
तिल्दा-नेवरा के BNB स्कूल मैदान में उमड़ा आस्था का सैलाब, धूमधाम से मनाया गया ‘प्रभु श्री राम जन्मोत्सव’
तिल्दा-नेवरा :
छत्तीसगढ़ के जिला रायपुर अंतर्गत विकासखंड तिल्दा-नेवरा में नगर के ऐतिहासिक श्री बद्रीनारायण बगड़िया शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय (BNB) नेवरा के विशाल मैदान में आयोजित भव्य श्रीमद् श्री राम कथा के तीसरे दिन आस्था, भक्ति और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। स्वर्गीय श्री सोनचंद वर्मा स्मृति फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित इस सात दिवसीय धार्मिक महोत्सव के अंतर्गत रविवार को प्रभु श्री राम जन्मोत्सव को अत्यंत श्रद्धा, भव्यता और धूमधाम से मनाया गया।
बता दे कि इस अवसर कार्यक्रम स्थल पर जैसे ही अयोध्या की प्रख्यात मानस विदुषी, पूज्या दीदी देवी चंद्रकला जी ने व्यास पीठ से भगवान श्री राम के दिव्य अवतरण का भावपूर्ण वर्णन प्रारंभ किया, पूरा पंडाल भक्तिरस में डूब गया। “भय प्रगट कृपाला, दीनदयाला…” के सस्वर पाठ के साथ ही हजारों श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। इस अवसर पर पुष्प वर्षा, शंखनाद और जय श्री राम के गगनभेदी उद्घोष से वातावरण पूरी तरह राममय हो गया। क्षण भर के लिए ऐसा प्रतीत हुआ मानो तिल्दा-नेवरा की धरती पर साक्षात अयोध्या उतर आई हो।
पूज्या दीदी देवी चंद्रकला जी ने राम जन्म प्रसंग के माध्यम से श्रद्धालुओं को यह संदेश दिया कि प्रभु श्री राम केवल एक राजा या योद्धा नहीं, बल्कि मर्यादा, करुणा, त्याग और आदर्श जीवन के प्रतीक हैं।
इस अवसर उन्होंने कहा कि आज के समाज में राम के जीवन मूल्यों को अपनाने की अत्यंत आवश्यकता है, जिससे पारिवारिक, सामाजिक और राष्ट्रीय जीवन में सद्भाव और शांति स्थापित हो सके।
हो रही प्रमुख जनों की गरिमामयी उपस्थिति :
गौरतलब हो कि इस भव्य आध्यात्मिक आयोजन में छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री माननीय श्री टंक राम वर्मा जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ आयोजन के मुख्य संयोजक श्री पुष्पराज वर्मा जी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं सामाजिक कार्यकर्ता मंचासीन रहे। मंत्री श्री टंक राम वर्मा जी ने व्यास पीठ का विधिवत पूजन-अर्चन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और जनकल्याण की कामना की।
अपने उद्बोधन में मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि “श्री राम का संपूर्ण जीवन मर्यादा, अनुशासन और कर्तव्यबोध का अनुपम उदाहरण है। राम कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को सही दिशा देने वाली जीवन-शैली की पाठशाला है।” उन्होंने आयोजन समिति को इस सफल और अनुशासित कार्यक्रम के लिए बधाई भी दी।
सामूहिक प्रयासों से सफल हो रहा आयोजन :
ज्ञात हो कि इस विशाल धार्मिक समागम को सफल बनाने में नगर के वरिष्ठजनों, समाजसेवियों और जनप्रतिनिधियों का सराहनीय योगदान रहा। आयोजन समिति द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पेयजल, बैठक व्यवस्था, प्रकाश, ध्वनि प्रणाली और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से आए श्रद्धालु भी पूरे आराम और श्रद्धा भाव से कथा श्रवण कर रहे हैं।

आगामी प्रसंग :
अवगत हो कि आयोजन समिति ने जानकारी दी कि कथा के चौथे दिन भगवान श्री राम की बाल लीलाओं, ताड़का वध एवं ऋषि मुनियों की रक्षा जैसे प्रेरणादायी प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया जाएगा। समिति ने समस्त धर्मप्रेमी नागरिकों से सपरिवार उपस्थित होकर इस दिव्य राम कथा का पुण्य लाभ लेने का आग्रह किया है।






