
कर्मचारियों को बडा झटका ईपीएफओ मे सरकार कर रही है ये बडा बदलाव
रायपुर, 31 जूलाई 2025 : पुरे देश में हर वर्ग के अयसे कर्मचारी जो ईपीएफओ मे खाताधारक है।जिसमे EPFO मे जो कि बहुचर्चित हाई पेंशन योजना मे सरकार की पूर्व सूचना के अनुसार हर वर्ग के कर्मचारी खुश होरहे थे। लेकिन अभी प्राप्त सूचना के अनुसार हाई पेंशन योजना के बारे में यह जानकर को लाखों कर्मचारियों को झटका लगा है।वो इसलिए क्योंकि अब केंद्र सरकार ने संसद में जानकारी दी है कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ईपीएफओ को मिली 15.24 लाख हाई पेंशन आवेदनों में से 11 लाख से अधिक खारिज कर दिए गए हैं।इसमे से केवल 4 लाख आवेदनों को ही स्वीकृति मिल पाई है। वही लगभग 21,995 आवेदन अभी प्रक्रिया में हैं।यह जानकारी केंद्र सरकार के द्वारा राज्यों के सरकार को जानकारी दिया है।
गौरतलब हो कि EPFO के खाताधारकों के लिए नई योजना के तहत हाई पेंशन योजना की विस्तृत जानकारी राज्यसभा में श्रम राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने बताया कि कुल आवेदनों में से 98.5% मामलों की जांच पूरी की जा चुकी है। लेकिन वही इनमें से ज्यादातर को मंजूरी नहीं मिल सकी। बात यह भी महत्वपूर्ण है कि इस योजना के सबसे ज्यादा आवेदन चेन्नई और पुडुचेरी क्षेत्र से खारिज किए गए नमाो की संख्या शामिल है। जिसमे कुल 63,026 आवेदन की जानकारी दी गई है ।
जाने यह आवेदन खारिज होने के मुल कारण :
बता दे कि मिली सूचना के अनुसार हाई पेंशन योजना के अंतर्गत इस संबंध में सरकार ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि इतनी बड़ी संख्या में आवेदन किस कारण से खारिज किए गए। न ही यह बताया गया है कि बाकी बचे आवेदनों की प्रक्रिया कब तक पूरी की जाएगी।इस तरह यह जानकारी पूरी तरह अस्पष्ट लगरहा है।
कुछ दिन पहले ही सुप्रीम कोर्ट के माध्यम से जगी थीं बडी उम्मीदें:
अवगत हो कि इस EPFO के तहत हाई पेंशन योजना को लेकर कर्मचारियों की उम्मीदें उस समय जगी थीं। जब सुप्रीम कोर्ट ने 4 नवंबर 2022 को यह फैसला सुनाते हुए कहा था। जिसमे कि अयसे कर्मचारी जो 1 सितंबर 2014 से पहले EPFO स्कीम में शामिल हुए और अब भी नौकरी में हैं। या फिर जो रिटायर हो चुके हैं। वे सभी पूरी सैलरी के आधार पर ही पेंशन पाने का विकल्प चुन सकते हैं।वही सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद से ही EPFO ने 26 फरवरी 2023 को हाई पेंशन के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू किया था । जिसमे अंतिम तिथि को पहले 3 मई और फिर बढ़ाकर 26 जून 2023 तक किया गया था । वही इसके अलावा नियोक्ताओं को भी अपने कर्मचारियों की सैलरी डिटेल्स अपलोड करने का मौका दिया गया था ।
ज्ञात हो कि सरकार के इस जानकारी के बाद अब इतने आवेदन खारिज होने से स्पष्ट है कि या तो प्रक्रिया की जानकारी स्पष्ट नहीं थी या फिर दस्तावेज और डेटा अपलोड में व्यापक त्रुटियाँ रहीं। इससे कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच असंतोष गहराने की आशंका बढ गया है।
अब जाने किनको मिलेगा इस योजना का लाभ :
संबंधित विभाग के द्वारा मिली जानकारी के अनुसार इस योजना का लाभ अयसे कर्मचारी जो 1 सितंबर 2014 से पहले EPF स्कीम में शामिल हुए हो। वर्तमान में नौकरी में हों या रिटायर हो चुके हों। सबसे बडी बात है कि जिन्होंने EPS में अपनी पूरी सैलरी के आधार पर योगदान दिया हो या देने की इच्छा जताई हो।वही इस योजना के पात्र माने जायेगें। इसके अलावा इस हाई पेंशन योजना स्कीम के तहत पेंशन की गणना कर्मचारी की कुल सेवा अवधि और योगदान की राशि के आधार पर की जायेगी। इससे ही उन्हें सामान्य EPS पेंशन से कहीं अधिक लाभ मिल सकता है।
जाने ये है EPS-95 स्कीम का महत्व :
इस योजना से जुडी अगली महत्वपूर्ण बात यह है कि EPS-95 यानी एम्प्लॉयी पेंशन स्कीम 1995, EPFO की एक अयसी योजना है। जिसके तहत संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद पेंशन दी जाती है। जो अब तक पेंशन 15,000 रुपए की अधिकतम सैलरी सीमा पर आधारित थी। इसपर वर्षों से विवाद चल रहा था। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद उम्मीद थी कि कर्मचारियों को वास्तविक सैलरी के आधार पर पेंशन मिल सकेगी।इस प्रकार अब बहुत से पेंशनधारकों के इस लाभ से वंचित होना पडे़गा जिसके लिए उसे मायुशी हाथ लगी। तो जीन लोगों को इस योजना के अंतर्गत शामिल पाये जाते हैं। उन्को खुशी बरकरार रहेगी।
इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए विभाग के वेबसाइट पर जाकर ले सकते हैं।





