Chhattisgarh NewsLatest News

युक्तियुक्तकरण बना मजाक! आदेश के बाद भी नहीं छूटा अटैचमेंट

प्रतिनियुक्ति-अटैचमेंट हटाने की कवायद के बीच रायगढ़ शिक्षा विभाग में जमे शिक्षक-कर्मचारी, शासन के आदेशों के पालन पर उठे सवाल

रायगढ़ : जिले में शिक्षा व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के उद्देश्य से किए जा रहे युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया पर ही अब सवाल उठने लगे हैं। शासन स्तर पर शिक्षकों और कर्मचारियों की पदस्थापना को तर्कसंगत बनाने तथा आवश्यकता के अनुसार उन्हें मूल पदस्थापना स्थल पर भेजने की कवायद की जा रही है, लेकिन रायगढ़ जिला शिक्षा विभाग में कुछ मामलों में इसके विपरीत स्थिति दिखाई देने की बात सामने आ रही है। आरोप है कि अटैचमेंट और प्रतिनियुक्ति समाप्त करने की प्रक्रिया के बावजूद कुछ शिक्षक-कर्मचारी अब भी जिला शिक्षा कार्यालय अथवा सुविधाजनक स्थानों पर जमे हुए हैं।

img 20260914 wa00456957883608237885770 - img 20260914 wa00456957883608237885770

मामला केवल अटैचमेंट तक सीमित नहीं है। शासन के 6 अगस्त 2026 को जारी स्थानांतरण आदेश के बाद जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय रायगढ़ में पदस्थ सहायक ग्रेड-02 हरिशंकर बरेठ का स्थानांतरण शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय हाटी किया गया है। शासन के आदेश क्रमांक ESTB-102/756/2026/20-3 में उनकी वर्तमान पदस्थापना जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय रायगढ़ तथा नवीन पदस्थापना शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय हाटी दर्ज है। आदेश में स्थानांतरण का आधार प्रशासनिक बताया गया है।स्थानांतरण आदेश जारी हुए एक माह से अधिक समय बीतने के बाद भी यदि संबंधित कर्मचारी को नवीन पदस्थापना स्थल के लिए कार्यमुक्त नहीं किया गया है, तो यह स्थिति विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि शासन के स्पष्ट आदेश के बावजूद संबंधित कर्मचारी को जिला शिक्षा कार्यालय में कार्य करने की अनुमति किस आधार पर दी जा रही है।यदि इस बीच शासन से स्थानांतरण आदेश पर कोई स्थगन, संशोधन अथवा अन्य सक्षम आदेश जारी हुआ है तो उसे भी सार्वजनिक किया जाना चाहिए। वहीं यदि ऐसा कोई आदेश नहीं है और इसके बावजूद कर्मचारी मूल कार्यालय में कार्यरत हैं, तो शासन के स्थानांतरण आदेश के पालन में देरी का कारण स्पष्ट होना चाहिए।विभागीय स्तर पर लंबे समय से चले आ रहे अटैचमेंट को लेकर भी समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यालयों में शिक्षकों की आवश्यकता के बावजूद यदि शिक्षक मूल पदस्थापना से अलग स्थानों पर सेवाएं दे रहे हैं, तो इसका सीधा असर विद्यालयों की शैक्षणिक व्यवस्था पर पड़ सकता है।

युक्तियुक्तकरण का उद्देश्य ही हो रहा प्रभावित

शिक्षा विभाग में युक्तियुक्तकरण का मूल उद्देश्य शिक्षकों और कर्मचारियों की उपलब्धता को विद्यालयों की वास्तविक आवश्यकता के अनुरूप करना है। जिन स्कूलों में शिक्षकों की कमी है, वहां उपलब्ध मानव संसाधन पहुंचाना और अनावश्यक अटैचमेंट समाप्त करना इसी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। ऐसे में यदि युक्तियुक्तकरण और अटैचमेंट समाप्त करने के निर्देशों के बावजूद कर्मचारी जिला कार्यालयों में ही बने रहते हैं, तो पूरी प्रक्रिया की प्रभावशीलता पर प्रश्न उठना स्वाभाविक है।

किसके आदेश पर मिल रहा संरक्षण?

इस पूरे मामले में सबसे अहम सवाल विभागीय संरक्षण को लेकर उठ रहा है। चर्चा है कि शासन के आदेश के बाद भी संबंधित कर्मचारी को तत्काल कार्यमुक्त नहीं किया गया। यदि यह सही है तो यह स्पष्ट किया जाना जरूरी है कि उन्हें जिला शिक्षा कार्यालय में बनाए रखने का निर्णय किस अधिकारी ने लिया और इसके पीछे प्रशासनिक आवश्यकता क्या थी।साथ ही यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि जिले में लागू युक्तियुक्तकरण और अटैचमेंट समाप्त करने की प्रक्रिया सभी कर्मचारियों पर समान रूप से लागू हो रही है या कुछ मामलों में अलग-अलग मानदंड अपनाए जा रहे हैं।

cm24news

आप सभी का हमारे वेबसाइट पर हार्दिक स्वागत है आपको इस वेबसाइट पर छत्तीसगढ़ से जुड़े आवश्यक न्यूज़ एवं अपडेट देखने को मिलेंगे इस वेबसाइट में अलग-अलग वर्गों की रूचि का ख्याल रखते हुए हम खबरों का चयन करते हैं। समसामयिक खबरों के अलावे हम राजनीति, ब्यूरोक्रेसी, अपराध, बिजनेज, गैजेट, आध्यात्म, मनोरंजन, खेलकूद से जुड़ी खबरें आप तक पहुंचाते हैं। देश में कर्मचारी व शिक्षकों का एक बड़ा वर्ग है, उनसे जुडी खबरों को भी हम प्रमुखता की श्रेणी में रखते हैं। युवाओं को रोजगार संबंधी सूचना तत्काल मिले, इसे लेकर भी हमने अपनी वेबसाइट में जॉब/शिक्षा का एक अलग कॉलम रखा है, ताकि युवाओं को रोजगार संबंधी सूचनाएं मिल सके। ~ CM24News

Leave a Reply