
तिल्दा स्टेशन चौक स्थित माँ दुर्गा देवी मंदिर का 50वां स्थापना दिवस श्रद्धा व भक्ति के साथ मनाया गया
नीलकमल परिवार तिल्दा द्वारा भव्य आयोजन, हजारों श्रद्धालुओं ने लिया महाप्रसाद
तिल्दा-नेवरा: छत्तीसगढ़ के जिला रायपुर के क्षेत्र विकासखंड तिल्दा नेवरा स्टेशन चौक पर स्थित प्राचीन माँ दुर्गा देवी मंदिर का 50वां स्थापना दिवस मंगलवार को अत्यंत श्रद्धा, हर्षोल्लास और भक्तिमय वातावरण में मनाया गया। इस स्वर्ण जयंती अवसर पर नीलकमल परिवार तिल्दा द्वारा दिनभर विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
ज्ञात हो कि सुबह से ही मंदिर प्रांगण में धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत हो गई थी। विधि-विधान से विशेष पूजा-अर्चना, दुर्गा सप्तशती पाठ एवं हवन का आयोजन किया गया। इसके बाद माँ दुर्गा की महाआरती संपन्न हुई, जिसमें नीलकमल परिवार सहित नगर के गणमान्य नागरिकों और श्रद्धालुओं ने भाग लेकर माँ का आशीर्वाद प्राप्त किया। आरती के पश्चात श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया।
स्थापना दिवस के अवसर पर मंदिर परिसर को फूलों और आकर्षक विद्युत सज्जा से सजाया गया था, जिससे पूरा क्षेत्र भक्ति और उत्सव के रंग में रंगा नजर आया। दोपहर में ब्राह्मण एवं कन्या भोज का आयोजन किया गया। इसके साथ ही आम श्रद्धालुओं के लिए विशाल भोजन भंडारा रखा गया, जिसमें हजारों लोगों ने महाप्रसाद ग्रहण किया।
बता दे कि रात्रि में मंदिर के सामने भव्य भजन संध्या का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आमंत्रित प्रसिद्ध भजन गायकों ने अपनी मधुर वाणी में माँ दुर्गा और श्री श्याम के भजन प्रस्तुत कर वातावरण को पूर्णतः भक्तिमय बना दिया। भजनों की प्रस्तुति पर श्रद्धालु झूम उठे और “जय माता दी” तथा “श्याम बाबा की जय” के जयकारों से पूरा परिसर गूंज उठा।
भजन संध्या के दौरान जब होली का विशेष भजन प्रस्तुत किया गया तो भक्तों ने एक-दूसरे पर फूलों की वर्षा कर आनंद और उत्साह का इजहार किया। यह दृश्य अत्यंत मनोहारी और भावुक कर देने वाला था। देर रात तक चले इस आयोजन में नगर और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
इस अवसर पर नीलकमल परिवार के सदस्यों ने बताया कि माँ दुर्गा मंदिर की स्थापना को 50 वर्ष पूर्ण होने पर यह आयोजन विशेष रूप से किया गया है। उनका उद्देश्य धार्मिक परंपराओं को आगे बढ़ाना और समाज में आपसी प्रेम व सौहार्द को मजबूत करना है।
समूचे कार्यक्रम के सफल आयोजन में स्थानीय श्रद्धालुओं, युवाओं और समाजसेवियों का विशेष योगदान रहा। 50वें स्थापना दिवस का यह आयोजन नगरवासियों के लिए अविस्मरणीय बन गया।




