
अल्ट्राटेक बैकुंठ सीमेंट मे कर्मचारियों के समर्थन में शैलेश नितिन महेन्द्र साहू राजू लाल श्रेष्ठा शंकर निर्मलकर ने भरी हुंकार
अल्ट्राटेक बैकुंठ मे श्रमिकों द्वारा दुसरे दिन भी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर प्रबंधन जिद्द पर अडा
तिल्दा नेवरा रायपुर :
छत्तीसगढ़ के जिला रायपुर के क्षेत्र विकासखंड तिल्दा नेवरा के समीपस्थ औद्योगिक क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सीमेंट उद्योग अल्ट्राटेक बैकुंठ मे आज भी थमा रहा संयंत्र की पहिया। पूर्णरूपेण बंद ही रहा प्लांट। अल्ट्राटेक बैकुंठ सीमेंट मे आज दुसरे दिन से भी अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी है। जहां आज भी प्रबंधन कर्मचारियों को ड्यूटी पर नहीं रखने के शर्तो पर अडा हुआ है।
जिसके विरोध को और तेज करते हुए, यहां के सभी कर्मचारियों के साथ तीनो यूनियन संयुक्त रूप से प्रबंधन के विरोध में 24 घंटे काम छोड कर संयंत्र के मुख्य द्वार पर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे है ।
जहां इस अवसर पर जिलापंचायत क्षेत्र क्र 6 के नवनिर्वाचित जिला पंचायत सदस्य शैल साहू के प्रतिनिधि व पति श्री महेंद्र साहू, व छत्तीसगढ़ सीमेंट एवं खदान कल्याणकारी श्रमिक संघ बहेसर (इंटक) के संरक्षक श्री शंकर सिंह निर्मलकर, शैलेश नितिन त्रिवेदी पूर्व अध्यक्ष पाठ्यपुस्तक निगम छत्तीसगढ़ सरकार व प्रवक्ता,
मिडिया प्रभारी छत्तीसगढ़ कांग्रेस पार्टी, प्रकाश सागरवंशी जनपद सदस्य रायखेडा, सोनू निर्मलकर प्रतिनिधि कूंदरू जनपद सदस्य ,इंटक नेता, लोकेश कश्यप सरपंच सिलपट्टी, ओम ठाकुर कांग्रेस नेता, एटक के नेता राजू लाल श्रेष्ठा जी( रायपुर) आदि विशेष रूप से उपस्थित रहे।
बता दे कि आज 8 अक्टूबर को सुबह कार्यालयीन समय पर तीनो यूनियन जिसमे एटक (पैकिंग प्लांट), छत्तीसगढ़ सीमेंट एवं खदान कल्याणकारी श्रमिक संघ (इंटक) बहेसर व छत्तीसगढ़ सीमेंट एवं खदान कर्मचारी (इंटक) यूनियन (पर्मानेंट) आदि के प्रतिनिधियों की गर्मजोशी के साथ समर्थन व विचारों के साथ दिन रात धरने पर बैठने का निर्णय लिया गया।
जिसमे दो पालियो मे 12 – 12 घंटे सबकी हाजरी व उपस्थिति के साथ धरने देने पर सहमती बनाई गई। जिसमे इस अवसर पर छत्तीसगढ़ सीमेंट एवं खदान कल्याणकारी श्रमिक संघ बहेसर के अध्यक्ष नरेंद्र यदूू, महासचिव कमलेश वर्मा, उपाध्यक्ष रोमदास बर्मन, संगठन सचिव सत्येन्द्र सोनी, कमल यदू, नारायण यदू,प्रेमी पाल,
वही एटक यूनियन के अध्यक्ष पवन कुमार ठाकुर, महासचिव छत्रधारी विश्वकर्मा,कार्यकारी अध्यक्ष जितेन्द्र कुमार वर्मा,प्रेम कोशले, तो वही इंटक के उपाध्यक्ष डोरे लाल विश्वकर्मा, कोषाध्यक्ष राजेश वर्मा, उपाध्यक्ष कामेश्वर प्रसाद, संजय कुमार सेन, उपाध्यक्ष संदीप सिंह,सचिव ओमप्रकाश सार्वा, आदि के आलावा बहुत से श्रमिकों की उपस्थिति रही।
