प्रधानमंत्री ने कहा जैसलमेर भयंकर बस अग्निकांड देश को झकझोर दिया गहरी संवेदना व्यक्त किया
भारी धुये के साथ आग के बीच सहायता के लिए चीखते चिल्लाते रहे लोग
जैसलमेर: देश के राज्य राजस्थान के जैसलमेर में बीते 14 अक्टूबर, मंगलवार के दोपहर हुए भीषण बस अग्निकांड ने पूरे राज्य के साथ साथ देश को हिलाकर रख दिया है। क्योंकि यह दुर्घटना अब तक 21 लोगों की जान ले चुकी है। इस भयावह मंजर को अपनी आंखों से देखने वाले चश्मदीदों की रूह कांप उठी है।
जानकारी के मुताबिक इस हादसे के एक चश्मदीद एडवोकेट जितेंद्र ने कहा की, जिन्होंने उस खौफनाक पल का ब्योरा दिया। जब केके ट्रेवल्स की स्लीपर बस आग के गोले में तब्दील हो गई थी।
आसमान में धुएं के साथ सहायता के लिए चीखते-चिल्लाते रहे लोग :
घटना की जानकारी देते हुए बताया एडवोकेट जितेंद्र उस वक्त थईयात गांव से जैसलमेर की ओर आ रहे थे। उन्होंने बताया कि जैसे ही वे गांव से कुछ दूर निकले। तभी अचानक आसमान में धुएं का गुबार उठता दिखाई दिया। जब वे नज़दीक पहुंचे, तो सामने का मंजर भयानक था। जितेंद्र ने बताया, ‘बस पूरी तरह आग के गोले में बदल चुकी थी। जिसमे उसके अंदर महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे थे। जो मदद के लिए जोर-जोर से चिल्ला रहे थे। उनके पूरे शरीर में आग लग रही थी। हमने देखा कि शरीर की चमड़ी जल चुकी थी। हाथ, पैर और घुटनों से खून बह रहा था। जलते हुए लोग मदद के लिए ‘बचाओ-बचाओ’ और ‘हो रे मर गए, हो रे मर गए’ चिल्ला रहे थे। कुछ महिलाओं के तो पूरे कपड़े जल चुके थे। वहां मौजूद लोगों ने अपनी शर्ट और गमछे से आग बुझाने की कोशिश कर रहे थे।
21 लोगों की मौत का कारण पाया गया जाम दरवाजे :
गौरतलब हो कि जैसलमेर बस अग्निकांड में मौतों की संख्या अब 21 हो गई है। जोधपुर के महात्मा गांधी अस्पताल में भर्ती 10 वर्षीय यूनुस ने भी दम तोड़ दिया। जिसके बाद मृतकों का आंकड़ा बढ़ गया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इतनी बड़ी संख्या में मौत का मुख्य कारण बस का जाम हुआ दरवाजा था। बस में सिर्फ एक ही दरवाजा था और उसमें इमरजेंसी एग्जिट नहीं था। न ही खिड़की तोड़ने के लिए हथौड़े थे। जब बस में आग लगते ही ऑटोमैटिक डोर-लॉक सिस्टम एक्टिव हो गया। जिसने भागने के सभी रास्ते बंद कर दिए। जैसलमेर के ASP कैलाश दान ने बताया कि बस के गलियारे में ही अधिकतर शव मिले हैं। जिससे साफ है कि लोग भागने की कोशिश कर रहे थे। लेकिन दरवाजा अटक गया।
इस घटना पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस घटना को बहुत दुखद बताते हुए गहरी संवेदना व्यक्त किया। वही इस घटना की गहरी जांच के भी आदेश दिए हैं।
घटना मे ब्लास्ट होने की संभावना था इसीलिए कोई पास नहीं गया:
ज्ञात हो कि चश्मदीद जितेंद्र ने बताया कि बस इस कदर आग का गोला बन चुकी थी कि कोई भी आसपास जाने की हिम्मत नहीं कर पा रहा था। इस डर से कि कहीं वो ब्लास्ट न हो जाए। उन्होंने बताया कि घटना स्थल के पास आर्मी एरिया था, और सेना के जवान तेजी से मौके पर पहुंचे और पानी डालकर आग बुझाने का काम शुरू किया। बाद में दमकल की गाड़ियां आईं और आग पर काबू पाया गया। पुलिस के सूत्रों ने बताया कि आग की शुरुआत एसी कंप्रेसर में हुए एक तेज धमाके से हुई। जिसके बाद डीजल, एसी गैस और फाइबर से बने इंटीरियर ने आग को भीषण रूप दे दिया। यह एक नया रजिस्ट्रड वाहन था। जो अपनी चौथी यात्रा पर था।
बता दे कि हादसे के वक्त बस में सवार यात्रियों की संख्या 57 बताई जा रही थी। हालांकि हादसे के अगले दिन जैसलमेर के एक अधिकारी ने मिडिया को बताया कि बस में यात्रियों की संख्या 37 थी। जिनमें से 21 लोगों की मौत हो चुकी है और 15 गंभीर रूप से घायल हैं। 19 शव बुरी तरह जल चुके हैं। जैसलमेर ASP अभिषेक शिवहरे ने पुष्टि की है कि सभी 19 शवों को DNA सैंपलिंग और पहचान के लिए जोधपुर भेजा गया है। जो 24 घंटे में DNA रिपोर्ट लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। जिसके लिए जयपुर से चार डीएनए एक्सपर्ट की टीम जोधपुर पहुंची है।
बस से गायब रहे ड्राइवर से पुलिस कर रही पुछताछ :
अवगत हो कि पुलिस ने बस के ड्राइवर शौकत और खलासी इलियास को पूछताछ के लिए तलब किया है। जो घटना स्थल से गायब थे। साथ ही बुकिंग एजेंट लक्ष्मण से भी लगातार पूछताछ जारी है। दो मृतकों (सज्जनदास 38, और प्रवीण 34) के परिजनों से संपर्क करने की कोशिश की जा रही है। जो जयपुर के रेनवाल के बताए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने घायलों को बेहतरीन उपचार देने और उनके परिजनों को अस्पताल परिसर में ठहरने व भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
जैसलमेर की बस अग्निकांड से व्यथीत हो बोले प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की यह भयावह घटना पुरे देश को झकझोर करके रख दिया है। कहा कि मै घटना से सभी मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त कर्ता हूं।





