
तिल्दा में शिक्षक सम्मान समारोह में गूंजा संदेश “शिक्षक: सशक्त भारत के निर्माता
तिल्दा नेवरा : ब्रह्माकुमारीज़ के शिक्षा प्रभाग द्वारा 7 सितम्बर को शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में एक भव्य “शिक्षक सम्मान समारोह”** का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शीर्षक था। “Teachers: The Builders of Empowered India”। इस आध्यात्मिक एवं प्रेरणादायक कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों की भूमिका को केवल शिक्षा तक सीमित न रखकर, राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को रेखांकित करना था।
गौरतलब हो कि कार्यक्रम की अध्यक्षता की श्री नरेंद्र शर्मा अध्यक्ष बीएनबी स्कूल एसोसिएशन एवं वरिष्ठ भाजपा नेता, तिल्दा ने। अन्य विशिष्ट अतिथियों में शामिल रहीं श्रीमती ममता ऐरी प्राचार्या, जेबी इंटरनेशनल स्कूल, तिल्दा श्री भुनश्वर प्रसाद वर्मा सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक एवं योग प्रशिक्षक; तथा बीके नमिता बहन वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका। ने ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा दी जाने वाली ईश्वरीय ज्ञान से अपने पारिवारिक अनुभवों को साझा किया और कहा कि आत्मज्ञान से जीवन में अद्भुत परिवर्तन संभव है। उन्होंने संस्था को मंच पर आमंत्रण के लिए धन्यवाद दिया।
अवसर पर ममता ऐरी मैडमने अपने संबोधन में छात्रों के पाठ्यक्रम के साथ-साथ उनके चरित्र निर्माण पर विशेष बल दिया। उन्होंने शिक्षकों को समाज निर्माण की नींव बताया और इस सुंदर आयोजन के लिए ब्रह्माकुमारीज़ टीम का आभार व्यक्त किया।वही अवसर पर भुनश्वर प्रसाद वर्मा जी ने अपने शिक्षण अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि उनके कई छात्र आज सफल जीवन जी रहे हैं और विभिन्न स्तरों पर पुरस्कार प्राप्त कर चुके हैं। उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे विद्यार्थियों को मानसिक चुनौतियों का सामना करने हेतु मार्गदर्शन दें।
बता दे कि इस कार्यक्रम के मुख्य वक्ता बीके नमिता बहन ने बताया कि आज के युग में शिक्षा को आध्यात्मिकता से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि एक आदर्श शिक्षक की पहचान है। प्रेमपूर्ण व्यवहार, भावनात्मक बुद्धिमत्ता, अनुशासन, प्रेरणादायी आचरण, तथा सभी विद्यार्थियों को समान दृष्टि से देखना। उन्होंने आत्मा और शरीर के ज्ञान को उदाहरणों के साथ स्पष्ट किया और आत्मिक-स्थिति में रहने के लाभों पर प्रकाश डाला। इसके पश्चात उन्होंने सभी को राजयोग ध्यान का अनुभव कराया और स्व-संयम के तकनीक साझा की। साथ ही, उन्होंने जानकारी दी कि 10 सितम्बर से तिल्दा केंद्र में शाम 5:30 से 6:30 बजे तक नि:शुल्क आध्यात्मिक ज्ञान व ध्यान शिविर आयोजित किया जा रहा है।
ज्ञात हो कि कार्यक्रम का संचालन कुशलता से श्रीमती अंजू सोनी ने किया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में गणेश वंदना द्वारा आश्वी गुप्ता छोटे बच्चों द्वारा शिक्षकों के महत्व पर नाटक किशोर छात्रों द्वारा आदर्श पेरेंटिंग व टीचिंग पर नाटक तथा मोहीनी और गुंजन द्वारा स्वागत नृत्य ने सभी का मन मोह लिया।
कार्यक्रम में “राजयोग थॉट लैब” की जानकारी देने वाला एक प्रेरणादायक वीडियो भी दिखाया गया, जिसमें भारत के विभिन्न संस्थानों के विद्यार्थियों के अनुभव साझा किए गए।समारोह में तिल्दा क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों से आए सभी शिक्षकों को **ईश्वरीय प्रसाद व सम्मान सौगात प्राप्त हुआ .
यह कार्यक्रम न केवल शिक्षकों के प्रति सम्मान का प्रतीक था, बल्कि उन्हें आत्मज्ञान और आध्यात्मिक शिक्षा से सशक्त बनाने की दिशा में एक सार्थक पहल भी।





