैयार करने के मामले में पहले शिकायत दर्ज कराई गई थी। इसके बाद FIR भी दर्ज हुई और ग्रामीणों के बयान भी पुलिस के समक्ष लिए गए।
सवाल यह है आवेदन के अनुसार, इसके बावजूद मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
ऐसे में ग्रामीणों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है
FIR के बाद भी गिरफ्तारी क्यों नहीं?
क्या जांच के नाम पर कार्रवाई को टाला जा रहा है। अगर आरोप गंभीर हैं। तो कार्रवाई में देरी किस वजह से
और अगर गिरफ्तारी जरूरी नहीं है। तो इसकी वजह क्या है।
इन सवालों का जवाब अब पुलिस और प्रशासन से मांगा जा रहा है।
गौरतलब हो कि ग्रामीणों में आक्रोश, प्रशासन को दी आंदोलन की चेतावनी। आवेदन में ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि FIR दर्ज होने और बयान पूरे होने के बाद भी गिरफ्तारी नहीं होने से लोगों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि कार्रवाई में देरी से आरोपियों के हौसले बढ़ने की स्थिति बन रही है ग्रामीणों ने प्रशासन से नामजद आरोपियों के खिलाफ तत्काल गिरफ्तारी और निष्पक्ष वैधानिक कार्रवाई की मांग की है।
SDM कार्यालय घेराव की चेतावनी :
मामला अब केवल शिकायत और आवेदन तक सीमित रहने के बजाय आंदोलन की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि आरोपियों के खिलाफ न्यायपूर्ण कार्रवाई नहीं की जाती है, तो ग्राम पंचायत अल्दा, देवरी और क्षेत्र के ग्रामीण, महिलाएं तथा जनप्रतिनिधि SDM कार्यालय तिल्दा के समक्ष शांतिपूर्ण घेराव एवं आंदोलन करेंगे।
आवेदन में यह भी कहा गया है कि आंदोलन तब तक जारी रखने की बात कही गई है, जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी कर कानूनी कार्रवाई नहीं की जाती।
पंचायत के सरकारी रजिस्टर में कथित फर्जीवाड़े का मामला
इस पूरे मामले की गंभीरता इसलिए भी बढ़ जाती है क्योंकि आरोप ग्राम पंचायत के शासकीय कार्यवाही रजिस्टर में कथित कूटरचना और फर्जी NOC तैयार करने से जुड़ा हुआ है ग्रामीणों का कहना है कि यदि सरकारी दस्तावेजों में कथित तौर पर फर्जी प्रविष्टि की गई है, तो मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कानूनी कार्रवाई जरूरी है। वहीं अब पुलिस की कार्रवाई को लेकर ही सवाल खड़े किए जा रहे हैं।
सबसे बड़ा सवाल जवाबदेही आखिर किसकी
मामले में FIR दर्ज होने की बात सामने आ चुकी है। ग्रामीणों के बयान भी दर्ज किए जा चुके हैं। इसके बाद भी यदि गिरफ्तारी नहीं हुई है। तो ग्रामीणों का सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर कार्रवाई में देरी क्यों हो रही है और इसकी जवाबदेही किसकी है क्या पुलिस जांच में अभी कोई महत्वपूर्ण पहलू बाकी है।
क्या आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर कानूनी प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। या फिर मामले में कार्रवाई की रफ्तार किसी अन्य कारण से धीमी है।
इन सवालों का स्पष्ट जवाब फिलहाल ग्रामीण मांग रहे हैं अब पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी निगाहें अल्दा के ग्रामीणों ने अपने आवेदन के माध्यम से प्रशासन से तत्काल संज्ञान लेकर आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी गई है अब देखना यह है कि पुलिस इस मामले में आगे क्या कार्रवाई करती है और प्रशासन ग्रामीणों के सवालों का क्या जवाब देता है FIR के बाद भी गिरफ्तारी नहीं आखिर मामला अटका कहां है
सरकारी रजिस्टर में कथित फर्जीवाड़े के आरोपों की जांच कब पूरी होगी। और सबसे अहम इस पूरे मामले में जवाबदेही आखिर तय कब होगी। अल्दा के ग्रामीणों की नजर अब पुलिस और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।



