
क्या यही शुसान है छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार पर सरकार खामोश, पत्रकारों की उपेक्षा पर सवाल
रायपुर (मुकेश कुमार) : छत्तीसगढ़ प्रदेश के विभिन्न विभागों में प्रतिदिन करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार की जानकारी सामने आ रही है। पत्रकार अपनी जान की परवाह किए बिना इन मामलों को जनता तक पहुंचाये जा रहे हैं। बावजूद इसके, राज्य सरकार की ओर से गंभीर पहल और ठोस कार्रवाई का अभाव साफ दिखाई दे रहा है।
सूत्रों के अनुसार, पत्रकार लगातार भ्रष्टाचार की खबरें उजागर कर रहे हैं। लेकिन शासन-प्रशासन की चुप्पी से यह संदेश जा रहा है कि भ्रष्टाचार रोकने के प्रति सरकार संवेदनशील नहीं है। पत्रकारों का कहना है कि वे केवल जनता की आवाज बनकर सच्चाई को सामने लाते हैं। लेकिन इसके बदले उन्हें न सुरक्षा मिलती है। और न ही उनके करियर और परिवार की चिंता की जाती है।
बता दे कि पत्रकारों ने यह भी आरोप लगाया है कि सरकार संविदा भर्ती जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी ध्यान नहीं दे रही। लंबे समय से संविदा भर्ती की मांग की जा रही है। लेकिन अभी तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। इससे पत्रकारों के भविष्य और उनके परिवारों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।

ज्ञात हो कि पत्रकारों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से अपील की है कि वे न केवल भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने की दिशा में सख्त कदम उठाएँ, बल्कि पत्रकारों की सुरक्षा, संविदा भर्ती और उनके करियर को लेकर भी ठोस पहल करें।





