ग्राम बिलाड़ी तिल्दा में श्मशान घाट की शासकीय जमीन पर दो व्यक्तियों का कब्जा मकान निर्माण से बढ़ा विवाद

तिल्दा-नेवरा : छत्तीसगढ़ के जिला रायपुर के विकासखंड तिल्दा नेवरा के समीपस्थ ग्राम पंचायत बिलाड़ी में श्मशान घाट के लिए आरक्षित शासकीय भूमि पर दो व्यक्तियों द्वारा कथित कब्जा कर मकान निर्माण किए जाने का मामला सामने आया है। श्मशान घाट जैसी सार्वजनिक उपयोग की महत्वपूर्ण भूमि पर मकान निर्माण होने से ग्रामीणों में नाराजगी है। मामले को गंभीरता से लेते हुए ग्राम पंचायत द्वारा ग्राम सभा की बैठक में अतिक्रमण हटाने के लिए प्रस्ताव पारित किया गया है।
गौरतलब हो कि ग्राम पंचायत बिलाड़ी में श्मशान घाट के लिए निर्धारित शासकीय भूमि पर दो व्यक्तियों द्वारा कथित रूप से कब्जा कर मकान का निर्माण कर लिया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि श्मशान घाट की जमीन पूरे गांव के सार्वजनिक उपयोग के लिए आरक्षित होती है। ऐसी भूमि पर निजी निर्माण होना कई सवाल खड़े करता है। यदि सार्वजनिक उपयोग की जमीन पर इसी तरह कब्जे होते रहे तो भविष्य में गांव के लोगों को श्मशान घाट के उपयोग में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

मकान निर्माण के पीछे किसी अन्य व्यक्ति का हाथ होने की चर्चा
इस मामले में एक और चौंकाने वाली जानकारी सूत्रों के हवाले से सामने आई है। बताया जा रहा है कि जिन व्यक्तियों के नाम पर कथित कब्जा है, उनकी आर्थिक स्थिति इतनी सक्षम नहीं बताई जा रही है कि वे स्वयं इतना बड़ा निर्माण कार्य करा सकें। ऐसे में स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि इस निर्माण के पीछे किसी अन्य प्रभावशाली व्यक्ति का भी हाथ हो सकता है। हालांकि, इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन द्वारा निष्पक्ष जांच किए जाने पर ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। सवाल यह भी है कि यदि निर्माण के पीछे किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका है तो उसकी पहचान कर जिम्मेदारी तय की जाएगी या नहीं?
ग्राम सभा में प्रस्ताव पारित, सरपंच और उपसरपंच ने दिया कार्रवाई का आश्वासन
मामले को लेकर ग्राम पंचायत ने ग्राम सभा में श्मशान घाट की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने का प्रस्ताव पारित किया है। इस संबंध में ग्राम पंचायत की सरपंच दुलोरीन बाई ध्रुव एवं उपसरपंच घनश्याम जांगड़े का कहना है कि संबंधित कब्जाधारियों को नोटिस जारी कर तत्काल अवैध कब्जा हटवाने की कार्रवाई की जाएगी। पंचायत पदाधिकारियों के इस आश्वासन के बाद अब देखना होगा कि नोटिस जारी होने के बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कितनी जल्द पूरी होती है।
श्मशान घाट की जमीन पर निर्माण, प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल
श्मशान घाट की भूमि पर मकान निर्माण का मामला केवल अतिक्रमण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह गांव की सार्वजनिक संपत्ति और सामुदायिक अधिकारों से जुड़ा विषय है। ग्राम सभा द्वारा प्रस्ताव पारित किए जाने के बाद अब राजस्व विभाग की जिम्मेदारी है कि संबंधित भूमि का सीमांकन एवं राजस्व अभिलेखों की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करे और नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करे।
तहसीलदार ने लिया संज्ञान, तत्काल कार्रवाई का आश्वासन
इस संबंध में तिल्दा तहसीलदार राम प्रसाद बघेल का कहना है कि मामले पर तत्काल संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई की जाएगी तथा श्मशान घाट की शासकीय भूमि पर किए गए अवैध कब्जे को तत्काल हटवाया जाएगा। तहसीलदार के इस आश्वासन के बाद अब ग्रामीणों को उम्मीद है कि जल्द ही श्मशान घाट की भूमि अतिक्रमण मुक्त होगी। साथ ही निर्माण के पीछे किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका होने की चर्चाओं की भी जांच होगी, ताकि सार्वजनिक उपयोग की जमीन को सुरक्षित रखा जा सके।



