
शा उ मा विद्यालय सासाहोली तिल्दा में “वंदे मातरम” का भव्य सामूहिक गान, राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत हुआ वातावरण
सासाहोली तिल्दा नेवरा :
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सासाहोली में दिनांक 15 जनवरी 2026 को राष्ट्रभक्ति एवं सांस्कृतिक चेतना को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से “वंदे मातरम” का सामूहिक गान कार्यक्रम गरिमामयी और अनुशासित वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर विद्यालय परिसर देशप्रेम, एकता और अनुशासन की भावना से ओतप्रोत नजर आया। कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं, शिक्षकगणों के साथ-साथ जनभागीदारी समिति के सम्मानित सदस्यों की सक्रिय एवं प्रेरक उपस्थिति रही, जिससे आयोजन की गरिमा और उद्देश्य दोनों को विशेष बल मिला।
कार्यक्रम का शुभारंभ निर्धारित समय पर विद्यालय प्रांगण में किया गया। सर्वप्रथम उपस्थित सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं जनभागीदारी समिति के सदस्यों ने भारत माता के चित्र के समक्ष श्रद्धापूर्वक नमन कर राष्ट्र के प्रति अपनी आस्था प्रकट की। इसके पश्चात “वंदे मातरम” का सामूहिक गान प्रारंभ हुआ। जैसे ही गीत की प्रथम पंक्तियाँ गूंजीं, पूरा वातावरण देशभक्ति की भावनाओं से भर उठा।
विद्यार्थियों ने अनुशासनबद्ध पंक्तियों में खड़े होकर एक स्वर में वंदे मातरम का गायन किया, जिससे विद्यालय परिसर में राष्ट्रप्रेम की सशक्त अनुभूति हुई।
इस अवसर पर जनभागीदारी समिति की अध्यक्षा माननीया श्रीमती रानी सौरभ जैन ने विद्यार्थियों के उत्साह, अनुशासन और राष्ट्रप्रेम की भावना की मुक्त कंठ से सराहना की। उन्होंने अपने संक्षिप्त लेकिन प्रेरक उद्बोधन में कहा कि “वंदे मातरम केवल एक गीत नहीं है, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक धरोहर, स्वतंत्रता संग्राम की अमूल्य स्मृतियों और राष्ट्र के प्रति समर्पण का प्रतीक है। इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और उनके भीतर देश के प्रति कर्तव्यबोध को जाग्रत करते हैं।” उन्होंने विद्यालय परिवार को इस सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए भविष्य में भी ऐसे राष्ट्रप्रेरक कार्यक्रम आयोजित करने का आह्वान किया।
इस अवसर विद्यालय के प्राचार्य डॉ. सुभाष शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि सामूहिक गान जैसे आयोजन विद्यार्थियों में एकता, अनुशासन, सहयोग और राष्ट्रप्रेम जैसे मूल्यों का विकास करते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को जिम्मेदार, संस्कारवान और राष्ट्र के प्रति जागरूक नागरिक बनाना भी है। वंदे मातरम जैसे गीतों के माध्यम से विद्यार्थियों में देशभक्ति की भावना स्वाभाविक रूप से विकसित होती है, जो उनके जीवन में सकारात्मक दिशा प्रदान करती है।

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के शिक्षकगणों ने भी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया और आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई। पूरे कार्यक्रम के दौरान अनुशासन और व्यवस्था सराहनीय रही, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि विद्यार्थियों में सामूहिकता और सहयोग की भावना कितनी मजबूत है।

इस कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी अतिथियों, जनभागीदारी समिति के सदस्यों, शिक्षकगणों एवं विद्यार्थियों ने राष्ट्र के प्रति निष्ठा बनाए रखने तथा विद्यालय को शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक रूप से निरंतर आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। सामूहिक वंदे मातरम गान ने न केवल विद्यालय परिसर को देशभक्ति के रंग में रंग दिया, बल्कि विद्यार्थियों और समाज के बीच राष्ट्रीय चेतना की एक सशक्त कड़ी भी स्थापित की।
कुल मिलाकर यह आयोजन अत्यंत सफल, प्रेरणादायी और स्मरणीय रहा, जिसने विद्यार्थियों के मन में राष्ट्रप्रेम की भावना को और अधिक प्रगाढ़ किया।





