पंडित दीनदयाल उपाध्याय जयंती पर तिल्दा-नेवरा में श्रद्धांजलि व भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रतिमा पर किया माल्यार्पण

तिल्दा-नेवरा : पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती के अवसर पर गुरुवार को तिल्दा-नेवरा स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय चौक में भाजपा पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धापूर्वक नमन किया। इस दौरान उपस्थित कार्यकर्ताओं ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों और उनके राष्ट्रसेवा के योगदान को स्मरण किया।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी का जीवन राष्ट्रसेवा, त्याग और समर्पण का प्रेरणास्रोत है। उन्होंने एकात्म मानववाद और अंत्योदय की अवधारणा के माध्यम से समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के कल्याण को प्राथमिकता देने का विचार प्रस्तुत किया। उनके विचार आज भी सामाजिक एवं राष्ट्रहित के कार्यों के लिए प्रेरणा प्रदान करते हैं।
भाजपा नेता राम पंजवानी ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी ने अपने जीवन को राष्ट्र और समाज की सेवा के लिए समर्पित किया। उनका अंत्योदय का विचार समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और जनकल्याण पहुंचाने की प्रेरणा देता है। उनके बताए मार्ग पर चलते हुए समाज के सभी वर्गों के हित में कार्य करने का संकल्प लेना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।
भाजपा तिल्दा शहर मंडल अध्यक्ष मनोज निषाद ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के विचारों में समाज के प्रत्येक व्यक्ति के सम्मान और कल्याण की भावना निहित है। विशेष रूप से महिलाओं और समाज के जरूरतमंद वर्गों के विकास के लिए उनके विचार आज भी प्रासंगिक हैं। उनकी जयंती पर हमें उनके आदर्शों को अपने जीवन और सामाजिक कार्यों में अपनाने का संकल्प लेना चाहिए।
भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष एवं वार्ड पार्सद रानी सौरभ जैन ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी ने भारतीय विचारधारा को मजबूत आधार देने का कार्य किया। उनका जीवन सादगी, त्याग और राष्ट्र के प्रति समर्पण का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि दीनदयाल जी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाना और समाजहित में कार्य करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
कार्यक्रम में सौरभ जैन उपाध्यक्ष भाजपा तिल्दा शहर मण्डल,डॉ. एल.पी. साहू विधायक प्रतिनिधि, गोपाल साहू भाजपा महामंत्री, सुरेश लखवानी एल्डरमैन सहित भाजपा के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके विचारों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।



