All India NewsChhattisgarh NewsLatest News

ब्रेकिंग : दिल्ली हाई कोर्ट में INTUC की ऐतिहासिक जीत, मजदूर एकता को मिली नई ताकत

नई दिल्ली : देश के श्रमिक आंदोलन के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया है। Indian National Trade Union Congress (INTUC) को Delhi High Court से बड़ी कानूनी राहत मिली है। अदालत के इस फैसले को मजदूर अधिकारों, प्रतिनिधित्व और संगठनात्मक वैधता की दिशा में ऐतिहासिक जीत माना जा रहा है।

img 20260424 wa00106805897115357645818 - img 20260424 wa00106805897115357645818

जाने क्या है पूरा मामला?

बता दे कि वर्ष 2017 में केंद्र सरकार ने आंतरिक विवादों का हवाला देते हुए INTUC को सरकारी बैठकों और अंतरराष्ट्रीय मंचों से बाहर कर दिया था। इस निर्णय के खिलाफ संगठन ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। अब हाई कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि उस समय जारी किया गया पत्र अब प्रभावी नहीं है और उसकी वैधता समाप्त हो चुकी है।

जाने फैसले की मुख्य बातें :

गौरतलब हो कि अन्यायपूर्ण प्रतिबंध समाप्त: अदालत ने 2017 के आदेश को अप्रासंगिक मानते हुए INTUC के लिए रास्ता साफ किया।
वास्तविक नेतृत्व को मान्यता: केंद्र सरकार ने अदालत में स्वीकार किया कि जांच समिति ने Dr. G. Sanjeeva Reddy के नेतृत्व वाले गुट को वैध माना है।

हाई कोर्ट का सरकार को निर्देश:

मामले में Justice Pushpendra Kumar Kaurav की पीठ ने केंद्र सरकार को 8 सप्ताह के भीतर 2017 के फैसले की समीक्षा करने का निर्देश दिया।
प्रतिनिधित्व का रास्ता साफ: इस निर्णय से कोल इंडिया से जुड़ी JBCCI और अन्य समितियों में INTUC की भागीदारी का मार्ग प्रशस्त हुआ है।

फैसले से मजदूरों में खुशी की लहर:

इस फैसले के बाद देशभर के मजदूर संगठनों और INTUC कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है। इसे न केवल संगठन की जीत बल्कि हर मेहनतकश श्रमिक की जीत बताया जा रहा है।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

अवगत हो कि श्रमिक मामलों के जानकारों का मानना है कि यह फैसला भविष्य में ट्रेड यूनियनों की वैधता और प्रतिनिधित्व से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण उदाहरण बनेगा।

देश के मजदूरों के लिए दिल्ली हाई कोर्ट का यह फैसला एक स्पष्ट संदेश देता है कि न्यायपालिका मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। यह निर्णय साबित करता है कि एकजुटता और सत्य के बल पर किसी भी अन्याय को चुनौती दी जा सकती है।

मजदूर एकता जिंदाबाद | INTUC जिंदाबाद

Leave a Reply

Related Articles