
‘धुरंधर’ मे लिडरोल करने के बाद भी अक्षय खन्ना की तारीफ मे छीपा अहम किरदार रणवीर सिंह के रोल
बम्बई : हाल ही में रिलीज हुई हिन्दी फिल्म धुरंधर के शोर और खुशी में एक खामोशी भी छिपी, जो चीख रही है। ये खामोश चीख किसी और की नहीं, बल्कि फिल्म के लीड हीरो ranveersingh की है।रणवीर की खामोशी की चीख अगर नहीं सुन पा रहे हैं, तो समझिए हम फिर से बरसों पुराने उसी बॉलीवुडिया पैटर्न को बढ़ावा दे रहे हैं, जहां अच्छे कलाकार शानदार काम के बावजूद घुटन महसूस करते रहे हैं। यदि आपने ‘धुरंधर’ देखी है, तो इस बात की तस्दीक करेंगे कि रणवीर सिंह बतौर लीड होते हुए भी कहानी के पीछे रीढ़ की तरह दिखे हैं।
गौरतलब हो कि उन्होंने फिल्म में खुद को हीरो समझने की जगह, कहानी को हीरो बनाया और यही इस फिल्म की सबसे बड़ी खूबसूरती है। फिल्म में यकीनन बाजी अक्षय खन्ना मार ले गए हैं, लेकिन ‘रहमान डकैत’ की तरफदारी में हम कहीं ‘हमज़ा अली मजारी’ रणवीर सिंह के साथ भी वही बेईमानी तो नहीं कर रहे, जिसका दंश बरसों तक अक्षय खन्ना ने झेला है!’रहमान डकैत’ के किरदार में अक्षय खन्ना की दमदार एक्टिंग से किसी को बैर नहीं है। उनके डांस, उनकी स्माइल, कम बोलकर भी हावभाव से पर्दे पर तिलिस्म रचने का हुनर जानते हैं वो। फिल्म ‘धुरंधर’ की खूबसूरती उसकी कहानी और कास्टिंग दोनों में है। इस गठजोड़ के कारण फिल्म ने क्या गुल खिलाया है, वह बॉक्स ऑफिस के आंकड़े बयां कर रहे हैं। हर दिन नए रेकॉर्ड बन रहे हैं। लेकिन सोशल मीडिया पर हर जगह एक ही नाम है और वो हैं अक्षय खन्ना। रहमान की कसाईनुमा शोर में दिल पर असर करने वाला हमज़ा खामोश हो गया है।

बता दे कि इस ‘धुरंधर’ में अक्षय खन्ना का किरदार भले ही ज्यादा लाउड है। लेकिन रणवीर सिंह का रोल फिल्म के डायलॉग की तरह ‘घायल’ भी है और ‘घातक’ भी। फिल्म में एक अंडरकवर एजेंट बनकर उन्होंने जितने इमोशंस को एकसाथ जिया है वो तारीफ के काबिल है। बात ‘धुरंधर’ और रणवीर सिंह की हो रही है, तो फिल्म में उनकी आधी से भी कम उम्र की सारा अर्जुन के साथ रोमांस की भी करते हैं। किसी भी एक्टर के लिए उम्र का यह अंतर उसकी ऑनस्क्रीन केमेस्ट्री पर बहुत असर डालता है। लेकिन कहानी की मांग थी कि हमज़ा को अगर ल्यारी पर राज़ करना है तो जमाली की बेटी के साथ सच्चा इश्क करना होगा। मकसद ही सही, लेकिन रणवीर इश्क की इस परीक्षा में भी पास होते हैं।





