
छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना के साथ होकर एक नई क्रान्ति की शुरुआत करेंगे अल्दा के ग्रामीण
तिल्दा नेवरा : छत्तीसगढ़ के जिला रायपुर के तिल्दा नेवरा क्षेत्र के ग्राम अल्दा गांव में आज जिस उत्साह से लोग क्रान्ति सेना का हिस्सा बने हैं, वह बताता है कि अब नेतृत्व गांव से होगा। यह सिर्फ एक संगठन नहीं, बल्कि उन करोड़ों ग्रामीणों की आवाज़ है, जो दशकों से हाशिए पर रखे गये थे। अब राज्य और देश का पूरा भ्रष्ट तंत्र देखेगा जिस हाशिए से फसल कटती है वही ग्रामीणों का अचूक हथियार भी बन सकता है।

गांव अब नेतृत्व करेगा, मोहताज नहीं रहेगा। क्रान्ति सेना की सदस्यता ले रहे लोग अब अपने प्रतिनिधियों से सिर्फ विकास नहीं, ईमानदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही की उम्मीद कर रहे हैं।
जयघोष नहीं रुकेगा, ये तो शुरुआत है
धरती माँ को कोई नहीं बेच सकता”,
हमें प्रदूषण नहीं, जीवन चाहिए”
यह आंदोलन अब सिर्फ अल्दा का नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के हर उस गांव का है, जो अब शोषण का शिकार नहीं बनना चाहते।
ग्राम अल्दा की यह क्रान्ति न केवल एक गांव को बचाने की लड़ाई है, बल्कि यह पूरी ग्रामीण भारत की आत्मा को जगाने का शंखनाद है। जब गांव बोलेगा, तो सत्ता को सुननी पड़ेगी — यह अल्दा साबित करके रहेग़।
छत्तीसगढ़ का छोटा-सा गांव ‘अल्दा’ अब किसी मानचित्र काछत्तीसगढ़ क्रान्ति सेना के साथ होकर एक नई क्रान्ति की शुरुआत करेंगे ग्रामीण
सिर्फ नाम भर नहीं, बल्कि एक चेतना, एक चेतावनी और एक जनआंदोलन का प्रतीक बन चुका है। जिन गांवों की आवाज़ को शासन प्रशासन द्वारा वर्षों से अनसुना किया गया था, वह आज छत्तीसगढ़ की सत्ता का नींव हिलाने का माद्दा रखता है।_
बालाजी स्पंज एंड पावर प्रा. लिमिटेड जैसे उद्योगों के ज़हरीले साये से अपने गांव की हरियाली, जीवनशैली और भावी पीढ़ियों को बचाने के लिए ग्राम अल्दा के ग्रामीणों ने जो एकता दिखाई है, उसने फैक्ट्री प्रबंधन, शासन प्रशासन के भ्रष्ट तंत्र, जनता की हितैषी कहलाने वाली डबल इंजन की सरकार और उसके दलालों का जीना हराम कर दिया है।
जहां पहले गांवों को छल, धोखा और लालच से चुप करा दिया जाता था, वहीं आज अल्दा की आवाज़ ऐसी बनी है कि उसके जयघोष अब राजनैतिक गलियारों की नींदें उड़ा रहे हैं। भूतपूर्व सरपंच, कुछ पंचों और राजनैतिक दल के एक भडुवे चवन्नी छाप टुच्चे नेता द्वारा कथित धोखाधड़ी कर फर्जी अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करने की घटना ने गांव की चेतना को जगा दिया। जब ग्रामसभा की मर्जी के खिलाफ काम हुआ, तो वह घटना सिर्फ एक धोखाधड़ी नहीं रही, ग्रामीणों के दिलों में वह एक आग बन गई।
अल्दा के हजारों ग्रामीणों ने एकजुट होकर न सिर्फ विरोध दर्ज कराया, बल्कि वे आज क्रान्ति सेना की सदस्यता लेकर उस व्यवस्था को चुनौती दे रहे हैं, जिसने आज़ादी के 75 वर्षों बाद भी गांवों को शोषण और प्रदूषण की भेंट चढ़ाया।
आजादी के बाद से शासन-प्रशासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के साथ की गई अन्यायपूर्ण नीति अब पलटवार के दौर में है। अब बहला फुसलाकर वोट लेने वालों को जवाब देने के लिए गांव तैयार है, अब तक हमें क्या मिला? प्रदूषण, बीमारी, लाचारी और फर्जी वादे? और अपने ही घर में बाहरी लोगों की गुलामी, यह सब नहीं चलने वाला।
अबकी बार जवाब नहीं, हिसाब होगा!”
अब ग्रामीण क्षेत्रों में क्षेत्रीय जनसंगठन उभर रहे हैं, जो बिना किसी दलगत राजनीति के जनता की बात कर रहे हैं। लोगों का भरोसा अब बड़ी राष्ट्रीय पार्टियों से उठ चुका है।
अमित बघेल केन्द्रीय अध्यक्ष जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी ने अपने संगठन के साथ जोरो-शोरों से छत्तीसगढ़ में लगातार सदस्यता अभियान चला रहें हैं
सदस्यता अभियान पर छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के तमाम पदाधिकारी मौजूद थे
चंद्रकांत यदू प्रदेश उपाध्यक्ष JCP
ललित बघेल केन्द्रीय सदस्य कार्यकरनीCKS
सुरेंद्र बलौदा बाजार जिला अध्यक्ष JCP
योगेश साहू जिला अध्यक्ष रायपुर ग्रामीण JCP
अजय वर्मा जिला अध्यक्ष रायपुर ग्रामीण CKS
सोनू साहू जिला उपाध्यक्ष रायपुर ग्रामीण JCP
लोकेश सतनामी अध्यक्ष खरोरा ब्लाक JCP अविराज साहू, महेश साहू, प्रदीप साहू, अजय देवांगन,दीपक, राकेश साहू, हेमंत वर्मा, तुषार वर्मा, कीर्तनी वर्मा लता वर्मा सावित्री पैकरा सुमित ध्रुव मनोज वर्मा कौशल निषाद आसकरण साहू तमाम पदाधिकारी मौजूद थे





