
छत्तीसगढ़ : अब पेंशनरों को बैको का चक्कर लगाना बंद मोबाइल एप से जीवन प्रमाण पत्र भर सकेगे
मुख्यमंत्री श्री साय व वित्तमंत्री ओ पी चौधरी की अनुठी पहल पेंशनर घर पर ही जीवन प्रमाण पत्र भरेगे
रायपुर :
छत्तीसगढ़ के पेंशनरों के लिए साय सरकार द्वारा राहत और सुविधा की बड़ी सौगात दिया है। जिसमे अब पेशनरो को जीवन प्रमाण पत्र बनवाने के लिए बैंकों या कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप वित्त मंत्री श्री ओ.पी.चौधरी के विशेष प्रयासों से प्रदेश के पेंशनरों के लिए यह डिजिटल सुविधा प्रारंभ किया गया है।
बता दे कि पेंशनरों को साल मे एक बार नवंबर में अपने जीवीत हेने का प्रमाण स्वत: बैको व कार्यालयों में प्रस्तुत होना पडता था। जिसमे वृद्धावस्था में बहुत से पेंशनरों को की प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता था।
इस संबंध में केंद्र सरकार और छत्तीसगढ़ शासन के संयुक्त सहयोग से डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अभियान 4.0 की शुरुआत की जा रही है। जिसके अंतर्गत अब पेंशनर अपने घर बैठे ही मोबाइल ऐप के माध्यम से जीवन प्रमाण पत्र बना सकेंगे। जो कि बडी खबर हैं।
गौरतलब हो कि छत्तीसगढ़ सरकार के प्रशासनिक विभाग के निर्देशन में सभी जिलो में इस अभियान के क्रियान्वयन की तैयारी पूरी कर ली गई है। और जिले के सभी पेंशनरों तक यह सुविधा सुगमता से पहुंचाने की दिशा में विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।
पेंशन एवं भविष्य निधि संचालनालय, रायपुर द्वारा प्रारंभ इस सुविधा के अंतर्गत पेंशनर अपने एंड्रॉइड मोबाइल फोन में आधार फेस आरडीऔर जीवन प्रमाण फेस ऐप डाउनलोड कर, चेहरे की पहचान के माध्यम से डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र बना सकेंगे। यह तकनीक पूरी तरह सुरक्षित, सरल और पारदर्शी है, जिससे पेंशनरों को अपने घर के आरामदायक वातावरण में ही प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने की सुविधा मिलेगी।
ज्ञात हो कि डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अभियान 4.0 पूरे देश में 1 नवंबर से 30 नवंबर 2025 तक संचालित होगा। इस अवधि में छत्तीसगढ़ के सभी जिले में भी विशेष शिविरों का आयोजन किया जाएगा। ताकि अधिक से अधिक पेंशनरों को इसका लाभ मिल सके।
इन शिविरों में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक की टीमें पेंशनरों को प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया में सहयोग प्रदान करेंगी। साथ ही जिन पेंशनरों को मोबाइल ऐप का उपयोग करने में कठिनाई होती है। वे अपने नजदीकी बैंक या पोस्ट ऑफिस जाकर फेस ऑथेंटिकेशन के माध्यम से भी प्रमाण पत्र बनवा सकेंगे।
अवगत यह भी हो कि राज्य शासन ने वरिष्ठ नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए। अब 80 वर्ष या उससे अधिक आयु वाले पेंशनरों को अक्टूबर माह से ही प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने की अनुमति दी है।
वहीं, जो पेंशनर स्वास्थ्य कारणों या अन्य परिस्थितियों के कारण घर से बाहर नहीं जा सकते हैं। उनके लिए होम विजिट सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। जिसके तहत बैंक या पोस्ट ऑफिस की टीम उनके घर पहुंचकर जीवन प्रमाण पत्र तैयार करेगी।

मिली जानकारी के अनुसार इस अभियान का संचालन भारत सरकार के कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय के समन्वय में किया जा रहा है। राज्य स्तर पर वित्त विभाग, छत्तीसगढ़ शासन तथा संचालनालय पेंशन एवं भविष्य निधि, रायपुर द्वारा आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं।
अभियान का मुख्य उद्देश्य पेंशनरों के जीवन को सरल, सम्मानजनक और आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि उन्हें सरकारी प्रक्रियाओं के लिए किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।





