
आज आदित्य विद्या मंदिर बैकुंठ में गरिमामय ढंग से संपन्न हुआ अलंकरण एवं शपथ ग्रहण समारोह
पूर्व सैनिक कल्याण संघ तिल्दा के सदस्यों ने नव-निर्वाचित छात्र परिषद को दिलाई शपथ
बैकुंठ/तिल्दा : छत्तीसगढ़ के जिला रायपुर के विकासखंड तिल्दा नेवरा क्षेत्र के अंतर्गत बैकुंठ (टंडवा) के स्थानीय आदित्य विद्या मंदिर, बैकुंठ में नव-निर्वाचित छात्र परिषद का अलंकरण एवं शपथ ग्रहण समारोह (हर्षोल्लास, अनुशासन और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ।जिसमे इस समारोह में पूर्व सैनिक कल्याण संगठन, तिल्दा के सभी सम्मानित सदस्य मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। पूर्व सैनिकों की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष रूप से प्रेरणादायक और गौरवपूर्ण बना दिया।
बता दे कि कार्यक्रम में विद्यालय के डायरेक्टर, प्रिंसिपल, शिक्षकगण सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। समारोह का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात नव-निर्वाचित छात्र परिषद के पदाधिकारियों को उनके पद एवं दायित्व के अनुरूप सम्मानित किया गया।
छात्र परिषद के सदस्यों का हुआ अलंकरण :
अवगत हो कि अलंकरण समारोह के दौरान विद्यालय प्रबंधन एवं मुख्य अतिथियों द्वारा नव-निर्वाचित छात्र परिषद के सदस्यों को उनके पद के अनुसार बैच (Badge) एवं सैश (Sash) पहनाकर अलंकृत किया गया। छात्र परिषद के पदाधिकारियों को गुलदस्ता भेंट कर उनका उत्साहवर्धन किया गया तथा विद्यालय की जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी से निभाने के लिए शुभकामनाएं दी गईं।
इस अवसर पर विद्यार्थियों में भी विशेष उत्साह देखने को मिला। नव-निर्वाचित छात्र परिषद के सदस्यों ने अपने नए दायित्वों को पूरी जिम्मेदारी के साथ निभाने का संकल्प लिया।
पूर्व सैनिकों ने दिलाई कर्तव्यों एवं निष्ठा की शपथ :
ज्ञात हो कि समारोह का सबसे महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायक क्षण उस समय आया, जब पूर्व सैनिक कल्याण संगठन, तिल्दा के सदस्यों ने नव-निर्वाचित छात्र परिषद के पदाधिकारियों को उनके पद, कर्तव्यों, निष्ठा एवं जिम्मेदारियों की शपथ दिलाई।
गौरतलब हो कि पूर्व सैनिकों ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी संगठन या संस्था की सफलता के लिए अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा, सहयोग और टीम भावना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को नेतृत्व के महत्व को समझाते हुए कहा कि एक सच्चा नेता केवल अधिकारों का उपयोग करने वाला नहीं, बल्कि अपनी जिम्मेदारियों को समझने और उन्हें पूरी निष्ठा से निभाने वाला होता है।
उन्होंने विद्यार्थियों को राष्ट्र निर्माण, समाज सेवा, अनुशासन और जिम्मेदारी के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया। पूर्व सैनिकों के प्रेरणादायक संबोधन से विद्यालय परिसर में उपस्थित छात्र-छात्राओं में उत्साह और देशभक्ति की भावना का संचार हुआ।
राष्ट्रगान के साथ हुआ समारोह का समापन :
कार्यक्रम के समापन अवसर पर विद्यालय के डायरेक्टर एवं प्रिंसिपल ने पूर्व सैनिक कल्याण संगठन, तिल्दा के सभी सदस्यों का उनके बहुमूल्य समय, गरिमामयी उपस्थिति एवं प्रेरणादायक मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के लिए पूर्व सैनिकों का अनुभव और मार्गदर्शन जीवन में अनुशासन एवं नेतृत्व के गुण विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
अंत में राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन हुआ। राष्ट्रगान के दौरान पूरा विद्यालय परिसर देशभक्ति, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा की भावना से ओत-प्रोत नजर आया। समारोह ने विद्यार्थियों को न केवल नेतृत्व की जिम्मेदारी का एहसास कराया, बल्कि उन्हें राष्ट्र और समाज के प्रति अपने कर्तव्यों को समझने की प्रेरणा भी दी।