जाने ये है मामला श्रमिकों और प्रबंधन के बीच तनाव का:
मिली जानकारी के अनुसार महिने भर पहले अल्ट्राटेक बैकुंठ सीमेंट प्रबंधन के द्वारा तकरीबन 150 टेम्परेरी श्रमिकों को काम से निकाल दिया गया है। इस लिए कि यहां संयंत्र के अधिकतर यूनिट साल भर पहले से बंद है। जिसमे किलन, राँव मिल, क्रेशर, माइंस, पांवर प्लांट, आदि । वही मात्र सीमेंट मील और पैकिंग प्लांट बस चल रहे हैं।
जो कि ग्राइंडिग मिडिया के रूप में सीर्फ सीमेंट बना रहे हैं। वही काम से निकाले गये अस्थाई ठेका श्रमिको के बात को लेकर श्रमिक यूनियनों ने सभी काम बंद किये गये श्रमिको को पून: काम पर रखने का प्रस्ताव प्रबंधन पास रखा । पर प्रबंधन द्वारा अधिकतर यूनिट बंद होने के कारण अपने फैसले यथावत रखे।
ज्ञात हो कि प्रबंधन की इसी फैसले के विरोध में यूनियनों ने निकाले गये श्रमिकों के परिवार के साथ भूखहडताल पर अडे रहे। जिसका प्रबंधन के द्वारा कोई असर नही पडा। वही जैसे तैसे भूखहडताल पर बैठे परिवार को बंद करना पडा। यूनियनों द्वारा निकाले गये श्रमिकों के समर्थन किये जाने से प्रबंधन नाराज हो कर।
कुछ यूनियन प्रतिनिधियो के खिलाफ ही काम बंद करने संबंधी नोटीस जारी कर दिया गया। जिससे सभी यूनियन पदाधिकारियों मे खासी नाराजगी उमड पडी। इसी आक्रोश के साथ सभी कर्मचारियों के सहयोग से प्रबंधन के खिलाफ उमड पडे। जिसमे 7 अक्टूबर को यूनियन प्रतिनिधियो व प्रबंधन के कुछ बडे अधिकारियों के बीच बहस इतनी छीड गई। कहा यह भी जाता है कि हाथापाई तक भी बात आगई थी ।इसी बात पर आज भी प्रबंधन व श्रमिकों के बीच बडा तनाव व्याप्त है।
संयंत्र बंद सुरक्षा का कमान सम्हाले पुलिस :
अवगत हो कि यहां सभी कर्मचारियों के द्वारा एकजुटता के साथ प्रबंधन के खिलाफ हडताल पर है। जिसमे यहां के सेक्यूरिटी गार्ड भी शामिल है। यहां हालात यह है कि पुलिस संयंत्र की सुरक्षा की कमान पिछले दो दिनों से संभाली हुई है।
जानकारी के मुताबिक पहले हि दिन एस डी एम, तहसीलदार तिल्दा नेवरा व पुलिस अधीक्षक के द्वारा प्रबंधन व यूनियन दोनो के बीच मध्यस्थता करने मे कोई कसर नहीं छोड़ी। पर दोनो अपने जिद्द पर अडे रहे। जो आज भी बरकरार है।
सभी नेताओं ने श्रमिकों के समर्थन में बिगुल फुक दिये :
श्रमिकों के इस लडाई को जायज करार देते हुए। शैलेष नितिन त्रिवेदी, राजू लाल श्रेष्ठा, शंकर निर्मलकर, महेन्द्र साहू ने अपना भरपुर व हर कदम पर साथ देने का वादा किया। वही आगे की कार्रवाई के लिए कार्ययोजना भी बनाई गई।





