
छत्तीसगढ़ में नगर स्वच्छता अभियान पर अंधानुकरण हावी के साथ शिक्षित लोग भी फैला रहे गंदगी
रायपुर : छत्तीसगढ की राजधानी रायपुर समेत सभी जिला मुख्यालय क्षेत्रों में यह नजारा देखने को मिलेगा। जहा नगर में पहले से ही गंदगी का भरमार है। जहां कहीं भी देखो केवल गंदगी का आलम देखा जा सकता है। अब अशिक्षित और बेजागरूक लोगों के साथ ही शिक्षित लोगों के द्वारा भी अंधानुकरण करते हुए। देखा देखी के परिणाम स्वरूप नगर में इन दिनों परंपरागत गंदगी के साथ ही। एक अलग किस्म की गंदगी देखने को मिल रही है। जो चाहे वह सामाजिक कार्यक्रम हो धार्मिक हो या फिर इसी तरह का कोई भी अन्य आयोजन। कथित शिक्षित कहलाने वाले लोगों के द्वारा ऐसे आयोजनों में नवनिर्मित एयर प्रेशर मशीन से चमकीले पॉलिथीन का बना हुआ प्लास्टिक के टुकड़ों को कार्यक्रम के दौरान जमकर प्रयोग किए जाने से आयोजन स्थल सहित आसपास में भारी गंदगी फैलाने का आरोप लोगों द्वारा लगाया जा रहा है।
अवगत हो कि पिछले कुछ एक सालो से इस मशीन का चलन हर कार्यक्रम में बढ़-चढ़ कर किया जा रहा है। जिसमें आयोजकों द्वारा टेंट वालों को डेकोरेशन के साथ इस प्रकार का गंदगी उड़ाने के लिए बाकायदा ठेका दिया जा रहा। कहने को तो कार्यक्रम में इस तरह से गंदगी फैलाने पर आयोजन मे शिरकत करने वाले मेहमानों द्वारा तारीफ भले ही की जा रही हो और कार्यक्रम में चार चांद लग रही हो। वही कार्यक्रम को खुशनुमा बनाने का प्रयास सफल हो रहा हो। पर नगर के स्वच्छता अभियान पर बदनुमा के बराबर समस्या को आंकी जा सकती है। जहां आयोजकों द्वारा इस तरह से नगर के गली मोहल्लो चौक चौराहों में गंदगी फैला कर आगे बढ़ जाते हैं। वही आसपास के लोगों के लिए यह चमकीला पॉलिथीन वाली गंदगी परेशानी का सबक बन रहा है। यह सब हालत पिछले कुछ महीनो से लगातार देखने को मिल रहा है। इसके पहले कलर कागजों को उड़ाने का परंपरा देखा जाता था। जो पर्यावरण में बहुत आसानी से घुल मिलकर समाप्त हो जाता था। पर अब इन कागजों के बदले चमकीला पॉलिथीन ने ले लिया है। जो पर्यावरण सहित स्वच्छता अभियान के लिए बड़ी मुसीबत साबित हो रही है।
प्रशासन सहित आम लोगों को कोई परवाह नहीं :
देखा जा रहा है कि लंबे समय से इस तरह से फैली गंदगी पर प्रशासन को कोई लेना-देना नहीं जानपडता है। सफाई अभियान के लिए जिम्मेदार लोगों के द्वारा इस तरह से फैली गंदगी को आधा अधूरा समेट कर चलते बनते हैं। तो वहीं दूसरी तरफ इस प्रकार गंदगी फैलाने वाले कथित लोगों को इस बात से कोई लेना-देना नहीं लगता है। अंततः इस गंदगी से आम जनता को प्रतिदिन दो चार होना पड़ता है। जहां एक ओर कुछ साल पहले केंद्र सरकार के द्वारा सिंगल युज पॉलिथीन पर प्रतिबंध लगाया गया है। जो की आज के परिपेक्ष में इस प्रतिबंध का जो हाल हो रहा है। वह हम सबके सामने हैं। और अब जहां एक ओर सिंगल युज पॉलिथेन प्रतिबंध की धज्जियां उड़ रही है। तो वहीं दूसरी तरफ अब एक नई समस्या नगर वासियों के लिए परेशानी का सबक बना हुआ है।
सोचने वाली बात यह है कि आखिरकार इस एयर कंप्रेसर मशीन द्वारा उड़ाई जा रही गंदगी को किस तरह से नियंत्रित किया जाए। यह बड़ा प्रश्न लोगों के मन में बिजली की भांति कौंध रहा है।
बता दे कि जनता कर रही मांग कि लगाया जाए आवश्यक प्रतिबंध। आयोजकों द्वारा प्रशासन से इस तरह के किसी भी प्रकार के आयोजन के लिए जब इजाजत दी जाती है। तभी प्रशासन को चाहिए कि इस तरह से फैलाई जाने वाली गंदगी पर शासन द्वारा अनिवार्य सशर्त के बाद ही स्वीकृति प्रदान की जाए। तभी इस तरह से नगर में फैलाई जा रही गंदगी को नियंत्रित किया जा सकता है। अन्यथा हमें हर प्रकार के धार्मिक सामाजिक अथवा अन्य कार्यक्रमों में गली मोहल्ला एवं नगर के चौक चौराहों में इसी प्रकार की भारी गंदगी देखने को मिलेगा। जिसमें हर किसी को इस गंदगी से जूझना पड़ता रहेगा।इस पर नगर प्रशासन को ध्यान देना चाहिए।





