
छत्तीसगढ़ : तिल्दा नेवरा के बी एन बी विद्यालय के कला उत्सव मे विद्यार्थियों ने प्रस्तुति मे मचाई धूम
तिल्दा-नेवरा :
छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग शासन से प्राप्त निर्देशों के परिपालन में प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी छत्तीसगढ़ के जिला रायपुर के तिल्दा नेवरा बद्रीनारायण बगड़िया उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नेवरा में आज 10 जून को विकास खण्ड स्तरीय कला उत्सव का भव्य आयोजन किया गया । जिसमे यहां के इस कार्यक्रम की शुरूआत माँ भारती, छत्तीसगढ़ महतारी की पूजा एवं वंदन से हुई।
बता दे कि इस अवसर पर मुख्य अतिथि शाला प्रबंधन एवं विकास समिति अध्यक्ष नरेंद्र शर्मा ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए। कहा कि ये उत्सव बाल प्रतिभाओं को मंच प्रदान कर निखारने के उद्देश्य से आयोजित किये जाते हैं। उन्होंने प्रतिभागी बच्चों एवं शिक्षकों को बधाई देते हुए। कहा कि सरकार की मंशा है कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री माननीय नरेंद्र मोदी जी विकसित भारत श्रेष्ठ 2047 के विजन में इस तरह के कला उत्सवों का भी योगदान रहेगा।
वही अगले उद्धोधन मे भाजपा शहर मंडल उपाध्यक्ष सौरभ जैन ने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास की एक महत्वपूर्ण पहलू है, कला व संस्कृति। इस आयोजन के माध्यम से बच्चों में अपनी संस्कृति की समझ विकसित होने के साथ अभिव्यक्ति व प्रस्तुतिकरण की क्षमता में वृद्धि होगी। उन्होंने तिल्दा नगर में सबका अभिनंदन करते हुए। विकासखण्ड के समीपस्थ व दूरस्थ विद्यालयों से सहभागी शाला परिवारों की सराहना कीये। वही नोडल अधिकारी एवं प्राचार्य राजेश चंदानी ने बताया कि यह कार्यक्रम केंद्रीय शिक्षा व साक्षरता विभाग एवं राष्ट्रीय शिक्षा एवं प्रशिक्षण परिषद द्वारा समर्थित है। जिसकी शुरुआत बच्चों में लोककला, लोकसंस्कृति एवं भारतीय सांस्कृतिक विरासत की समझ विकसित करने के उद्देश्य से सन 2015 में कई गई थी।
ज्ञात हो कि इस कला उत्सव 2025 में बच्चों को गायन,वादन,नाटक,दृश्य कला,शास्त्रीय/उपशास्त्रीय नृत्य, पारंपरिक कहानी वाचन जैसी 12 विभिन्न विधाओं के माध्यम से अपनी कला प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर प्राप्त हो रहा है। उन्होंने आयोजन के स्वरूप में परिवर्तन की जानकारी देते हुए। बताया कि पूर्व के वर्षों में सहभागी प्राथमिक-माध्यमिक व उच्चतर माध्यमिक सभी स्तर के बालक- बालिकाओं की अलग-अलग श्रेणियों में मूल्यांकन किया जाता था। परंतु अब विद्यालय स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक केवल कक्षा 9वीं से 12 वी तक के प्रतिभागी विद्यार्थियों का समेकित रूप से निर्धारित मापदंडों व नियमों के अधीन मूल्यांकन किया जा रहा है। कला उत्सव” एक भारत-श्रेष्ठ भारत” पहल का भी एक हिस्सा है। जिसका उद्देश्य भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करना है।
इस कार्यक्रम विजेताओं की जानकारी यह जिसमे
विकासखण्ड स्तर से चयनित केवल प्रथम स्थान के प्रतिभागियों को ही जिला स्तरीय कला उत्सव में हिस्सा लेने की पात्रता होगी। विभिन्न विधाओं में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले विजेता निम्नानुसार रहे। मसलन:
