रायपुर जंगल सफारी प्रबंधन के ने फीडबैक अभियान चलाया : लोगो का मिला अच्छा प्रतिसाद करेंगे सुधार

Rajendra Sahu
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रायपुर 8 अप्रैल : छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध पर्यटन स्थल नया राय स्थीत जंगल सफारी व जू मे 7 अप्रैल दिन रविवार को नया रायपुर जंगल सफारी व जू प्रबंधन के द्वारा पर्यटकों का फीडबैक अभियान चलाया। जिसमे जंगल सफारी व जू प्रबंधन के द्वारा जानवरों के विशेषज्ञ डां. सोनल शर्मा की टीम जू के कैटीन के समीपस्थ गार्डन में बैनर पोस्टर व पांपलेट के साथ ” पर्यटकों का फीडबैक ” अभियान चलाया गया। ताकी इस जंगल सफारी व नवनिर्मित नंदनवन जू मे लोगो के सुझावों के अनुरूप सुधार कर और भी सुविधाओं मे वृद्धि कर सके।

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गौरतलब हो कि नयारायपुर के इस जू मे भ्रमण कर रहे। जिला रायपुर के तिल्दा नेवरा ब्लाक के ग्राम छत्तौद से परिवार सहित राजेन्द्र कुमार साहू, उसके पिता बी आर साहू व पुत्र पियूष कुमार साहू से इस पर्यटक फीडबैक अभियान में प्रतिक्रिया जाना गया। जिस पर राजेन्द्र कुमार साहू ने पुरे जू का प्रसन्नता के साथ तारीफ किया। जिसमे जंगल के बीचो बीच यह चिडिया घर जो की 2 कि मी की वृहत क्षेत्र में बना है। जिसमे प्रत्येक बाढ़ मे दर्शको के लिए छायादार व डिजाइनिंग के साथ साफ स्वच्छता के साथ सही जगह बनाया गया है। जहां से खडा होकर सभी बाडो मे जानवरों को आशानी से देखा जा सकता है।

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वही बीच बीच मे पीने योग्य शीतल पेय व साफ सुथरा शौचालय के साथ बैठकर विश्राम करने की जगह आदि भी बनाया गया है। बच्चों के लिए झुले, गार्डन व झील भी बना हुआ है। जहां लोग मोटरबोर्डीग का भी आनंद ले रहे हैं। वही भी आर साहू ने कहा कि लोगो को यहां के जंगल सफारी से ज्यादा जू मे सभी चीजों को पैदल घुम कर देखने में मजा आरहा है। जबकि जंगल सफारी मे बहुत से जानवर दिखाई नही देता है। वाजिब दामों पर यहा खाने पीने की चीज़ भी उपलब्ध हो रहा है। लोग मोर को खूली रूप से मधुर आवाज के साथ विचरण करते देख मंत्रमुग्ध होगये। यहां के कर्मचारियों का व्यवहार व सेवाएं भी काबिलेतारीफ है।

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सुझाव मे आगे राजेन्द्र कुमार साहू ने कहा कि जू मे बुजुर्गों के लिए ई रिक्शा चलाने चाहिए। क्योंकि लंबी 2 3 कि मी की लंबी वृहद क्षेत्रफल के साथ स्थीत यहां के जू है। जिसमे बुजुर्गों को समय व तकलीफ हो रहा है। दुसरा सुझाव दिया। जिसमे सभी बाडो मे तीर का निशान (एरो) क्रमशः लगाने चाहिए। क्योंकि की बहुत से बाडे अगल बगल व अलग अलग होने से बहुत से दर्शकों को समझ नहीं आता है। जिसके चलते बहुत से जानवरों के बाडे देख नही पा रहे हैं। अतः एरो के निशान के साथ रोड व रास्ते एक ही रहे। तो और बेहतर होगा। तीसरी बात कहा कि जंगल सफारी के लिए टिकिट फूल का समस्या न हो। इसके लिए व्यवस्था करनी चाहिए। क्योंकि यहां पुरे छत्तीसगढ़ के आला अन्य राज्यों से भी लोग आरहे है। जिससे वह जंगल सफारी का आनंद नही ले पाते हैं। भोजन की भी उपलब्धता होनी चाहिए।

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ज्ञात हो कि अयसे यहां आये पर्यटकों का सुझाव व समस्याओं को जाना गया। जिस पर डां सोनल शर्मा ने जनता के अनुरूप आवश्यकतानुसार सुधार कर सुविधाओं मे वृद्धि करने का आश्वासन दिया।

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बता दे कि कि रविवार छुट्टी का दिन रहा वही बहुत से प्रतियोगी परिक्षाओं का आयोजन यहां के इंटरनेशनल कोलंबिया जैसे कालेजों में इस परिक्षा आयोजित रहा। जिसमे पालक अपने परिवार के साथ बच्चों को परिक्षा हेतु ले गये। जिसमें बाकी परिवार जंगल सफारी का भ्रमण करने चलेगये। इस कारण से कल जंगल सफारी व जू मे अच्छी खासी भीड देखने को मिला। वही टीकीट फुल होने के कारण बहुत से पर्यटकों को जंगल सफारी का आनंद लेने से चुक गये। इस वजह से उन्हे जू भ्रमण कर उसका भरपुर आनंद लिए।

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