
अल्ट्राटेक बैकुंठ मे मजदूरों के समर्थन में पूर्व सांसद छाया वर्मा पहुंची दिल्ली तक बात उठाने की बात कही
आज मजदूरों ने धर्ना स्थल पर ही आशुओ के तेल से जलाई दिल की दिये मनाई दिवाली
तिल्दा नेवरा रायपुर:
अल्ट्राटेक बैकुंठ सीमेंट मे आज भी जारी रही मजदूरों की हडताल। आश और विश्वास के साथ कि प्रबंधन नेता मंत्री हस्तक्षेप कर प्रबंधन से मांगे मनवायेगी। लेकिन यह उम्मीद भी मजदूरों का आज दिवाली के दिन भी धरे की धरे रह गये। लेकिन फिर भी इनकी जोश व जज्बा के साथ बडी एकता के साथ संख्या देखने लायक रहा है।
मजदूरो की सूध लेने पहुंची पूर्व राज्यसभा सांसद श्रीमती छाया वर्मा :
बता दे कि आज दिपावली के दिन शाम 4 बजे छत्तीसगढ़ के पूर्व राज्यसभा सांसद रही श्रीमती छाया वर्मा जी अल्ट्राटेक बैकुंठ सीमेंट वर्क्स के मजदूरों के हडताल मे हालचाल जानने पहुंची। जहां पर उन्होंने श्रमिकों की बातो को सुनी। वही मामला सुलझाने के उद्देश्य से कुछ अधिकारियों से बात करने का प्रयास भी किया। जिसमे श्रीमती छाया वर्मा जी ने कही की बैठ कर मामला को सुलझाते है।
तब प्रबंधन के द्वारा प्रतिक्रिया आया। जिसमे यह कहा गया। कि मै अपने जवाबदार अधिकारियों से चर्चा कर सूचित करूगा। इस पर श्रीमती छाया वर्मा जी के द्वारा श्रमिकों को आश्वासन दिया कि जैसे ही प्रबंधन के द्वारा कोई सूचना आता है। तो आप यूनियन पदाधिकारियों को सूचित कर बैठ कर बात करेंगे ।
इतना ही नहीं पूर्व सांसद श्रीमती छाया वर्मा जी ने यह भी कही की आपकी मांगे जायज है। और आप डटे रहे। यदि यहां बात नही बनी तो हम आपके मांगो के लिए दिल्ली तक जायेंगे। यह सुनकर मजदूरों के हौसले दुगुना हो गये।
आप के सहयोग से बनाये भोजन खाये सभी हडताली मजदूर :
गौरतलब हो कि आज अल्ट्राटेक बैकुंठ सीमेंट के हडताली मजदूरों ने सुबह से डटे रही।इस अवसर पर बहुत से जनप्रतिनिधियों एवं श्रमिकों के द्वारा खुलकर सहयोग कर रहे हैं। जिसमे आज दोपहर को भोजन भी व्यवस्था किया। जिसमे सभी हडताली मजदूरों ने ग्रहण किया।
आज दिपावली पर आशुओ के तेल से दिल की दिये जलाये:
अवगत हो कि यहां के मजदूरों के द्वारा आज दिपावली पर भी दिन रात हडताल पर डटे रहे। जिसमे आज दिपावली संयंत्र के मुख्य द्वार पर ही सभी ने अपने आशुओ के तेल से दिल की दिये जलाये। पर उन्होंने अयशी दिपावली मनाई जिसमे किसी ने किसी को बधाई नही दिया। बल्कि एक दुसरे का साथ और सबका आत्म विश्वास बढाते हुए भरोसा बनाये रखने पर बल दिया।





