
फिर पत्रकार को धमकी भरा नोटिस बडे राष्ट्रीय पार्टी के नेता द्वारा
रायपुर, 23 जूलाई 2025 : फिर एक बार छत्तीसगढ़ की मीडिया और राजनीति के गलियारों में एक नई बहस ने जन्म ले लिया है। जिसमे कांग्रेस पार्टी के मीडिया संचार प्रभारी सुशील आनंद शुक्ला द्वारा वरिष्ठ पत्रकार विप्लव दत्ता को नोटिस भेजा गया है। अयसे धमकी भरे नोटिस भेजे जाने के बाद छत्तीसगढ़ के पत्रकारों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
बता दे कि यह विवाद तब शुरू हुआ। जब बीते 16 जुलाई को पत्रकार विप्लव दत्ता ने एक समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें कथीत समाचार मे यह कहा गया था कि सूत्रों के हवाले से दावा किया गया था कि कांग्रेस संचार प्रभारी का पद बदला जा सकता है। और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से उनका सामंजस्य नहीं रह गया है।यह सनसनी भरा समाचार प्रकाशित किये जाने की बात सामने आई है। इसी खबर के प्रकाशित होने के बाद से ही सुशील आनंद शुक्ला ने पत्रकार को नोटिस भेजा। जिसमें समाचार डिलीट करने और माफी मांगने जैसी बातें लिखी गई थीं।
गौरतलब हो कि वही इस पर पत्रकारों का कहना है कि यह कदम अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला है। और मीडिया को मानसिक रूप से दबाव में लाने की कोशिश भी । इससे पत्रकारों का कहना है कि कांग्रेस पार्टी लोकतांत्रिक व्यवस्था और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की बात तो करती है। लेकिन जब कोई पत्रकार उनकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है। तो उसे दबाने की कोशिश होती है। तो कई पत्रकारों ने यह भी कहा कि वे कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को पत्र लिखकर सुशील आनंद शुक्ला को पद से हटाने की मांग करने की भी बात कही गई है ।
इस पर पत्रकार विप्लव दत्ता ने क्या कहा :
नोटिस मीलने पर वरिष्ठ पत्रकार विप्लव दत्ता ने यह स्पष्ट किया है। कि उन्होंने खबर केवल सूत्रों के हवाले से प्रकाशित किया था। जैसा कि मुख्यधारा की पत्रकारिता में आम चलन है। बावजूद इसके। उन्हें नोटिस थमा दिया गया। इस पर पत्रकार दत्ता ने कहा कि उनके मनोबल को तोड़ने की कोशिश किया जा रहा है।
पहले भी विवादो मे रहा है कांग्रेसी नेता सुशील आनंद शुक्ला :
६की कांग्रेस पार्टी की राजनीति कलह मे यह पहला मामला नहीं है। जो कांग्रेस नेता सुशील आनंद शुक्ला विवादों में आए हों। इससे पहले भी एक वरिष्ठ महिला कांग्रेस की पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता राधिका खेड़ा ने भी उन पर गंभीर आरोप लगाए थे। जो किसी मिडिया से छुपी नही थी।जिसमे सुशील आनंद शुक्ला द्वारा अशोभनीय व्यवहार और अनुचित प्रस्ताव जैसी बातें रोती हुई कही थी।
पत्रकार के आरोप पर सुनील आनंद शुक्ला ने जाने क्या कहां :
इस मामले मे कांग्रेस पार्टी के मिडिया एवं संचार प्रभारी सुशील आनंद शुक्ला का कहना है कि मेरे खिलाफ गलत तरीके से समाचार चलाया गया था।जिसमे मेरी छबी को धूमिल करने का प्रयास किया गया था। बीना किसी प्रमाणिकता खबर प्रकाशित किया गया। इसलिए हमारे वकील द्वारा नोटिस दिया गया है।
इस मामले में बीजेपी के प्रवक्ता गौरीशंकर श्रीवास ने जाने क्या कहा:
मामले में तुल पकडता देख कर बीजेपी के प्रवक्ता का कहना है कि एक चरित्र हीन व्यक्ति ने जिन पर, उनकी पार्टी की महिला ने गंभीर आरोप लगाए थे। वह व्यक्ति गुंडा की तरह पत्रकारों को नोटिस देकर धमकाने की कोशिश कर रहे है। इससे यह प्रतीत होता है कि सत्ता का नशा अभी भी उतरा नहीं। लेकिन ये न भुले कि वर्तमान में छत्तीसगढ़ प्रदेश में विष्णुदेव साय जी की सुशासन की सरकार है। पत्रकारों के साथ हम खड़े रहेंगे और इस लड़ाई को लड़ेंगे। किसी भी पत्रकारों को डरने, हताश होने की जरूरत नहीं है।
मामले में छत्तीसगढ़ के पत्रकारों मे एक बार फिर भारी आक्रोश व्याप्त है। यदि मामले को शांत नही किया गया। तो पत्रकारों के द्वारा भारी आंदोलन करने को बाध्य होगे। इतना ही नहीं कांग्रेस की आलाकमान कहे जाने वाले शीर्ष नेतृत्व को भी पत्र लिख कर शिकायत किया जायेगा।





