
टंक राम वर्मा के प्रयास के प्रयास से दो मेघावी गरीब बच्चों को रायपुर कॉलेज में हुआ प्रवेश मीला उच्च शिक्षा का अवसर
सरोरा तिल्दा के दो गरीब बच्चों को उच्च शिक्षा से वंचित होते रोका मंत्री टंकराम वर्मा ने दिलाई कालेज में प्रवेश
तिल्दा-नेवरा : तिल्दा नेवरा विकासखंड के समीप स्थित ग्राम पंचायत सरोरा की दो प्रतिभाशाली छात्राओं के लिए उच्च शिक्षा का सपना अब साकार हो गया है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से आने वाली इन दोनों छात्राओं ने अपनी पढ़ाई जारी रखने की इच्छा और पारिवारिक परिस्थितियों से ग्राम पंचायत सरोरा की सरपंच उमेश्वरी विश्राम साहू को अवगत कराया। छात्राओं की समस्या को गंभीरता से लेते हुए सरपंच ने तत्काल पहल की और उनकी पूरी जानकारी छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री टंक राम वर्मा जी तक पहुंचाई।
जानकारी के अनुसार, सरोरा निवासी प्रभा साहू, पिता दीनदयाल साहू और पायल बंजारे, पिता भागीरथी बंजारे ने हाल ही में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए क्रमशः 94.4 प्रतिशत और 94.2 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। दोनों छात्राओं ने अपनी मेहनत और लगन से न केवल अपने परिवार का बल्कि पूरे ग्राम पंचायत सरोरा का नाम भी गौरवान्वित किया है।
हालांकि आर्थिक अभाव के कारण उनके सामने आगे की पढ़ाई जारी रखना चुनौती बन गया था।
सरपंच उमेश्वरी विश्राम साहू ने छात्राओं की प्रतिभा और उनकी परिस्थितियों को देखते हुए कैबिनेट मंत्री टंक राम वर्मा जी से संपर्क कर उन्हें पूरी स्थिति से अवगत कराया। मामले की गंभीरता को
समझते हुए मंत्री महोदय जी ने तत्काल रायपुर स्थित कॉलेज प्रशासन से दूरभाष पर चर्चा की और दोनों छात्राओं के प्रवेश की व्यवस्था कराने का आग्रह किया। मंत्री महोदय के त्वरित हस्तक्षेप के बाद दोनों छात्राओं का कॉलेज में प्रवेश सुनिश्चित हो गया, जिससे उनके उच्च शिक्षा प्राप्त करने का मार्ग प्रशस्त हो गया।
इस पहल से छात्राओं और उनके परिजनों में खुशी का माहौल है। ग्राम पंचायत सरोरा के जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामवासियों ने मंत्री टंक राम वर्मा जी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके सहयोग से दो मेधावी बेटियों का भविष्य सुरक्षित हुआ है। ग्रामीणों का मानना है कि प्रतिभा को उचित अवसर मिलने से ही समाज और प्रदेश का विकास संभव है।
ग्रामीणों ने सरपंच उमेश्वरी विश्राम साहू की संवेदनशील पहल की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि
जनप्रतिनिधियों की सक्रियता और जनहित के प्रति समर्पित सोच से जरूरतमंद विद्यार्थियों को समय पर सहायता मिल सकती है।
सरोरा की इन दोनों बेटियों की सफलता अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगी और यह संदेश देगी कि कठिन परिस्थितियां भी मेहनत, लगन और सही मार्गदर्शन के सामने बाधा नहीं बन सकती है।





