
ब्रेकिंग : भिलाई की शैनन मिंज ने न्यूयॉर्क में भारत का नाम किया रोशन
छत्तीसगढ़ भिलाई की शैनन मिंज नेCRS लीडरशिप प्रोग्राम में निभाई अहम भूमिका
भिलाई /दुर्ग : छत्तीसगढ़ की माटी की बेटी शैनन मिंज ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा और नेतृत्व क्षमता का लोहा मनवाया है। अमेरिका के न्यूयॉर्क में आयोजित विश्व प्रसिद्ध कैंप राइजिंग सन लीडरशिप प्रोग्राम में शैनन ने भारत का प्रतिनिधित्व कर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे प्रदेश का गौरव बढ़ाया है।
बता दे कि शैनन पिता राकेश मिंज और माता मनीषा मिंज की सुपुत्री हैं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा ओ.पी. जिंदल स्कूल रायगढ़ से प्राप्त की और वर्तमान में दिल्ली पब्लिक स्कूल भिलाई में कक्षा दसवीं की छात्रा हैं। बचपन से ही पढ़ाई के साथ-साथ सामाजिक और रचनात्मक गतिविधियों में रुचि रखने वाली शैनन का चयन इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम के लिए होना उनके निरंतर परिश्रम और समर्पण का प्रमाण है।
जानकारी के अनुसार चार सप्ताह तक चला यह नेतृत्व कार्यक्रम दुनिया भर के प्रतिभाशाली युवाओं को एक साथ लाता है। इस दौरान शैनन ने विभिन्न देशों से आए विद्यार्थियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर नेतृत्व, टीम वर्क, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और सामुदायिक सेवा की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी की। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में वैश्विक सोच, आपसी समझ, सहिष्णुता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को विकसित करना है। शैनन ने इस मंच का भरपूर उपयोग करते हुए न केवल भारतीय संस्कृति को दुनिया के सामने रखा बल्कि अन्य देशों के विचारों और अनुभवों से भी बहुत कुछ सीखा।है
इस अवसर पर कार्यक्रम के सफल समापन के पश्चात शैनन 27 जुलाई को न्यूयॉर्क से स्वदेश लौटीं। स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट रायपुर पर उनके आगमन की सूचना मिलते ही परिवार के सदस्य, रिश्तेदारहै और शुभचिंतकों की भीड़ उमड़ पड़ी। सभी ने पुष्पगुच्छ और तालियों के साथ शैनन का गर्मजोशी से स्वागत किया और उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया।
ज्ञात हो कि शैनन की यह उपलब्धि उनके माता-पिता, शिक्षकों और दोनों विद्यालयों ओ.पी. जिंदल स्कूल रायगढ़ तथा दिल्ली पब्लिक स्कूल भिलाई के लिए गर्व का विषय है। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि शैनन की सफलता इस बात का उदाहरण है कि लगन और आत्मविश्वास के साथ कोई भी छात्र अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंच सकता है। उनकी यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी और अन्य विद्यार्थियों को भी बड़े सपने देखने तथा उन्हें साकार करने के लिए प्रोत्साहित करेगी।





