
गरबा करने के विरोध में छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने सौपा ज्ञापन कहा छत्तीसगढी संस्कृति ही हमारी पहचान है
खरोरा खड़, 19 सितम्बर 2025 : आने वाले नवरात्र पर्व के अवसर पर छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना (CKS) ने खरोरा में गरबा आयोजन के विरोध में तहसीलदार और थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपा। जिसमे क्रांति सेना ने कहा कि नवरात्र का पर्व छत्तीसगढ़ की अपनी विशिष्ट संस्कृति और परंपराओं से जुड़ा हुआ है। जिसमें सुवा नृत्य, कर्मा नृत्य, पंथी, ददरिया, राउत नाचा, सेवा जस गीत और माता के चरित्रण झांकी जैसी परंपराएं सदियों से चली आ रही हैं।
बता दे कि ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि गरबा गुजरात की संस्कृति है। जिसे छत्तीसगढ़ में थोपने की कोशिश की जा रही है। कई बार गरबा कार्यक्रमों में फिल्मी गानों का इस्तेमाल और अशोभनीय वस्त्रों में अंग-प्रदर्शन किया जाता है। जो नवरात्र जैसे पावन पर्व की गरिमा के विपरीत है और आने वाली पीढ़ी पर गलत प्रभाव पड़ता है।
ज्ञात हो कि आजकल के जमाने में गरबा से माता का अपमान बताते हुए। क्रांति सेना ने स्पष्ट किया कि वे किसी की संस्कृति का विरोध नहीं कर रहे। बल्कि संस्कृति के नाम पर फैल रही अश्लीलता और दिखावे का विरोध कर रहे हैं।
इस अवसर पर में जो मुख्य रूप से शामिल रहे। उन्मे छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना जिला उपाध्यक्ष लोकेश सतनामी, जिला मीडिया प्रभारी (जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी) सुमित ध्रुव, CKS खड़ अध्यक्ष राकेश सेन, JCP खड़ अध्यक्ष आशकरण साहू, उपाध्यक्ष मनोज वर्मा, IT प्रभारी पाइयश सोनवानी, रवि कुमार,भास्कर,होरी धीवर, हिम्मत बघेल,कोमल निर्मलकार,मिश्रीलाल निषाद, जीतेश,नविन गुप्ता, अजय वर्मा, तमाम सेनानी आदि मौजूद रहे।

वही छत्तीसगढीया क्रांति सेना ने एकजुट होकर स्पष्ट कहा कि आने वाले समय में यदि ऐसे आयोजनों पर रोक नहीं लगाये गये। तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।





