
तिल्दा जनपद में 15 वें वित्त की राशि आंबटन पर भाजपा कांग्रेस एकजुट हो उतरे विरोध मे
तिल्दा-नेवरा : छत्तीसगढ़ के जिला रायपुर के जनपद पंचायत तिल्दा नेवरा में जनपद क्षेत्र में विकास की दिशा में कोई भी कदम नही उठाने से लोगो मे आक्रोश व्याप्त है। सर्वविदित है कि भारत सरकार द्वारा पंचायतों के विकास हेतु 15 वें वित्त आयोग (जनपद स्तर) वर्ष 2025-26 की राशि को लेकर जनपद पंचायत तिल्दा-नेवरा में बड़ा बवाल खड़ा हो गया है।इस पर बहुत से जनपद सदस्यों का यह आरोप है। की जनपद अध्यक्ष और जनपद CEO मनमाने ढंग से कुछ क्षेत्रों में विभाजित कर है। इसी मुद्दे को लेकर आक्रोशित लोगों ने 08 सितंबर से एक दिवसीय धरना प्रदर्शन की शुरुआत की गई है।
गौरतलब हो कि इस संबंध में यहां के तिल्दा नेवरा जनपद के कुछ सदस्यों का कहना है कि इस संबंध में उन्होंने कई बार लिखित आवेदन कलेक्टर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, धरसींवा विधायक अनुज शर्मा , जिला रायपुर एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत रायपुर को ज्ञापन सौंपा। लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अब मजबूर होकर उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है।
ज्ञात हो कि चेतावनी देते हुए तिल्दा नेवरा जनपद सदस्यों ने स्पष्ट किया है कि यदि इस राशि का सभी क्षेत्रों में समान वितरण नहीं हुआ। तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास की इस राशि को सभी क्षेत्रों में नहीं देना सीधे-सीधे जनहित के खिलाफ है।इस अवसर पर चांदनी यदु (क्षेत्र क्र. 1) ने कहा कि “तिल्दा जनपद पंचायत में इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि बीजेपी और कांग्रेस दोनों दलों के जनपद सदस्य एक साथ सड़क पर उतरे हैं। जब तक राशि सभी क्षेत्रों को आवंटित नहीं होगी। तब तक हमारा यह आंदोलन जारी रहेगा।”
तिल्दा नेवरा जनपद पंचायत के इस धर्मा प्रदर्शन मे शामिल होने वाले जनपद सदस्यों मे चांदनी यदु क्षेत्र क्रमांक 1, भारती निर्मलकर क्षेत्र क्रमांक 7, शिवशंकर वर्मा क्षेत्र क्रमांक 25,
ललनी ध्रुव क्षेत्र क्रमांक 12, कलयनी सिरमौर क्षेत्र क्रमांक 6, तुकाराम जोगी क्षेत्र क्रमांक 13, प्रकाश सागरवंशी क्षेत्र क्रमांक 14, गंगा वर्मा क्षेत्र क्रमांक 23, आदि शामिल है।
जाने ये है विरोध प्रदर्शन के मुख्य कारण जिसके लिए सत्तापक्ष भाजपा व विपक्ष कांग्रेस के दोनो जनपद सदस्यों द्वारा मीलकर यह विरोध किया जा रहा है। जिसमे तिल्दा-नेवरा जनपद पंचायत की 1.55 करोड़ की राशि का दुरूपयोग करना। सदस्यों के द्वारा कई बार दिए आवेदन,पर भी अब तक कार्यवाही नहीं हुई। जिसके लिए 08 सितम्बर से शुरू हुआ एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया। बडी चेतावनी के साथ कहा गया है कि कार्रवाई न होने पर आंदोलन उग्र करने किया जाएगा।





