नेवरा के कुर्मी छात्रावास में संकल्प साहित्य परिषद की मासिक काव्य गोष्ठी संपन्न, कवियों ने बांधा समां

तिल्दा-नेवरा : रायपुर जिले के तिल्दा विकासखंड अंतर्गत नेवरा शहर में गुरु घासीदास चौक के समीप स्थित कुर्मी छात्रावास में संकल्प साहित्य परिषद तिल्दा-नेवरा के तत्वावधान में विगत शनिवार को मासिक काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। साहित्यिक वातावरण में आयोजित इस गोष्ठी में विभिन्न ग्रामों से पहुंचे कवियों ने अपनी स्वरचित कविताओं एवं गीतों की शानदार प्रस्तुति देकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ दोपहर लगभग दो बजे मां सरस्वती के छायाचित्र पर पूजा-अर्चना के साथ हुआ। इसके पश्चात उपस्थित कवियों का गुलाल लगाकर स्वागत किया गया और काव्य पाठ का सिलसिला शुरू हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संकल्प साहित्य परिषद तिल्दा-नेवरा के अध्यक्ष एवं कवि श्री कृष्ण मुरारी वर्मा उपस्थित रहे। वहीं, विशिष्ट अतिथि के रूप में ग्राम केसदा के कवि डॉ. कृष्ण कुमार वर्मा ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
काव्य गोष्ठी में कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से सामाजिक सरोकारों, मानवीय संवेदनाओं, जीवन के अनुभवों और साहित्यिक भावनाओं को अभिव्यक्त किया। विभिन्न विधाओं में प्रस्तुत गीतों और कविताओं ने कार्यक्रम को जीवंत बना दिया। सभी कवियों की प्रस्तुतियां सराहनीय रहीं और साहित्य प्रेमियों को रचनात्मक अभिव्यक्ति का आनंद मिला।
इस अवसर पर कड़ार, भाटापारा से अंतरराष्ट्रीय पार्श्वगायक डॉ. ललित सिंह ठाकुर, ग्राम बेमता से डॉ. इतवारी राम निषाद, ग्राम अल्दा से शिक्षक श्री मोहनलाल वर्मा, ग्राम बनसाकरा से श्री जितेंद्र कुमार कन्नौजे, खपरीकला से डॉ. रामनारायण नेताम, हथबंद से श्री गोवर्धन निषाद, नेवरा से शिक्षक श्री उमाशंकर यदु, श्री अशोक कुमार धीवर, जलक्षत्री तुलसी एवं ग्राम सिनोधा से कवि श्री संतोष कुमार नायक सहित अन्य साहित्यकार उपस्थित रहे।
संकल्प साहित्य परिषद द्वारा नियमित रूप से आयोजित की जाने वाली मासिक काव्य गोष्ठी साहित्यकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने, विचारों का आदान-प्रदान करने और साहित्यिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने का अवसर प्रदान करती है। इस आयोजन ने क्षेत्र में साहित्यिक चेतना और काव्य परंपरा को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम में उपस्थित कवियों ने अपनी रचनाओं से साहित्यिक माहौल को यादगार बनाया। काव्य गोष्ठी सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई।



