Breaking : जूस की दुकान से हजारों करोड़ के सट्टेबाजी नेटवर्क तक का सफर महादेव ऐप का आरोपी सौरभ चंद्राकर भारत लाया गया

ओमान से प्रत्यर्पण के बाद सीबीआई की टीम मस्कट से लेकर पहुंची भारत, महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी मामले में कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद
नई दिल्ली/भिलाई : कभी छत्तीसगढ़ के भिलाई में सड़क किनारे जूस की दुकान चलाने और कपड़ों के शोरूम में नौकरी करने वाला सौरभ चंद्राकर आज देश के चर्चित महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी मामले का मुख्य आरोपी बन चुका है। हजारों करोड़ रुपये के कथित अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क से जुड़े इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए सौरभ चंद्राकर को ओमान से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की टीम उसे मस्कट से भारत लेकर पहुंची है। इस कार्रवाई के बाद मामले में कई अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

जूस की दुकान से दुबई तक पहुंचा सफर
जांच एजेंसियों के अनुसार, छत्तीसगढ़ के भिलाई निवासी सौरभ चंद्राकर के पिता नगर निगम में पंप ऑपरेटर के पद पर कार्यरत थे। सौरभ ने अपने शुरुआती दिनों में सड़क किनारे जूस की दुकान संचालित की और कपड़ों के शोरूम में भी नौकरी की थी। लेकिन वर्ष 2019 में दुबई जाने के बाद उसकी जिंदगी ने नया मोड़ लिया। वहां उसने अपने दोस्त रवि उत्पल को भी बुलाया और दोनों ने मिलकर महादेव ऑनलाइन ऐप की शुरुआत की।
ऑनलाइन गेमिंग की आड़ में खड़ा किया सट्टेबाजी का नेटवर्क
सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच के मुताबिक, महादेव ऐप के माध्यम से क्रिकेट, फुटबॉल और ताश सहित विभिन्न खेलों पर ऑनलाइन सट्टेबाजी का नेटवर्क संचालित किया जाता था। इस नेटवर्क को फ्रेंचाइजी मॉडल पर विकसित किया गया था, जिसके तहत देश के विभिन्न हिस्सों में पैनल और शाखाएं बनाई गईं। इनके माध्यम से लोगों को सट्टेबाजी से जोड़कर बड़ी रकम का लेनदेन किया जाता था।जांच एजेंसियों का आरोप है कि इस कारोबार से प्राप्त रकम को फर्जी बैंक खातों के जरिए कई स्तरों पर इधर-उधर किया जाता था। इसके बाद हवाला नेटवर्क के माध्यम से धन विदेश भेजा जाता था। एजेंसियों के अनुसार, यह विदेश से संचालित होने वाले बड़े अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क में से एक था।
शादी में करीब 200 करोड़ रुपये खर्च करने का दावा
सौरभ चंद्राकर की दुबई में हुई भव्य शादी भी काफी सुर्खियों में रही थी। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, इस शादी समारोह में करीब 200 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। समारोह में बॉलीवुड की कई हस्तियों के शामिल होने की खबरें सामने आई थीं। रिश्तेदारों को भारत से दुबई ले जाने के लिए निजी विमान किराए पर लेने की बात भी रिपोर्टों में कही गई थी। इस शादी के खर्च और आयोजन को लेकर जांच एजेंसियों ने भी पड़ताल की थी।
ईडी और सीबीआई की जांच में कई नाम आए सामने
महादेव ऐप मामले में पिछले कुछ वर्षों से जांच एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय ने भारत और विदेश के कई शहरों में छापेमारी की। जांच के दौरान पुलिसकर्मियों सहित कई लोगों की गिरफ्तारी हुई। इसके अलावा वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों, नौकरशाहों, फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों, समाजसेवियों और मीडियाकर्मियों से भी पूछताछ की गई। सीबीआई ने छत्तीसगढ़ सरकार के अनुरोध पर मामले की जांच अपने हाथ में ली थी। एजेंसी ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और जालसाजी से संबंधित कानूनी प्रावधानों के साथ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत आरोप-पत्र दाखिल किए हैं। वहीं, ईडी धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत मामले की जांच कर रही है।
रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर ओमान में हुई गिरफ्तारी
सीबीआई के प्रवक्ता के अनुसार, सौरभ चंद्राकर के खिलाफ जारी रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर रॉयल ओमान पुलिस ने उसे हिरासत में लिया था। इसके बाद सीबीआई और ईडी ने ओमान सरकार के समक्ष औपचारिक प्रत्यर्पण प्रस्ताव प्रस्तुत किया। आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद सीबीआई की टीम उसे मस्कट से भारत लेकर आई। सीबीआई ने इस पूरी कार्रवाई में सहयोग के लिए ओमान सरकार और रॉयल ओमान पुलिस का आभार जताया है।
सरकारी संरक्षण और अवैध कमाई के आरोप भी जांच के दायरे में
जांच एजेंसियों का आरोप है कि महादेव ऐप से होने वाली कमाई का एक हिस्सा कथित तौर पर कुछ सरकारी अधिकारियों तक संरक्षण राशि के रूप में पहुंचाया जाता था। इस पहलू की भी जांच की जा रही है। सौरभ चंद्राकर के भारत आने के बाद अब जांच एजेंसियां उससे नेटवर्क के संचालन, आर्थिक लेनदेन, कथित हवाला कारोबार और अन्य आरोपियों से जुड़े महत्वपूर्ण सवालों पर पूछताछ कर सकती हैं। तथीत महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी मामला केवल एक ऐप या कुछ आरोपियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार कथित तौर पर देश-विदेश में फैले बड़े आर्थिक नेटवर्क से जुड़े बताए जा रहे हैं। ऐसे में सौरभ चंद्राकर का भारत लाया जाना इस बहुचर्चित मामले की जांच में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।



