
ब्रेकिंग : नवा रायपुर के नकटी (सम्मानपुर) में प्रशासन द्वारा किया जारहा बेदखली का विरोध हुआ तेज
नकटी (सम्मानपुर) के ग्रामीणों ने प्रदेश के मीडिया और समाज से लगाई बचाव व न्याय दिलाने की गुहार
रायपुर : छत्तीसगढ़ के राजधानी नवा रायपुर के अंतर्गत आने वाले ग्राम नकटी (सम्मानपुर) के ग्रामीणों ने अपने घरों और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने मकानों को हटाने की कार्रवाई के विरोध में मीडिया, सामाजिक संगठनों एवं न्यायप्रिय नागरिकों से सहयोग की अपील की है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन द्वारा बिना उचित पुनर्वास और मुआवजे के उन्हें गांव खाली करने का नोटिस दिया गया है तथा क्षेत्र में पुलिस बल और जेसीबी मशीनों की तैनाती कर दी गई है।
गौरतलब हो कि इस संबंध में ग्रामीणों का कहना है कि गांव एयरपोर्ट, नई राजधानी और नवा रायपुर को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण मार्ग पर स्थित है, जिसके कारण भूमि पर दबाव बढ़ गया है। उनका आरोप है कि प्रभावशाली लोगों के हित में वर्षों से बसे परिवारों को बेदखल करने की तैयारी की जा रही है। वही यहां के ग्रामीणों ने यह भी बताया कि पिछले वर्ष भी इसी तरह की कार्रवाई का प्रयास हुआ था, जिसका विरोध स्थानीय लोगों एवं सामाजिक संगठनों ने किया था। उनका दावा है कि वर्तमान में फिर से 48 घंटे के भीतर मकान खाली करने का अल्टीमेटम दिया गया है।
ज्ञात यह भी हो कि ग्रामीणों के अनुसार, जिस लगभग 37 एकड़ भूमि को चारागाह बताकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही है। वह पूर्वजों द्वारा गांव के निस्तारी एवं पशुओं के उपयोग के लिए दान की गई थी। उनका यह भी कहना है कि शासन द्वारा इसी भूमि पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आर्थिक सहायता देकर मकान स्वीकृत किए गए थे। जिन्हें अब अवैध बताकर हटाने की तैयारी की जा रही है। इस पर ग्रामीणों ने दावा किया कि ग्राम पंचायत नकटी की आमसभा द्वारा इस प्रस्ताव पर लिखित आपत्ति दर्ज कराई गई थी, लेकिन उस पर ध्यान नहीं दिया गया।
अवगत हो कि यहां के पीड़ित परिवारों ने लोकतंत्र के चौथे स्तंभ मीडिया से अपील की है कि वे मौके पर पहुंचकर पूरे मामले की निष्पक्ष पड़ताल करें और उनकी आवाज शासन-प्रशासन तक पहुंचाएं। उनका यह भी कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं रुकी तो 1300 से अधिक आबादी वाला गांव उजड़ने की स्थिति में आ जाएगा।
वही अभी तक इस संबंध में प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया समाचार लिखे जाने तक प्राप्त नहीं हो सकी है। प्रशासन का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।




