Breaking : राम-नामी डॉक्यूमेंट्री को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, छत्तीसगढ़ की संस्कृति को मिला राष्ट्रीय सम्मान

तिल्दा-नेवरा/रायपुर : छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक आस्था, संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा को देश के सर्वोच्च फिल्म सम्मान के मंच पर विशेष पहचान मिली है। छत्तीसगढ़ के अद्वितीय रामनामी समुदाय की आस्था, परंपरा और जीवनशैली पर आधारित डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘राम-नामी’ को 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ वृत्तचित्र (Best Documentary) का पुरस्कार प्रदान किया गया है। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने 22 सितंबर 2026 को गुजरात के एकता नगर में आयोजित समारोह में विजेताओं को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्रदान किए।
भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अनुसार, 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार वर्ष 2024 में प्रमाणित फिल्मों की उपलब्धियों के लिए प्रदान किए जा रहे हैं।

गौरतलब हो कि ‘राम-नामी’ को सर्वश्रेष्ठ वृत्तचित्र के लिए रजत कमल और पुरस्कार राशि से सम्मानित किया गया है। फिल्म के निर्माता बीबीपी स्टूडियो वर्चुअल भारत प्राइवेट लिमिटेड तथा निर्देशक भारतबाला गणपति हैं।रामनाम में रची-बसी है समुदाय की पहचान
रामनामी समुदाय छत्तीसगढ़ की विशिष्ट सांस्कृतिक और धार्मिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। समुदाय की आस्था में भगवान श्रीराम का नाम केंद्रीय स्थान रखता है। शरीर पर ‘राम’ नाम का अंकन, रामनाम का जाप और भक्ति परंपराएं इस समुदाय की विशिष्ट पहचान मानी जाती हैं।
‘राम-नामी’ डॉक्यूमेंट्री ने इसी अनूठी आस्था और परंपरा को केंद्र में रखते हुए रामनामी समुदाय के जीवन, विश्वास और सांस्कृतिक विरासत को व्यापक स्तर पर प्रस्तुत किया है। राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार के माध्यम से इस स्थानीय सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय मंच पर नई पहचान मिली है।
छत्तीसगढ़वासियों के लिए गौरव का अवसर
‘राम-नामी’ को राष्ट्रीय पुरस्कार मिलने से छत्तीसगढ़ के कला, संस्कृति और लोक परंपरा से जुड़े लोगों में खुशी का माहौल है। यह सम्मान प्रदेश की उन सांस्कृतिक परंपराओं की ओर भी ध्यान आकर्षित करता है, जो पीढ़ियों से अपनी विशिष्ट पहचान को संजोए हुए हैं।
रामनाम को जीवन का आधार मानने वाले रामनामी समुदाय की आस्था और साधना को डॉक्यूमेंट्री के माध्यम से देश-दुनिया के दर्शकों तक पहुंचाने का प्रयास अब राष्ट्रीय सम्मान से जुड़ गया है। यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए भी प्रेरणादायी मानी जा रही है।
निर्देशक भारतबाला गणपति सहित पूरी टीम को बधाई
इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘राम-नामी’ के निर्देशक भारतबाला गणपति सहित निर्माता और पूरी फिल्म टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं दी जा रही हैं। राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार की आधिकारिक सूची में भी ‘राम-नामी’ को वर्ष 2024 के लिए सर्वश्रेष्ठ वृत्तचित्र के रूप में दर्ज किया गया है।
यह सम्मान केवल एक फिल्म की उपलब्धि नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की लोक आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर मिली महत्वपूर्ण पहचान के रूप में देखा जा रहा है।



