
छतौद में आज छेरछेरा के पर्व पर आज से दो दिवसीय श्री माता सेवा जसगीत एवं झांकी प्रतियोगिता का शुभारंभ
तेंदुआ (रायपुर) के नन्हे बाल कलाकारों ने दी मनमोहक प्रस्तुति
तिल्दा-नेवरा (रायपुर), 2 जनवरी 2026 :छत्तीसगढ़ के जिला रायपुर अंतर्गत विकासखंड तिल्दा-नेवरा के समीपस्थ ग्राम छतौद में प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी दो दिवसीय श्री माता सेवा जसगीत एवं झांकी प्रतियोगिता का भक्तिमय शुभारंभ आज से हो गया। छत्तीसगढ़ के पारंपरिक लोक पर्व छेरछेरा (अन्नदान पर्व) के पावन अवसर पर आयोजित इस धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम ने पूरे गांव और आसपास के अंचल को भक्ति, श्रद्धा और उल्लास से सराबोर कर दिया।
बता दे कि कार्यक्रम के पहले दिन रायपुर जिले के समीपस्थ ग्राम तेंदुआ से आए नन्हे बाल कलाकारों ने अपनी सुमधुर जसगीत, भावपूर्ण नृत्य और आकर्षक प्रस्तुति से दर्शकों का मन मोह लिया। बाल कलाकारों की प्रस्तुति में मां दुर्गा की भक्ति, लोकसंस्कृति और छत्तीसगढ़ी परंपराओं की सुंदर झलक देखने को मिली, जिसे उपस्थित दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ खूब सराहा।
ज्ञात हो कि इस अवसर पर ग्राम छतौद में धार्मिक वातावरण देखने को मिला। मंच को आकर्षक ढंग से सजाया गया था, वहीं माता रानी की भव्य प्रतिमा और ज्योति प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। आयोजकों ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य हिंदू धर्म, संस्कृति और परंपराओं को जीवंत बनाए रखना तथा आदि शक्ति मां दुर्गा की आराधना करना है। यह पुनीत कार्य ग्राम पंचायत छतौद के युवाओं एवं ग्रामीणों के सामूहिक प्रयास से प्रतिवर्ष किया जाता है।
गौरतलब हो कि आज छत्तीसगढ़ के लोक पारंपरिक पर्व छेरछेरा के पावन अवसर पर गांव में टोलियों की अच्छी शुरुआत हुई। छेरछेरा पर्व पर अन्नदान की परंपरा निभाते हुए ग्रामीणों ने घर-घर जाकर दान दिया और लोकगीतों के माध्यम से सामाजिक एकता का संदेश दिया। इस पर्व के साथ जसगीत एवं झांकी प्रतियोगिता का आयोजन कार्यक्रम को और भी विशेष बना गया।
ज्ञात हो कि कार्यक्रम में विभिन्न गांवों से आए कलाकारों और दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ी। श्रद्धालुओं और दर्शकों में विशेष उत्साह देखने को मिला। महिलाएं, बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी माता रानी की भक्ति में लीन नजर आए। नन्हे बाल कलाकारों की प्रस्तुति ने विशेष रूप से सबका ध्यान आकर्षित किया, जिनकी उम्र कम होने के बावजूद मंच पर आत्मविश्वास और कला कौशल प्रशंसनीय रहा।
आयोजक समिति के सदस्यों ने बताया कि प्रतियोगिता के दूसरे दिन विभिन्न दलों द्वारा जसगीत, झांकी और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी, जिसमें मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों, छत्तीसगढ़ी लोककथाओं और सामाजिक संदेशों पर आधारित झांकियां प्रस्तुत की जाएंगी। विजेता दलों को पुरस्कार एवं सम्मान प्रदान किया जाएगा।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में ग्राम पंचायत छतौद के युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों का सराहनीय योगदान रहा। आयोजन समिति ने सभी कलाकारों, अतिथियों और दर्शकों के प्रति आभार व्यक्त किया तथा आगामी दिनों में भी ऐसे धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजनों को निरंतर जारी रखने की बात कही।
कुल मिलाकर ग्राम छतौद में शुरू हुआ यह दो दिवसीय श्री माता सेवा जसगीत एवं झांकी प्रतियोगिता न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति और परंपराओं को संजोने का एक सुंदर प्रयास भी है।





