सीमेंट वर्कर्स फेडरेशन की नेशनल एग्जीक्यूटिव कमेटी की मीटिंग 7 अक्टूबर को हैदराबाद में संपन्न

हैदराबाद, 09 अक्टूबर 2026 : इंडियन नेशनल सीमेंट वर्कर्स फेडरेशन (INCWF) जो INTUC से जुड़ा है, उसकी 224वीं नेशनल एग्जीक्यूटिव कमेटी की मीटिंग 7.10.2026 को हैदराबाद में हुई। इसकी अध्यक्षता डॉ. जी. संजीव रेड्डी जी, पूर्व MP, INCWF और INTUC के प्रेसिडेंट ने की।

गौरतलब हो कि INCWF के जनरल सेक्रेटरी श्री देवराज सिंह ने प्रेसिडेंट का स्वागत शॉल और माला और फलों की टोकरी देकर किया। श्री देवराज सिंह ने जनरल सेक्रेटरी की रिपोर्ट सौंपी। अपनी रिपोर्ट में उन्होंने वहां मौजूद लोगों को बताया कि दो यूनियन, श्री सीमेंट्स, कर्नाटक और आदित्य सीमेंट, राजस्थान, हाल ही में INCWF और INTUC से जुड़ी हैं। उन्होंने हमारे फेडरेशन द्वारा जमा किए गए हमारे चार्टर ऑफ़ डिमांड्स पर सीमेंट इंडस्ट्री के सीमेंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (CMA) के साथ वेतन पर बातचीत की मीटिंग के नतीजे के बारे में भी बताया। उन्होंने INTUC के बैनर तले कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन बनाने की अहमियत भी बताई और सीमेंट इंडस्ट्री में हेल्थ और सेफ्टी की स्थिति के बारे में भी बात की। उन्होंने 4 लेबर कोड के बारे में भी बताया कि यह कैसे वर्किंग क्लास को नुकसान पहुंचाएगा। उन्होंने INTUC के प्लेनरी सेशन के बारे में भी बात की, जो 1 से 3 दिसंबर 2026 तक दिल्ली में होगा, जिसमें सीमेंट यूनियनें हिस्सा लेंगी।

INCWF के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट श्री एन. तुलसीदास ने एम्प्लॉई पेंशन स्कीम 1995 (EPS-95) + महंगाई भत्ता के तहत आने वाले पेंशनर्स की मिनिमम पेंशन रकम को Rs.1000/- से बढ़ाकर Rs.10,000/- करने की अहमियत बताई।
इस अवसर पर बैठक मे अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए। अंबुजा सीमेंट के श्री बाबूबाई बराड, अल्ट्राटेक – मणिगढ़ सीमेंट के श्री एस.एस. पुनिया, अल्ट्राटेक – अवारपुर के श्री एस.जे. काले, विक्रम सीमेंट्स – खोर के श्री मनोज जायसवाल, डालमिया सीमेंट के श्री एन. एलंगोवन, श्री पी.वी. जुआरी – हीडलबर्ग सीमेंट के रामैया, अल्ट्राटेक डल्ला – UP के श्री उथमकुमार मिश्रा, आदित्य सीमेंट, राजस्थान के श्री राजेंद्र सिंह शेखावत ने भी सीमेंट मज़दूरों से जुड़े अलग-अलग विषयों पर बात की।

ज्ञात हो कि इसके बाद INTUC और INCWF के हमारे पॉपुलर प्रेसिडेंट ने हमें गाइड किया और सीमेंट इंडस्ट्री की पहली नेगोशिएशन मीटिंग के बारे में बताया जो 17 अगस्त 2026 को दिल्ली में हुई थी। सीमेंट इंडस्ट्री का भविष्य बहुत अच्छा है और मज़दूरों को उनका हिस्सा मिलना चाहिए, यह ध्यान में रखते हुए कि चीज़ों की कीमतें बढ़ रही हैं और सीमेंट मज़दूरों के काम पर ज़्यादा बोझ पड़ रहा है। सीमेंट इंडस्ट्री में रिटायरमेंट की उम्र 58 साल है, उसे बढ़ाकर 60 साल किया जाना चाहिए। मौजूदा वेज नेगोशिएशन सेटलमेंट में रिवाइज़्ड वेज बढ़ोतरी एक इंस्टॉलमेंट में दी जानी चाहिए। बेसिक के साथ डियरनेस अलाउंस का 100% न्यूट्रलाइज़ेशन फ़ॉर्मूला लागू किया जाना चाहिए। फेडरेशन और CMA के बीच बातचीत का सिस्टम शुरू किया जाना चाहिए और मीटिंग साल में कम से कम दो बार होनी चाहिए। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि अभी के हालात में यह ज़रूरी है कि कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले मज़दूरों को सीमेंट इंडस्ट्री में रेगुलर मज़दूरों के बराबर वेतन दिया जाए। नहीं तो इंडस्ट्रियल अशांति होगी। यह जानकारी एन. तुलसीदास जी के द्वारा दिया गया।



