
ब्रेकिंग : दो विवाह करना पडा डांक्टर को भारी किये गये विभाग द्वारा निलंबित
रायपुर : छत्तीसगढ़ में एक बडी बात सामने आई है। जो दांपत्य जीवन से जुडी हुई है। वही पत्नीयो के लिए बडा न्याय संगत साबित हुआ है। जिसमें एक पत्नी के रहते दुसरी शादी करना अब नौकरीपेशा व्यक्ति के लिए बडा अपराध माना गया है। जी हां छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य विभाग के एक चिकित्सक की निजी जिंदगी का गैरकानूनी निर्णय अब उनके सरकारी करियर पर भारी पड़ गया है। डॉ. मिथलेश साहू, जो महासमुंद जिले के अमोड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बतौर चिकित्सा अधिकारी पदस्थ थे। जो द्विविवाह के गंभीर आरोप में अब विभाग के द्वारा पहली बार तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए हैं।यह वर्तमान समय के लिए बडी बात व न्याय संगत भी मानी जा रही है।
बता दे कि इस मामले मे मंत्रालय द्वारा अयसा दस्तावेजों को जारी किया गया है। जिसमे एक सम्मानित पद पर नियुक्त जिसका नाम डॉ. मिथलेश साहू ने 26 मई 2023 को महासमुंद की डिगेश्वरी साहू से हिन्दू रितिरिवाज से विधिवत विवाह किया था। लेकिन उक्त डाक्टर के द्वारा अपनी पहली बिहाता पत्नी के रहते हुए भी उन्होंने बिना तलाक लिए, 8 जनवरी 2024 को धमतरी निवासी सृष्टि साहू से दूसरी शादी कर ली। जब यह बडी खुलासा से विभाग को चौकाने वाली लगा।
जो कि यह सीधे तौर पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 22 का स्पष्ट उल्लंघन है माना जाता है। जिसके अंतर्गत किसी भी सरकारी सेवक को पहली पत्नी के जीवित रहते दुसरी विवाह की अनुमति नहीं देता है।यह एक बडी अपराध की श्रेणी में आता है।
इस घटना की पुष्टि के बाद शासन ने नियमों के तहत निलंबन ठोका -शासन ने इस अनुशासनहीन और गैरकानूनी आचरण की पुष्टि के बाद, छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 9(1)(क) के अंतर्गत डॉ. साहू को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। जिसमे निलंबन के बाद डॉ. साहू को संभागीय संयुक्त संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं, रायपुर के अधीन मुख्यालय में अटैच किया गया है। अब वे उक्त सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना रायपुर मुख्यालय छोड़ नहीं सकते।यह उक्त डांक्टर के लिए बडी सजा मानी जा रही है।
गौरतलब हो कि मीली जानकारी के अनुसार डॉ. साहू की दूसरी पत्नी सृष्टि साहू को उनकी पहली शादी की जानकारी नहीं थी। मामला तब और उछला जब कांकेर जिले के तत्कालीन CMHO को डॉ. साहू की पहली पत्नी व परिजनों द्वारा लिखित शिकायत दी गई और पूरा घटनाक्रम कांकेर और महासमुंद की स्थानीय मीडिया में प्रमुखता से उजागर हुआ। इस प्रकार से पहली पत्नी के द्वारा शिकायत किये जाने के बाद मिडिया ने बात उछाली जिसके चलते डांक्टर लपेटे मे आया।
अवगत हो कि इस मामले में यदि पहली पत्नी की ओर से अगर पुलिस में आपराधिक शिकायत दर्ज कराई जाती है। मीली जानकारी के अनुसार IPC की धारा 494 (द्विविवाह) के तहत मामला पहले ही दर्ज हो चुका है। तो डॉ. साहू को 7 वर्ष तक की सजा भी हो सकती है।यह अपराध की श्रेणी में माना जाता है। वही मामले मे तर्क वितर्क की भी बात सामने आई है जिसमें कुछ महिला संगठनों ने राज्य महिला आयोग से मामले पर संज्ञान लेने की बात कही है। वहीं मानवाधिकार संगठनों का भी तर्क है कि इसे व्यक्तिगत जीवन का मामला है तो इसे गोपनीयता के साथ निपटाने चाहिए।