संगीत( गायन एकल) न्याशा साहू पी एम श्री प्रियदर्शनी नेवरा, गायन समूह हेल्पिंग हैंड स्कूल खरोरा, संगीत (ताल)वादन एकल(शास्त्रीय/उपशास्त्रीय) उत्तम साहू विधासम्मत न होने के कारण अपात्र अर्थात निरंक , संगीत ( ताल) वादन समूह(लोक)सुयश एवं साथी हेल्पिंग हैंड स्कूल खरोरा, संगीत वादन तंत्री/सुषिर, निरंक नृत्य एकल (शास्त्रीय) चंचल रिजवानी पी एम श्री प्रियदर्शनी स्कूल नेवरा, नृत्य सामूहिक (लोक/जनजातीय)
हीना एवं साथी बी ए बी नेवरा,नाटक (समूह) निरंक,दृश्यकला एकल (चित्रकला/चित्रकारी/मुद्रण/व्यंग्य चित्र) अर्चिता निषाद पी एम श्री प्रियदर्शनी स्कूल नेवरा,दृश्यकला (त्रिआयामी मूर्तिकला) ईशा वर्मा पी एम श्री प्रियदर्शनी स्कूल नेवरा,दृश्यकला समूह(द्विआयामी/ त्रिआयामी/स्थानीय शिल्प निरंक ,
पारंपरिक कहानी वाचन (समूह) मयंक बघेल गिवेश चौबे पी एम श्री प्रियदर्शनी स्कूल नेवरा।
इस कार्यक्रम का कुशल संचालन शिक्षक दौलत धुरंधर व व्याख्याता जितेंद्र कुमार वर्मा ने किया। विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी आर पी दास,स्रोत समन्वयक संतोष कुमार शर्मा के संयोजन,नोडल अधिकारी राजेश चंदानी के कुशल मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में विकासखण्ड के विभिन्न विद्यालयों से आये प्रतिभागी बच्चों ने निर्धारित मापदंडों के अधीन आकर्षक लोकधुनों व शास्त्रीय आधार पर मनमोहक प्रस्तुतियां दी। निर्णायक संगीता रानी जेहवास, अंजली देवदास,नीतू देवदास,संध्या झा,यशोदा ध्रुव, ईश्वरी प्रसाद वर्मा, संतोष कुमार वर्मा,राजेश कुमार नायक,विकास शर्मा,विजय कुमार ध्रुव आदि का विशेष सहयोग रहा ।
कार्यक्रम में विशेष रूप से भूतपूर्व छात्र डॉ.तिहिलियानी हुए सम्मानित
अवगत हो कि कला उत्सव के दौरान कार्यक्रम स्थल शासकीयबद्रीनारायण बगड़िया उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नेवरा के भूतपूर्व छात्र रहे डॉ. प्रकाश उधवदास तहिलियानी का शुभागमन हुआ। उल्लेखनीय है कि लगभग 50 वर्ष पूर्व विद्यालय में विज्ञान संकाय के प्रावीण्यता प्राप्त विद्यार्थी डॉ तहिलियानी वर्तमान में सीनियर क्लीनिकल साइंटिस्ट हैं। जिनका विश्व स्तर पर हर्बल प्राकृतिक मेडिक्लिनिकल औषधि निर्माण के क्षेत्र में एक विशिष्ट पहचान बन चुकी है। जिनका उपयोग क्रोनिकल कैंसर जैसी असाध्य बीमारियों के लिए विशेष चिकित्सा हेतु की जा रही है। वर्तमान में नवसारी गुजरात में निवासरत है। डॉ. तहिलियानी 2001 में भारत सरकार द्वारा सम्मानित हो चुके हैं। नीदरलैंड एवं विश्व के अनेक देशों में अपने रिसर्च का लोहा मनवाने में सफल रहे हैं,विगत तीन महीने से यूरोप में अपने शोध संबंधी क्रियाकलापों में व्यस्त रहे। जर्मनी की 550 वर्ष पुरानी विश्वविद्यालय ने उन्हें क्लीनिकल रिसर्च हेतु विजिटिंग डाइरेक्टर के रूप में चुना है। अगले माह उनका लंदन प्रवास प्रस्तावित है। उन्होंने विद्यालय में स्थापित प्रयोगशाला एवं पुस्तकालय हेतु एक लाख रुपये दान राशि प्रदान कीये है ।
विकासखण्ड स्तरीय कला उत्सव में उपस्थित संस्था प्रमुखों,निर्णायकों, आयोजन समिति के पदाधिकारियों सहित प्राचार्य राजेश चंदानी ने डॉ. ताहिलयानी का स्मृति-चिन्ह,शाल श्रीफल से सम्मानित करते हुए आभार व्यक्त किया ।
इस अवसर पर डॉ.साहब ने उपस्थित जनसमूह को प्रेरित करते हुए कहा कि गाँव, कस्बों में भी प्रतिभाओं की कमी नहीं , हम विकासशील देश के नागरिक हैं परंतु 21 वीं सदी के इस दौर में हमारे पास उपलब्ध अत्याधुनिक तकनीक,वैज्ञानिक दृष्टिकोण, सकारात्मक चिंतन का कठोर परिश्रम, लगन व समर्पण की भावना से राष्ट्रहित में सदुपयोग किया जाय तो कोई भी उपलब्धि दुर्लभ नहीं ।





