Breaking : कुंदरू बैकुंठ किरना ओवरब्रिज उद्घाटन के कुछ ही महीनों में धंसने से लोगो भय व दहशत
बैकुंठ-कुंदरू-किरना ओवरब्रिज की निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल, तकनीकी जांच की मांग

तिल्दा-नेवरा : छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले के तिल्दा-नेवरा विकासखंड के समीपस्थ बैकुंठ-कुंदरू-किरना ओवरब्रिज की सड़क उद्घाटन के कुछ ही महीनों बाद धंसने लगी है। ओवरब्रिज का उद्घाटन 1 अप्रैल 2026 को किया गया था, लेकिन अब सड़क की सतह पर खराबी सामने आने लगी है। सड़क के एक हिस्से में गड्ढेनुमा स्थान दिखाई दे रहा है, जहां रेत-मुरुम एवं अन्य सामग्री डालकर उसे समतल करने का प्रयास किया जा रहा है।
बता दे कि स्थानीय लोगों द्वारा इसे लेकर ओवरब्रिज के निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाए जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से तैयार किए गए नए ओवरब्रिज की सड़क इतनी कम अवधि में क्षतिग्रस्त होकर मरम्मत की स्थिति में पहुंचना चिंता का विषय है। मौके पर सड़क के धंसे हुए हिस्से में मजदूरों द्वारा रेत-मटेरियल डालकर उसे समतल करने का कार्य किया जा रहा है। हालांकि स्थानीय लोगों का आरोप है कि समस्या का स्थायी समाधान करने के बजाय फिलहाल केवल ऊपरी तौर पर मरम्मत कर सड़क को समतल किया जा रहा है। इसे लेकर लोगों में चर्चा है कि क्या निर्माण के दौरान निर्धारित गुणवत्ता मानकों का पूरी तरह पालन किया गया था?
निर्माण गुणवत्ता की जांच की मांग :
स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से ओवरब्रिज की सड़क की तकनीकी जांच कराने की मांग की है। इसके साथ ही निर्माण में उपयोग की गई सामग्री की गुणवत्ता, सड़क धंसने के वास्तविक कारण और निर्माण कार्य में अपनाए गए तकनीकी मानकों की जांच किए जाने की मांग भी उठाई गई है।
लोगों का कहना है कि यदि सड़क धंसने के कारणों की समय रहते तकनीकी जांच नहीं कराई गई तो आने वाले समय में समस्या और गंभीर हो सकती है। ओवरब्रिज से प्रतिदिन बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहनों की आवाजाही होती है, ऐसे में सड़क की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
स्थानीय की मांग :
़ज्ञात हो कि स्थानीय लोगों ने मांग की है कि यदि जांच में निर्माण कार्य में किसी प्रकार की तकनीकी खामी अथवा लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार एजेंसी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए तथा सड़क की स्थायी एवं गुणवत्तापूर्ण मरम्मत कराई जाए।
उठते कई सवाल :
जानकारी के अनुसार ओवरब्रिज का उद्घाटन 1 अप्रैल 2026 को हुआ था। ऐसे में अब सड़क के धंसने और मरम्मत की जरूरत सामने आने पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का प्रमुख सवाल है कि नवनिर्मित ओवरब्रिज की सड़क कुछ ही महीनों में धंसने की स्थिति में क्यों पहुंच गई? क्या निर्माण के दौरान गुणवत्ता की पर्याप्त निगरानी की गई थी? सड़क धंसने की वास्तविक वजह क्या है और क्या मौजूदा मरम्मत स्थायी समाधान है?
इन सवालों का स्पष्ट जवाब संबंधित विभाग की तकनीकी जांच के बाद ही सामने आ सकेगा।
जाने सुपरवाइजर ने क्या कहा :
इस संबंध में मौके पर कार्य देख रहे सुपरवाइजर महेश मरकाम से जानकारी लेने पर उन्होंने कहा कि, “मैं सुपरवाइजर का कार्य करता हूं। इसके विषय में मैं कुछ नहीं कह सकता।”
अब लोगों की नजर संबंधित विभाग की जांच और कार्रवाई पर टिकी हुई है। यदि सड़क धंसने के पीछे निर्माण संबंधी तकनीकी कारण सामने आते हैं तो जिम्मेदारी तय करने के साथ-साथ ओवरब्रिज की सड़क का गुणवत्तापूर्ण एवं स्थायी सुधार कराया जाना जरूरी होगा।



