छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा फैसला: नक्सल प्रभावित जिलों में विकास को रफ्तार, बनी “जिला निर्माण समिति”
भ्रष्टाचार पर सख्ती, निर्माण कार्यों की पारदर्शिता और गुणवत्ता पर जोर
रायपुर, 1 अप्रैल 2025: छत्तीसगढ़ सरकार ने नक्सल प्रभावित जिलों में विकास कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए “जिला निर्माण समिति” का गठन किया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार ने यह अहम निर्णय लिया है, जिससे सुकमा, बीजापुर और नारायणपुर जैसे नक्सल प्रभावित जिलों में निर्माण कार्यों का प्रभावी क्रियान्वयन और निगरानी सुनिश्चित होगी।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार को किसी भी स्तर पर सहन नहीं किया जाएगा और जनता के पैसों का सदुपयोग सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। इस पहल से सड़क, पुल-पुलिया, सरकारी भवन, स्कूल और अस्पतालों जैसे बुनियादी ढांचे के निर्माण में तेजी आएगी।
क्या है “जिला निर्माण समिति” और कैसे करेगी काम?
राज्य सरकार ने नक्सल प्रभावित जिलों के निर्माण कार्यों को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए “जिला निर्माण समिति” का गठन किया है।
✅ समिति के अध्यक्ष: संबंधित जिले के कलेक्टर
✅ सदस्य: पुलिस अधीक्षक, जिला पंचायत सीईओ, डीएफओ, लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन यंत्री, जिला कोषालय अधिकारी, और संबंधित विभाग के प्रमुख अधिकारी।
✅ कार्य क्षेत्र: संपूर्ण राजस्व जिला
✅ अनुपालन प्रक्रिया: प्रशासनिक स्वीकृति वर्तमान नियमों के तहत दी जाएगी
भ्रष्टाचार मुक्त और पारदर्शी निर्माण प्रक्रिया
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि तीन बार ऑनलाइन निविदा आमंत्रित करने के बावजूद ठेकेदारों के न मिलने पर ही समिति के माध्यम से निर्माण कार्य कराए जाएंगे।
⏩ 10 करोड़ तक के निर्माण कार्य समिति द्वारा किए जा सकते हैं।
⏩ ई-टेंडरिंग प्रक्रिया के माध्यम से ही ठेकेदारों का चयन होगा।
⏩ एक बड़े प्रोजेक्ट को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटने की सुविधा होगी, जिससे परियोजनाओं की गुणवत्ता बनी रहे।
किन जिलों में होगा अधिक प्रभाव?
सुकमा, बीजापुर और नारायणपुर जैसे घने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सड़क, पुल, स्कूल, अस्पताल और सरकारी इमारतों के निर्माण में अक्सर बाधाएं आती हैं। कई बार ठेकेदार नक्सल गतिविधियों के कारण निविदाओं में भाग नहीं लेते, जिससे विकास कार्य अधर में लटक जाते हैं।
इस नई समिति के गठन से अब इन जिलों में विकास कार्यों में तेजी आएगी और लंबित परियोजनाओं को समय पर पूरा किया जा सकेगा।
निर्माण कार्यों की गुणवत्ता होगी सर्वोच्च प्राथमिकता
✅ लोक निर्माण विभाग या कलेक्टर द्वारा नामित तकनीकी अधिकारी करेंगे निरीक्षण।
✅ निर्माण लागत का उचित निर्धारण किया जाएगा, जिससे अनियमितताओं पर रोक लगेगी।
✅ पिछले तीन महीनों में कराए गए समान कार्यों की दरों का तुलनात्मक अध्ययन किया जाएगा, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
सरकार की मंशा: विकास, विश्वास और पारदर्शिता
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह पहल न केवल प्रशासनिक दक्षता को बढ़ाएगी, बल्कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तेजी से विकास को बढ़ावा देगी। भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा और जनता को उनकी जरूरत की सुविधाएं जल्द मिलेंगी।
राज्य सरकार का यह निर्णय नक्सल प्रभावित जिलों में आधारभूत संरचना विकसित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। इससे विकास कार्यों को गति मिलेगी, निर्माण कार्य पारदर्शी होंगे और आम जनता को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।





