ग्राम पंचायत खपरी कला में सचिव के खिलाफ ग्रामीणों ने खोला मोर्चा

तिल्दा-नेवरा : ग्राम पंचायत खपरी कला में पंचायत सचिव के खिलाफ पंचायत प्रतिनिधियों ने मोर्चा खोल दिया है। प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने सचिव पर मनमानी करने, पंचायत के कार्यों में पारदर्शिता नहीं बरतने तथा सरपंच के साथ मिलीभगत कर कथित रूप से भ्रष्टाचार किए जाने के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि शिकायत के बावजूद जनपद पंचायत स्तर से सचिव के खिलाफ अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

वायरल वीडियो को लेकर सवाल
मामले में सचिव का एक वीडियो वायरल होने का दावा किया जा रहा है। पंचायत प्रतिनिधियों के अनुसार, वीडियो में सचिव कथित तौर पर यह कहते सुनाई दे रहे हैं कि “सरपंच अगर गलत भी रहेगा तो मैं उसी का साथ दूंगा।” इस कथित बयान को लेकर प्रतिनिधियों ने वीडियो की सत्यता और उसके पूरे संदर्भ की जांच कराने की मांग की है।
प्रतिनिधियों का कहना है कि वीडियो की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि वीडियो सही पाया जाता है तो सचिव के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। प्रतिनिधियों ने सचिव को निलंबित करने की मांग भी उठाई है।
पाइपलाइन कार्य में भ्रष्टाचार का आरोप
पंचायत प्रतिनिधियों ने पंचायत क्षेत्र में हुए पाइपलाइन कार्य में भी कथित भ्रष्टाचार और अनियमितता के आरोप लगाए हैं। उन्होंने पाइपलाइन कार्य की लागत, गुणवत्ता, भुगतान और संबंधित दस्तावेजों की जांच कराने की मांग की है। प्रतिनिधियों का कहना है कि मौके पर हुए कार्य और सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज कार्य का मिलान कराया जाए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
“जानकारी चाहिए तो RTI लगाइए”
प्रतिनिधियों के अनुसार, पंचायत के कार्यों और दस्तावेजों को लेकर जानकारी मांगने पर सचिव की ओर से कहा गया कि यदि जानकारी चाहिए तो RTI लगाकर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। प्रतिनिधियों ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि पंचायत के निर्वाचित प्रतिनिधियों को पंचायत के सामान्य कार्यों की जानकारी के लिए बार-बार RTI का सहारा क्यों लेना पड़े।
कोटेशन की जानकारी नहीं मिलने का आरोप
प्रतिनिधियों ने बताया कि पंचायत में कोटेशन से संबंधित जानकारी प्राप्त करने के लिए RTI आवेदन लगाया गया था, लेकिन उनके अनुसार अब तक मांगी गई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है। प्रतिनिधियों ने कोटेशन, प्रस्ताव, बिल-वाउचर, भुगतान और अन्य संबंधित दस्तावेजों की जांच कराने की मांग की है।
शिकायत के बाद भी जनपद पंचायत अधिकारी पर कार्रवाई नहीं होने का आरोप
ग्रामीणों ने जनपद पंचायत के अधिकारियों पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि सचिव के खिलाफ शिकायत किए जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों का कहना है कि शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होने से पंचायत के कामकाज को लेकर संदेह और असंतोष बढ़ रहा है।

पंचायत प्रतिनिधियों ने मांग की है कि वायरल वीडियो की निष्पक्ष जांच, पाइपलाइन कार्य का तकनीकी एवं वित्तीय परीक्षण और पंचायत के अन्य कार्यों के दस्तावेजों की जांच कराई जाए। साथ ही RTI के माध्यम से मांगी गई जानकारी उपलब्ध कराने तथा जांच पूरी होने तक सचिव के निलंबन की मांग की गई है।
सचिव ने रखा अपना पक्ष
वहीं, सचिव ने अपने पक्ष में कहा कि वे शासन के नियमों के अनुसार कार्य करते हैं। सचिव के अनुसार ग्राम पंचायत में होने वाले सभी कार्य ग्राम पंचायत के प्रस्ताव एवं ग्राम सभा के अनुमोदन के अनुसार ही किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि पंचायत के कार्य नियमानुसार संचालित किए जा रहे हैं। ऐसे में अब आरोपों और सचिव के पक्ष के बीच वास्तविक स्थिति विभागीय जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।



