
श्रमिको के लिए अंतिम सांस तक लडता रहूंगा : डां जी संजीवारेड्डी सीमेंट फेडरेशन इंटक का 222 वाँ राष्ट्रीय अधिवेशन संपन्न
हैदराबाद तेलंगाना, 5 अगस्त 2025 : आज अखिल भारतीय राष्ट्रीय सीमेंट वर्क्स यूनियन (इंटक) की 222 वां कार्यकारिणी की बैठक तेलंगाना के राजधानी हैदराबाद में संपन्न हुआ। जिसमे आगामी वेज बोर्ड में असंगठित एवं ठेकेदार मजदूरों को शामिल करने की जैसी महत्वपूर्ण विषयों व सीमेंट सेक्टर में उद्योगपतियों के द्वारा किये जारहे मनमानी व शोषण जैसी बहुत से बातो को लेकर चर्चा कर विचार-विमर्श किया गया। इस बैठक में सीमेंट फेडरेशन इंटक यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व सांसद डां. जी संजीवारेड्डी जी की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। तो वही अधिवेशन मे राष्ट्रीय महासचिव देवराज सिंह, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष तुलसीदास सनाड्य, उपाध्यक्ष एवं राजस्थान इंटक अध्यक्ष जगदीश राज श्री माली, उपाध्यक्ष एन. तुलसीदास, देवेन्द्र गहलोत, रमेश कुमार, तेलंगाना इंटक महासचिव चन्द्रशेखर आदि की उपस्थिति रही है।
गौरतलब हो कि सभा को संबोधित करते हुए डॉ जी संजीवारेड्डी जी ने कहा कि आने वालीं चुनौतियां देश के मजदूरों के लिए बहुत भारी होंगी। लेकिन इसके लिए इंटक यूनियन तैयार है। इसके बाद सभा को सभी नेताओं ने भी संबोधित किया। तो वही सभी वक्ताओं ने डॉ रेड्डी के नेतृत्व में आस्था व्यक्त करते हुए। आगामी वेज बोर्ड के लिए सभी की राय मांगी है।
बता दे कि इस समय देश में सीमेंट श्रमिकों के हालात बहुत दयनीय है। जिसमे से एक अडानी ग्रुप द्वारा ए सी सी, अंबुजा, और भी अनेक सीमेंट कंपनियों का अधिग्रहण किया जा चुका है। और मजदूरों के शोषण के समाचार आ रहे हैं। जो चिंता का विषय है। मगर भारतीय मजदूरों का शोषण अडानी को महंगा पड़ सकता है।
गोतम अडानी को मानवीय पहलू को ध्यान में रखते हुए। दमन कारी प्रबंधन से बचना होगा।
प्रबंधन को भी अपने निजी स्वार्थों को ताक में रख कर आगे आना होगा।
आज भारतीय सीमेंट उद्योग का देश के विकास में अहम स्थान है। उसमें श्रमिकों की भूमिका महत्वपूर्ण है। आज देश में 90%मजदूर असंगठित है। उनकी दयनीय हालत पर कोई ध्यान नहीं दे रहा हैं। सरकार उद्योगपतियों की गुलाम प्रतीत होती हैं। सरकारों को अपने मजदूरों के हितों की रक्षा के एक नीति बनाना समय की मांग है।
ज्ञात हो कि आगामी 1 अप्रेल 2026 से सीमेंट श्रमिकों का वेज बोर्ड लागू होगा। इससे पूर्व सीमेंट निर्माता संघ एवं श्रम संगठनों को असंगठित श्रमिकों के लिए कोई सम्मानजनक कार्ययोजना पर विचार करना होगा। ताकि उन्हें भी न्याय मिल सके।
अब देखना है सरकार ,श्रमिक संगठन एवं सीमेंट कारखानों के मालिक क्या कदम उनके हित में उठाते हैं। बहरहाल अभी सीमेंट उद्योग की स्थिति ठीक है। यह जानकारी तुलसीदास सनाड्य राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष राष्ट्रीय सीमेंट फेडरेशन के द्वारा दिया गया।





