
ग्राम बहेसर के शौर्य प्लांट में मजदूरों का किया जा रहा निरंतर शोषण न्यूनतम मजदूरी नही देने को लेकर श्रमायुक्त को सौपा ज्ञापन
तिल्दा नेवरा (बहेसर), 19 फरवरी 2026: छत्तीसगढ़ के जिला रायपुर के क्षेत्र विकासखंड तिल्दा नेवरा के समीपस्थ औद्योगिक क्षेत्र के अंतर्गत संचालित ग्राम पंचायत बहेसर स्थित शौर्य प्लांट पर मजदूरों के शोषण का मामला गरमाया हुआ है। यहां प्रबंधन द्वारा कलेक्टर दर से कम मजदूरी देने पर बंशी यादव ने रायपुर सहायक श्रम आयुक्त को औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। जिसमे इस आवेदन में बताया गया है, कि शौर्य प्लांट मजदूरों को निर्धारित न्यूनतम मजदूरी से काफी कम भुगतान कर रहा है। इतना ही नहीं प्लांट में बाल श्रमिक बोर्ड न लगाया जाना और कलेक्टर दर सूची का बोर्ड न प्रदर्शित करना। श्रम कानूनों का खुला उल्लंघन है।
अवगत हो कि यहां लंबे कार्य घंटों में ओवरटाइम, पीएफ और ईएसआई लाभ भी नहीं मिल रहे। मजदूरों के परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। वही यहां के पूर्व विवादों के इतिहास को बंशी यादव ने उल्लेख किया कि शौर्य प्लांट पहले भी शासकीय जमीन पर अवैध कब्जे को आवेदन तहसील दार को दिए थे। लेकिन अब मजदूरी शोषण ने ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ा दिया है।
बंशी यादव ने चेतावनी दी कि तत्काल जांच न हुई। तो बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।श्रम विभाग की कार्रवाई संभावनाश्रम आयुक्त कार्यालय ने आवेदन संज्ञान में ले लिया है। औचक निरीक्षण और जांच के बाद दोषी पाए जाने पर बैक वेजेस, भारी जुर्माना और लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई हो सकती है। न्यूनतम मजदूरी अधिनियम 1948 के तहत सख्त प्रावधान हैं।

छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में स्पंज आयरन प्लांट रोजगार देते हैं। लेकिन शोषण आम शिकायत है। बंशी यादव की यह पहल अन्य प्रभावित मजदूरों के लिए प्रेरणा बनेगी। स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों ने भी समर्थन घोषित किया है। श्रमिक अधिकारों की रक्षा जरूरी है।





