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श्रम कानून सुधारों पर इंडस्ट्रीऑल ग्लोबल यूनियन का वेबिनार सम्पन्न, दक्षिण एशिया के ट्रेड यूनियनों ने साझा की रणनीति

रायपुर/छत्तीसगढ़ : अंतराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर इंडस्ट्रीऑल ग्लोबल यूनियन – साउथ एशिया कार्यालय द्वारा “श्रम कानून सुधारों पर रणनीतिक चर्चा” विषय पर एक महत्वपूर्ण वेबिनार का सफल आयोजन किया गया। इस अंतरराष्ट्रीय वेबिनार में भारत, नेपाल, पाकिस्तान, बांग्लादेश और श्रीलंका सहित दक्षिण एशिया के विभिन्न देशों के प्रमुख ट्रेड यूनियन नेताओं ने भाग लिया। साथ ही अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) की प्रतिनिधि एलिना गेरासिमोवा की उपस्थिति ने इस कार्यक्रम को और अधिक महत्वपूर्ण बना दिया।

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AI के द्वारा जारी पोस्टर

बता दे कि वेबिनार का संचालन इंडस्ट्रीऑल ग्लोबल यूनियन – साउथ एशिया के रीजनल सेक्रेटरी आशुतोष भट्टाचार्य द्वारा किया गया। उन्होंने कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए श्रम कानूनों में हो रहे तेजी से बदलावों और उनके दूरगामी प्रभावों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बदलते वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए क्षेत्रीय सहयोग और सामूहिक रणनीति बेहद जरूरी हो गई है।
इस वेबिनार का मुख्य उद्देश्य दक्षिण एशिया के देशों में श्रम कानूनों में हो रहे एवं प्रस्तावित सुधारों पर विचार-विमर्श करना, उनके श्रमिकों पर पड़ने वाले प्रभावों को समझना तथा ट्रेड यूनियनों की भूमिका को मजबूत करना था। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने अनुभव साझा किए और बताया कि किस प्रकार श्रम सुधारों के नाम पर कई बार श्रमिकों के अधिकारों में कटौती की जा रही है।

गौरतलब हो कि भारत की ओर से INTUC (इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस) के महासचिव श्री संजय कुमार सिंह, श्री एस.क्यू. ज़ामा और श्री आशीष यादव ने सक्रिय भागीदारी निभाई। उन्होंने भारत में लागू किए जा रहे नए श्रम कानूनों और उनके संभावित प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि श्रम सुधारों के नाम पर श्रमिकों की सुरक्षा, वेतन, सामाजिक सुरक्षा और कार्यस्थल के अधिकारों से समझौता नहीं किया जाना चाहिए।

इस अवसर पर प्रतिभागियों ने यह भी साझा किया कि दक्षिण एशिया के अधिकांश देशों में श्रमिकों को समान प्रकार की चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है—जैसे असंगठित क्षेत्र का विस्तार, ठेका प्रथा का बढ़ना, और श्रम अधिकारों का कमजोर होना। ऐसे में क्षेत्रीय स्तर पर एकजुट होकर काम करना समय की मांग है।

अवगत हो कि इस वेबिनार के दौरान यह सहमति बनी कि ट्रेड यूनियनों को न केवल राष्ट्रीय स्तर पर बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सहयोग बढ़ाना होगा। सामूहिक सौदेबाजी (Collective Bargaining) को मजबूत करने, श्रमिकों को जागरूक करने और सरकारों पर श्रमिक-हितैषी नीतियां लागू करने के लिए दबाव बनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।

इस अवसर पर कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने यह संकल्प लिया कि दक्षिण एशिया में श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए आपसी सहयोग को और मजबूत किया जाएगा। साथ ही यह सुनिश्चित करने की दिशा में काम किया जाएगा कि भविष्य के श्रम सुधार सामाजिक न्याय, समानता और श्रमिक हितों को ध्यान में रखकर किए जाएं।
यह वेबिनार श्रमिक संगठनों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ, जहां विचारों का आदान-प्रदान हुआ और भविष्य की रणनीतियों को लेकर स्पष्ट दिशा तय की गई।

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