
कृषि विस्तार अधिकारियों ने 9 सूत्रीय मांगों को लेकर तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
लखनपुर (सरगुजा), 15 सितंबर 2025 : जिले के
प्रातीय कार्यकारिणी छत्तीसगढ़ संघ के आह्वान पर आज 15 सितंबर सोमवार को लखनपुर क्षेत्र के कृषि विस्तार अधिकारियों ने अपनी विभिन्न लंबित समस्याओं और अधिकारों को लेकर एकजुट हो तहसीलदार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे। जिसमे अधिकारियों ने इस दौरान स्पष्ट कहा कि यदि समय रहते उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया। तो वे ऑनलाइन कार्यों का बहिष्कार करने के लिए बाध्य होंगे।
ये है इनकी 9 सूत्री मांग :
मीली जानकारी के अनुसार यहां के कृषि विस्तार अधिकारियों ने बताया कि वर्षों से उनकी मांगों की अनदेखी की जा रही है। बार-बार ज्ञापन देने के बावजूद सरकार द्वारा ठोस पहल नहीं की जा रही। इसी को लेकर अब पूरे प्रदेशभर में आंदोलन की स्थिति बनी है। ज्ञापन में जो प्रमुख 9 सूत्रीय मांगें रखी गईं हैं। उनमें निम्न है मसलन : 1) सेवा शर्तों का निर्धारण,2) पदोन्नति की व्यवस्था, 3) वेतनमान में सुधार, 4) कार्यक्षेत्र के अनुसार संसाधनों की उपलब्धता, 5) पदस्थापना में पारदर्शिता, 6) लंबित भत्तों का भुगतान, 7) सुरक्षा व सुविधाओं का प्रावधान, 8) समय-समय पर प्रशिक्षण एवं 9) पदभार से जुड़े विवादों का निराकरण शामिल हैं।
दिये प्रशासन को ऑनलाइन कार्य बहिष्कार की चेतावनी :
बता दे कि अधिकारियों ने तहसीलदार को सौंपे गए। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया कि वर्तमान में कृषि विस्तार अधिकारियों पर विभिन्न प्रकार के ऑनलाइन कार्यों का अत्यधिक दबाव डाला जा रहा है। जबकि उसके अनुरूप सुविधा या तकनीकी सहायता उपलब्ध नहीं है। यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल जल्द शुरू नहीं की गई। तो सभी अधिकारी सामूहिक रूप से ऑनलाइन कार्यों का बहिष्कार करेंगे।
मांगो को लेकर मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री को सौंपा गया ज्ञापन :
गौरतलब हो कि कृषि विस्तार अधिकारियों ने मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री के नाम अलग से ज्ञापन सौंपते हुए। यह आग्रह किया कि किसानों की सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए सबसे पहले कृषि विस्तार अधिकारियों की समस्याओं का समाधान जरूरी है। उनका कहना था कि जब तक अधिकारी संतुष्ट और सक्षम नहीं होंगे। तब तक योजनाओं का सही लाभ किसानों तक नहीं पहुंच पाएगा।
ज्ञात हो कि संघ के पदाधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि यदि सरकार ने समय रहते मांगों पर विचार नहीं किया। तो चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा। इसमें पहले ऑनलाइन कार्य बहिष्कार और आगे चलकर कार्य बहिष्कार व प्रदर्शन जैसे कदम भी उठाए जा सकते हैं।ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में कृषि विस्तार अधिकारी उपस्थित रहे और उन्होंने अपनी एकजुटता का परिचय दिया।





