जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी ने तीज-तिहार पर्वों पर रेलवे स्टेशनों में छत्तीसगढ़ी लोकगीत बजाने और नवरात परब में विशेष ट्रेनों की मांग की

तिल्दा नेवरा : जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी महिला संगठन जिला रायपुर द्वारा दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, रायपुर मंडल के डीआरएम के नाम दो महत्वपूर्ण मांगों को लेकर आवेदन प्रस्तुत किया गया। पार्टी ने छत्तीसगढ़ के तीज-तिहार एवं लोक पर्वों के अवसर पर रेलवे की यात्री सुविधाओं एवं सांस्कृतिक प्रसारण व्यवस्था में छत्तीसगढ़ी संस्कृति को उचित स्थान देने की मांग की है।

रेलवे स्टेशनों पर छत्तीसगढ़ी लोकसंगीत के प्रसारण की मांग
पार्टी द्वारा दिए गए आवेदन में कहा गया है कि छत्तीसगढ़ अपनी समृद्ध लोकसंस्कृति, लोकपरंपरा, बोली-भाषा, पहनावा और तीज-तिहार के लिए जाना जाता है। हरेली, पोरा, तीजा, भोजली, कर्मा, कुंवार नवरात, देवारी, गौरा-गौरी, छेरछेरा, फागुन तिहार, बस्तर दंशहरा सहित विभिन्न पर्व छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा हैं।पार्टी ने मांग की है कि राज्य के प्रमुख तीज-तिहार के अवसर पर रायपुर मंडल के रेलवे स्टेशनों में प्रमाणित एवं पारंपरिक छत्तीसगढ़ी लोकगीत, लोकधुन और पारंपरिक संगीत का सम्मानपूर्वक प्रसारण किया जाए। साथ ही 1 नवंबर राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर भी रेलवे स्टेशनों में विशेष व्यवस्था करते हुए छत्तीसगढ़ी लोकसंगीत का प्रसारण किया जाए।
पार्टी का कहना है कि इससे यात्रियों को छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति से परिचित होने का अवसर मिलेगा तथा स्थानीय लोककला और लोकसंगीत को सार्वजनिक मंच मिलेगा।
कुंवार नवरात में प्रमुख देवी स्थलों के लिए स्पेशल ट्रेन चलाने की मांग
दूसरे आवेदन में जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी ने कुंवार नवरात के पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ के प्रमुख शक्तिपीठों एवं देवी मंदिरों के दर्शन के लिए विशेष ट्रेन चलाने की मांग की है।आवेदन में बमलाई दाई डोंगरगढ़, महामाई मंदिर रतनपुर, खल्लारी माता मंदिर भीमखोज महासमुंद तथा चंडी मंदिर बागबाहरा जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों का उल्लेख करते हुए श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्पेशल ट्रेन चलाने की मांग की गई है।
पार्टी ने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर मंडल से कुंवार नवरात के दौरान रायपुर मंडल के अंतर्गत आने वाले रेलवे स्टेशनों से श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विशेष ट्रेन चलाने तथा बिलासपुर रेल मंडल को भी इस संबंध में प्रस्ताव भेजने का आग्रह किया है।



