
ब्रेकिंग : सिमगा बलौदाबाजार सडक बदहाली पर फूटा भारी जनाक्रोश क्रांति सेना सहीत क्षेत्र के लोगों ने किया प्रदर्शन
छत्तीसगढ़ क्रांति सेना व जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी का धरना, प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
बलौदाबाजार, 18 जुलाई 2026 : छत्तीसगढ़ के जिला बलौदाबाजार भाठापारा के अंतर्गत जो कि भारी औद्योगिक क्षेत्र के अंतर्गत है। यहां के सिमगा–सुहेला–बलौदाबाजार मार्ग की जर्जर स्थिति और लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं के विरोध में शनिवार को सुहेला तिगड्डा चौक स्थित छत्तीसगढ़ महतारी प्रतिमा के सामने छत्तीसगढ़ क्रांति सेना एवं जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के संयुक्त नेतृत्व में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया।
बता दे कि यहा आंदोलनकारियों ने सड़क की तत्काल मरम्मत एवं निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग को लेकर चक्का जाम की घोषणा की थी। लेकिन प्रशासन के आश्वासन के बाद चक्का जाम स्थगित कर कलेक्टर बलौदाबाजार-भाटापारा के नाम ज्ञापन सौंप दिया।
गौरतलब हो कि धरना सभा को संबोधित करते हुए। वक्ताओं ने कहा कि सिमगा–सुहेला–बलौदाबाजार मार्ग पिछले लगभग दो वर्षों से बदहाल स्थिति में है। सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे होने के कारण आम नागरिकों, विद्यार्थियों, किसानों, व्यापारियों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के मौसम में गड्ढों में पानी भर जाने से दुर्घटनाओं का खतरा और बढ़ गया है।
वही इस मामले में आंदोलनकारियों ने बताया कि सड़क निर्माण के लिए शासन द्वारा लगभग 48.70 करोड़ रुपये की लागत से 48.60 किलोमीटर सड़क सुदृढ़ीकरण कार्य 19 मार्च 2026 को किरण बिल्डिकॉन, बेमेतरा को आवंटित किया गया था। और छह माह में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद जुलाई तक निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं होने से क्षेत्रवासियों में भारी नाराजगी है।
अवगत हो कि जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष चंद्रकांत यादव ने कहा कि कार्यादेश जारी होने के चार महीने बाद भी निर्माण एजेंसी द्वारा काम शुरू नहीं करना गंभीर लापरवाही है। उन्होंने मांग की कि यदि संबंधित एजेंसी समय पर कार्य प्रारंभ करने में सक्षम नहीं है तो उसका ठेका तत्काल निरस्त कर किसी अन्य सक्षम एजेंसी को दिया जाए।
वही उन्होंने लोक निर्माण विभाग पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि विभाग चार महीने से ठेकेदार से काम शुरू नहीं करा पाया। बरसात से पहले निर्माण शुरू नहीं कराना विभाग की उदासीनता को दर्शाता है। उन्होंने कार्यपालन अभियंता अनुज शर्मा पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए उनके निलंबन की मांग की। साथ ही कहा कि जनता के बीच स्वयं उपस्थित होने के बजाय सब-इंजीनियर को भेजना लोगों के साथ मजाक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल पैचवर्क से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि गुणवत्तापूर्ण और स्थायी सड़क निर्माण कराया जाना चाहिए।
ज्ञात हो कि धरना स्थल पर पहुंचे तहसीलदार किशोर कुमार वर्मा, थाना प्रभारी प्रमोद सिंह तथा लोक निर्माण विभाग के सब इंजीनियर विश्वनाथ कुर्रे ने आंदोलनकारियों से चर्चा कर उनकी मांगों को सुना। तहसीलदार ने बताया कि प्रशासन सड़क की स्थिति से पूरी तरह अवगत है और कलेक्टर के निर्देश पर लगातार निगरानी की जा रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में बारिश के कारण तकनीकी रूप से डामरीकरण संभव नहीं है, इसलिए 15 अक्टूबर के बाद सड़क निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। तब तक गड्ढों की नियमित मरम्मत और पैचवर्क कराया जाएगा।
सब इंजीनियर विश्वनाथ कुर्रे ने भी आश्वासन दिया कि जहां-जहां गड्ढे बन रहे हैं, वहां तत्काल पैचवर्क कराया जा रहा है तथा बारिश समाप्त होते ही स्वीकृत योजना के अनुसार निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
प्रशासन के आश्वासन के बाद छत्तीसगढ़ क्रांति सेना एवं जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के पदाधिकारियों ने कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपते हुए सड़क की तत्काल मरम्मत, निर्माण कार्य में हुई देरी की निष्पक्ष जांच तथा निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण सड़क निर्माण सुनिश्चित करने की मांग की। इसके बाद प्रस्तावित चक्का जाम स्थगित कर दिया गया।
धरना-प्रदर्शन में छत्तीसगढ़ क्रांति सेना एवं जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र यादव, संगठन मंत्री विनोद वर्मा, जिला सचिव शीतल वर्मा, ब्लॉक अध्यक्ष संतु यादव, चोवाराम वर्मा, लेखराम वर्मा, परस वर्मा, परस पाल सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी, कार्यकर्ता, महिलाएं एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।





