भाजपा ने तिल्दा नेवरा में मनाया गया विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मानवीय पीडा को किया गया याद
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने 1947 के विभाजन की त्रासदी और मानवीय पीड़ा को किया स्मरण

तिल्दा नेवरा : भारतीय जनता पार्टी रायपुर जिला ग्रामीण के तत्वावधान में 14 अगस्त को श्री झूलेलाल मंदिर भवन, तिल्दा नेवरा में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं वरिष्ठ भाजपा नेता धरमलाल कौशिक मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं एवं उपस्थित लोगों को वर्ष 1947 में हुए भारत विभाजन की त्रासदी, विस्थापन और उससे उत्पन्न मानवीय पीड़ा के बारे में जानकारी दी गई।
इस अवसर पर कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि 14 अगस्त 1947 को हुए भारत विभाजन का इतिहास देश के लिए अत्यंत पीड़ादायक अध्याय रहा है। विभाजन के दौरान लगभग डेढ़ करोड़ लोगों को अपना घर-बार छोड़कर विस्थापित होना पड़ा, जबकि बड़ी संख्या में लोगों ने हिंसा में अपनी जान गंवाई। महिलाओं और बच्चों को भी अत्याचार तथा अमानवीय परिस्थितियों का सामना करना पड़ा।
वही यहां वक्ताओं ने कहा कि विभाजन ने केवल भारत की भौगोलिक सीमाओं को ही नहीं बांटा, बल्कि इसका प्रभाव लाखों परिवारों, रिश्तों, जमीन-जायदाद, घरों, कारोबार, कारखानों और खलिहानों तक पड़ा। अनेक परिवारों को अपना सब कुछ छोड़कर नए स्थानों पर शरण लेने के लिए मजबूर होना पड़ा।
इस कार्यक्रम के सह प्रभारी रमेश रिंकू अग्रवाल ने कहा कि देश के बंटवारे के दर्द को कभी भुलाया नहीं जा सकता। नफरत और हिंसा के कारण लाखों बहनों और भाइयों को विस्थापन का दंश झेलना पड़ा तथा अनेक लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। उन्होंने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस हमें इतिहास की उस त्रासदी को याद करने के साथ-साथ सामाजिक एकता, सद्भाव और भाईचारे को मजबूत करने की प्रेरणा देता है।
बता दे कि इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष श्याम नारंग, अंजय शुक्ला, अनिल अग्रवाल, नरेंद्र शर्मा, सुरेश वर्मा, महेंद्र साहू, महेश अग्रवाल, राम पंजवानी, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, जिला पंचायत सभापति श्रीमती स्वाति वर्मा, शैल महेंद्र साहू, रानी सौरभ जैन, आकाश पंजवानी, नगरपालिका अध्यक्ष चन्द्रकला, डॉ. खुमान वर्मा सहित पार्षदगण, एल्डरमैन, शहर एवं ग्रामीण मंडल के पदाधिकारी, महिला मोर्चा की पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के माध्यम से उपस्थित लोगों ने विभाजन के दौरान जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा देश की एकता, अखंडता और सामाजिक सद्भाव को बनाए रखने का संकल्प लिया।



