
20 जूलाई को भिलाई में हरेली रैली यह हरेली तिहार छत्तीसगढ़िया संस्कृति का दर्पण
भिलाई में 20 को हरेली रैली पर ही छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना का सिग्नेचर अभियान भी
रायपुर, 9 जूलाई 2025 : छत्तीसगढ़ के धार्मिक-सांस्कृतिक कैलेंडर का पहला त्यौहार हरेली मनाने के लिये छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना अपनी पुरजोर तैयारियों में जुटी हुई है । संगठन इसे बड़े पैमाने पर पिछले एक दशक से लगातार मनाते आ रहा है । छत्तीसगढ़ में किसी भी सामाजिक संस्था के आयोजनों में भिलाई के जबर हरेली रैली को प्रमुख एवं विशालतम माना जाता है ।
बता दे कि यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़िया संस्कृति का आईना है। क्योंकि इस एक दिवसीय कार्यक्रम में ही बस्तरिहा मांदरी, सुवा, पंथी, करमा,गेड़ी,अखाड़ा,राऊतनाचा,डंडानृत्य जैसे सभी छत्तीसगढ़ के लगभग हर कलाविधा का रैली के रुप में प्रदर्शन करते हुए। सैकड़ों लोक कलाकार 10 किलोमीटर की यात्रा करते चलते हैं । वही साथ में हजारों लोगों का जन-सैलाब चलता है ।
इस आयोजन को लेकर आयोजकों ने बताया कि इस बार की रैली में छत्तीसगढ़ महतारी एवं महापुरुषों की झांकी के अलावा प्रदेश की राजभाषा छत्तीसगढ़ी भाषा में पढ़ाई लिखाई एवं उसे कार्यालयीन भाषा बनाने का आह्वान करते हुए। जनता व छत्तीसगढ़ सरकार से आह्वान भी किया जायेगा। इसे एक मुहिम के रूप में हस्ताक्षर अभियान के तहत गतिप्रदान किया जायेगा। चूकि सर्वविदित है कि देश की अधिकतर राज्य अपनी स्थानीय भाषा व बोली को महत्वपूर्ण मानते हुए। स्थानीय भाषा को सभी क्षेत्रो में सम्मान व स्थान दिया जाता है। तो छत्तीसगढ़ मे छत्तीसगढीया भाषा को महत्व क्यो नही।





