दसलक्षण महापर्व की भक्ति में डूबा तिल्दा-नेवरा तप-संयम और क्षमाभाव से गूंजा जैन समाज

तिल्दा-नेवरा : जैन धर्म के आत्मशुद्धि, संयम, तप एवं मोक्षमार्ग की साधना के महान पर्व दसलक्षण महापर्व (पर्युषण) को तिल्दा-नेवरा जैन समाज द्वारा श्रद्धा, भक्ति एवं धार्मिक उल्लास के वातावरण में मनाया गया। पूरे पर्व के दौरान मंदिर परिसर में प्रतिदिन धार्मिक अनुष्ठानों के साथ भगवान जिनेंद्र देव की आराधना की गई तथा समाजजनों ने आत्मकल्याण एवं विश्वशांति की मंगलकामना की।

“धर्म बड़ा संसार में, धर्म बिना सब शून्य,
दसलक्षण की साधना करें, जीवन हो पुण्यमय पूर्ण।”
पर्व के दौरान प्रतिदिन प्रातः 7 बजे समाज के श्रद्धालु एकत्रित होते थे। प्रातः 7:30 बजे विधिवत अभिषेक एवं शांतिधारा का आयोजन किया जाता था। इसके पश्चात भक्ति एवं श्रद्धा के साथ भजन-पूजन किया गया। दोपहर में आयोजित विधान में समाजजनों ने समस्त जीवों के कल्याण, जीव मात्र की रक्षा तथा विश्व में सुख-शांति की प्रार्थना की।
दस धर्मों की आराधना का पर्व
दसलक्षण महापर्व जैन धर्म में आत्मा के दस उत्तम धर्मों
उत्तम क्षमा, मार्दव, आर्जव, शौच, सत्य, संयम, तप, त्याग, आकिंचन्य एवं ब्रह्मचर्य—की आराधना का पर्व है। इन दस धर्मों को अपने जीवन में आत्मसात कर मन, वचन और कर्म की शुद्धि करने तथा आत्मा को मोक्षमार्ग की ओर अग्रसर करने का संदेश इस पर्व के माध्यम से दिया गया।

पर्व के दौरान श्रद्धालुओं ने उपवास, तपस्या एवं संयम की साधना करते हुए अपनी आत्मिक शक्ति को जागृत किया। इस अवसर पर श्रीमती निशा (सुदेश) जैन एवं श्रीमती नेहा (सुरेंद्र) जैन ने 10 उपवास की साधना पूर्ण की, जबकि श्रीमती किरण (अशोक) नायक ने 16 कारण व्रत की साधना पूर्ण की। समाज के सभी वर्गों ने तपस्वियों की कठिन साधना एवं त्याग की हृदयपूर्वक अनुमोदना की।

‘क्षमा वीरों का आभूषण’ का दिया संदेश :
पर्व के दौरान क्षमा, मैत्री और आत्मशुद्धि का विशेष संदेश दिया गया। समाजजनों ने कहा कि दसलक्षण महापर्व हमें अपने मन से वैर, द्वेष और कटुता को दूर कर सभी के प्रति प्रेम एवं सद्भाव रखने की प्रेरणा देता है।
“शिकवे सारे मिटाकर दिल को साफ कर लेते हैं,
जो गलती कर बैठे उसे माफ कर लेते हैं।क्षमा ही वीरों का आभूषण है,
हर बैरी को अपना बना लेते हैं।
समाजजनों की रही सहभागिता :
कार्यक्रम में समाज अध्यक्ष गौरव जैन, मनोज जैन, महामंत्री शैलेश जैन, कोषाध्यक्ष अमित जैन सहित नरेंद्र जैन, महेंद्र कुमार जैन, मंगल जैन, राकेश जैन, राजेश जैन, प्रफुल्ल जैन, सुदेश जैन, अनिल जैन, सुरेंद्र जैन, प्रवीण जैन, मनीष जैन, नीटी जैन, सौरभ जैन, नवीन जैन, विकी जैन, रानू जैन, पप्पू जैन, राहुल जैन, निलय जैन सहित समाज के अनेक सदस्य उपस्थित रहे।
महिला मंडल से कुसुम जैन, पुष्प जैन, मीना जैन, ममता जैन, अनीता जैन, सोनल जैन, किरण जैन, रानी सौरभ जैन, मोनिका जैन, नेहा जैन सहित बड़ी संख्या में महिलाओं ने धार्मिक आयोजनों में सहभागिता की और तपस्वियों की साधना की अनुमोदना की।
27 सितंबर को निकलेगा धार्मिक जुलूस
समाज के पदाधिकारियों ने बताया कि 27 सितंबर 2026, रविवार को दसलक्षण महापर्व के उपलक्ष्य में धार्मिक जुलूस निकाला जाएगा। जुलूस में समाज के पुरुष सदस्यों से सफेद वस्त्र तथा महिला सदस्यों से अपने-अपने महिला मंडल की निर्धारित साड़ी पहनकर अनुशासित एवं धार्मिक गरिमा के साथ शामिल होने का आग्रह किया गया है।
दसलक्षण महापर्व के माध्यम से तिल्दा-नेवरा जैन समाज ने अहिंसा, संयम, तप, त्याग, क्षमा और आत्मशुद्धि का संदेश दिया। धार्मिक वातावरण में संपन्न हुए इस पर्व ने समाज में आध्यात्मिक चेतना, आपसी सद्भाव एवं मैत्री की भावना को और मजबूत किया।



