
ब्रेकिंग : छग से सत्यजीत शेंडे ने US ट्रेड डील के विरोध में सांसद घेराव के दौरान दी गिरफ्तारी
नई दिल्ली : अमेरिका के साथ प्रस्तावित US ट्रेड डील के विरोध में आज दिल्ली में युवा कांग्रेस द्वारा आयोजित सांसद घेराव कार्यक्रम में देशभर से आए युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता सत्यजीत शेंडे भी इस आंदोलन में शामिल हुए और देशहित से जुड़े इस मुद्दे पर अपनी आवाज बुलंद की।
सांसद घेराव के माध्यम से युवा कांग्रेस कार्यकर्ता केंद्र सरकार से यह मांग कर रहे थे कि अमेरिका के साथ हो रही ट्रेड डील के संबंध में देश की जनता, किसानों, छोटे व्यापारियों और युवाओं को स्पष्ट जानकारी दी जाए। युवा कांग्रेस का मानना है कि इस प्रकार की अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक डील का सीधा प्रभाव देश की अर्थव्यवस्था, किसानों की आय, छोटे उद्योगों और आम जनता पर पड़ सकता है, इसलिए सरकार को इस विषय पर पारदर्शिता रखनी चाहिए।
बता दे कि इस शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस द्वारा कार्यकर्ताओं को रोकते हुए बल प्रयोग किया गया। कई कार्यकर्ताओं के साथ धक्का-मुक्की की गई और उन्हें जबरन बसों में भरकर गिरफ्तार किया गया। इस दौरान सत्यजीत शेंडे ने भी लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए अपनी गिरफ्तारी दी और सरकार की दमनकारी नीतियों का विरोध किया।
गौरतलब हो कि सत्यजीत शेंडे ने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज उठाना कोई अपराध नहीं है। संसद देश की जनता की भावनाओं का प्रतिनिधित्व करती है और यदि जनता के प्रतिनिधियों से जवाब मांगने के लिए युवा सड़क पर उतरते हैं, तो सरकार को उसे सुनना चाहिए, न कि पुलिस बल के माध्यम से उसे दबाने का प्रयास करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आज जिस प्रकार से शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर पुलिस कार्रवाई की गई, वह लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। सरकार को यह समझना चाहिए कि युवाओं की आवाज को लाठी-डंडों और गिरफ्तारियों से दबाया नहीं जा सकता।

वही सत्यजीत शेंडे ने आगे कहा कि युवा कांग्रेस देश के किसानों, युवाओं, मजदूरों और आम जनता के अधिकारों की लड़ाई लड़ती रहेगी। चाहे कितनी भी गिरफ्तारियां क्यों न हों, युवा कांग्रेस का हर कार्यकर्ता देशहित के मुद्दों पर संघर्ष करने से पीछे नहीं हटेगा।
उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि अमेरिका के साथ हो रही ट्रेड डील के सभी पहलुओं को सार्वजनिक किया जाए और देश की जनता को भरोसे में लेकर ही कोई बड़ा फैसला लिया जाए।





